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बंदी की मौत के प्रकरण में पुलिस कर्मियों के खिलाफ होगी कुर्की की कार्यवाही....
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बक्शा पुलिस की अभिरक्षा में हुई कृष्णा यादव उर्फ पुजारी की मौत के मामले को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कृष्णा यादव की मौत और उनके घर में लूटपाट के मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई की विवेचना को असंतोषजनक बताते हुए सख्त निर्देश जारी किया है। साथ ही अगली सुनवाई के लिए 29 नवंबर 2021 तिथि नियत की है।
कृष्णा यादव के भाई अजय द्वारा किए गए अधिवक्ता डा. गजेंद्र सिंह यादव के मुताबिक हाईकोर्ट में 10 नवंबर को इस मामले को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें सीबीआई की ओर से तर्क दिया गया है कि आरोपियों के पते पर छापा मारा जा रहा है। उनके सीडीआर आदि से लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी का भरसक प्रयास किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ठोस कदम उठाया जाए। आरोपियों की संपत्ति की कुर्की के लिए नोटिस व अन्य कानूनी प्रावधानों का अनुपालन शीघ्रता से किया जाए। विदित हो कि 11 फरवरी 2021 को बक्शा थाना क्षेत्र के चकमिर्जापुर निवासी कृष्णा यादव उर्फ पुजारी को तत्कालीन एसओजी टीम व एसओ बक्शा और उनके हमराहियों ने घर से पकड़ा और थाने ले गए थे। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिवार वालों को भी उससे मिलने नहीं दिया गया। सुबह घरवालों को पता चला कि उसकी हिरासत में मौत हो गई। इस मामले में अगले दिन कृष्ण कुमार के भाई अजय कुमार यादव ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। विवेचना में तत्कालीन थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह और एसओजी प्रभारी पर्व कुमार सिंह, पुलिसकर्मी कमल बिहारी बिंद, जितेंद्र सिंह, राजकुमार वर्मा, श्वेत प्रकाश सिंह, राजन सिंह, जयशील प्रसाद तिवारी और अंगद प्रसाद चौधरी का नाम प्रकाश में आया लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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कृष्णा यादव के भाई अजय द्वारा किए गए अधिवक्ता डा. गजेंद्र सिंह यादव के मुताबिक हाईकोर्ट में 10 नवंबर को इस मामले को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें सीबीआई की ओर से तर्क दिया गया है कि आरोपियों के पते पर छापा मारा जा रहा है। उनके सीडीआर आदि से लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी का भरसक प्रयास किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ठोस कदम उठाया जाए। आरोपियों की संपत्ति की कुर्की के लिए नोटिस व अन्य कानूनी प्रावधानों का अनुपालन शीघ्रता से किया जाए। विदित हो कि 11 फरवरी 2021 को बक्शा थाना क्षेत्र के चकमिर्जापुर निवासी कृष्णा यादव उर्फ पुजारी को तत्कालीन एसओजी टीम व एसओ बक्शा और उनके हमराहियों ने घर से पकड़ा और थाने ले गए थे। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिवार वालों को भी उससे मिलने नहीं दिया गया। सुबह घरवालों को पता चला कि उसकी हिरासत में मौत हो गई। इस मामले में अगले दिन कृष्ण कुमार के भाई अजय कुमार यादव ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। विवेचना में तत्कालीन थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह और एसओजी प्रभारी पर्व कुमार सिंह, पुलिसकर्मी कमल बिहारी बिंद, जितेंद्र सिंह, राजकुमार वर्मा, श्वेत प्रकाश सिंह, राजन सिंह, जयशील प्रसाद तिवारी और अंगद प्रसाद चौधरी का नाम प्रकाश में आया लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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