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दुकान में घुसते ही तान दिया असलहा, कहा: चुपचाप बैठो वरना गोली मार देंगे
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26- पवारा बाजार में सर्राफा व्यवसायी की दूकान से असलहे के बल लूट करते बदमाश।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। पंवारा बाजार में आभूषण की दुकान में डकैती फिल्मी अंदाज में और दुस्साहसिक ढंग से अंजाम दी गई। हेलमेट से चेहरा ढके बदमाशों ने दुकान में घुसते ही असलहा तान कर सबको काबू में कर लिया और सीधे तिजोरी खोल कर गहने समेटे और चले गए। बाहर निकलते वक्त दूसरे साथी ने उससे पूछकर यह इत्मीनान भी किया कि वह बाक्स मिल गया। इसमें महज 30 सेकेंड लगे। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि डकैती में किसी परिचित का भी हाथ है।
सुबह 11.15 बजे तीन बाइक से छह की संख्या में आए डकैतों ने पहचान छिपाने के लिए मास्क और हेलमेट पहन रखा था। उनकी उम्र 25-30 वर्ष के बीच आंकी गई है। बाइक से उतरते ही वह दुकान के अंदर की तरफ बढ़े और कमर के पास से असलहा निकालते हुए हवाई फायरिंग शुरू कर दी। दो फायर करने के बाद एक बदमाश असलहा तानते हुए तेजी से अमरनाथ सेठ की ओर बढ़ा। काउंटर पर रखे बाक्स से आभूषण जेब में भरने लगा। वह काउंटर के निचले हिस्से की ओर झुककर कुछ तलाश रहा था। तभी दूसरे बदमाश ने काउंटर के दूसरे छोर पर बैठे अमन सेठ को गन प्वाइंट पर लेते हुए झोला अंदर की ओर फेंका। डर के मारे अमन काउंटर से हट गया तो दूसरा बदमश झटके से अंदर आया और तिजोरी खोलकर अंदर रखे आभूषणों के बॉक्स निकालने लगा। जैसे ही दो बक्से उसके हाथ आए वह अन्य साथियों को सूचित करते हुए बाहर की ओर भागा। अमरनाथ सेठ को गन प्वाइंट पर लिए बदमाश भी तुरंत बाहर की ओर निकलने लगा। बाहर आने से पहले उसने अपने साथी से आभूषण से भरा बाक्स हाथ लगने के बारे में पूछा। जवाब हां में मिलने के बाद सभी असलहा लहराते हुए बाइक पर सवार होकर मुंगराबादशाहपुर की ओर भाग गए। वारदात के दौरान दुकान में मौजूद ग्राहक भी सहमे रहे। महिलाओं इधर-उधर हटने की कोशिश की तो बदमाशों ने उन्हें गोली मारने की चेतावनी देते हुए जहां का तहां बैठे रहने को कहा।
नौ माह पहले इसी अंदाज में महालक्ष्मी ज्वेलर्स में हुई डकैती
जौनपुर। नौ माह पहले शहर के सिविल लाइंस इलाके में महालक्ष्मी ज्वेलर्स में भी पंवारा बाजार की ही तरह डकैती हुई थी। अंतर इतना है कि पुलिस ऑफिस के ठीक पीछे स्थित इस दुकान में रात में दुकान बंद करते समय डकैत पहुंचे थे जबकि पंवारा के एस ज्वेलर्स के यहां बदमाश दिन में सवा 11 बजे दुकान खुलने के कुछ देर बाद ही पहुंच गए।
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महालक्ष्मी ज्वेलर्स में हुई डकैती का खुलासा करने का दवा पुलिस कर दिया है लेकिन खुलासे पर सवाल उठते रहे हैं। अब उसी अंदाज में पंवारा में हुई डकैती ने पुलिस के खुलासे पर संदेह पैदा कर दिया है। 31 अक्टूबर की रात तीन बाइक से सवार नौ डकैत महालक्ष्मी ज्वेलर्स पहुंचे थे। उनमें से कुछ न हेलमेट लगा रखा और कुछ न गमछे से मुंह बांध रखा था। वे फायरिंग करते हुए तेजी से दुकान में घुसे और दुकानदार पर असलहा तान दिया। विरोध करने पर दुकानदार को असलहे के बट मारकर घायल कर दिया और गहने समेटकर चलते बने। इसमें उनको महज 3 से 4 मिनट लगे। पुलिस ने 15 नवंबर को इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर भेजा लेकिन लूट का माल नहीं बरमाद किया गया। करीब एक माह बाद मऊ में पकड़े गए कुछ बदमाशों ने इस डकैती में शामिल होने की बात स्वीकार की। तब से मामले के पर्दाफाश पर सवाल उठते रहे हैं और पुलिस किसी का जवाब नहीं दे पाई है।
लूट और डकैती का ‘31’ कनेक्शन
जौनपुर। सराफा व्यापारियों के साथ लूट का भी अजब संयोग है। 31 तारीख उनके लिए शुभ नहीं साबित हो रही। इस तारीख को पहले भी व्यापारियों से लूट की घटनाएं हो चुकी हैं। 31 अक्टूबर 2018 को बक्शा थाना क्षेत्र के बसालतपुर में हौसलाबुलंद बदमाशों ने हीरा व्यवसाई से 1.70 करोड़ की लूट की थी। बक्शा के ही सुल्तानपुर गांव निवासी लोकेश दुबे को बदमाशों ने कारोबार के सिलसिले में वाराणसी से लौटते समय बसालतपुर के पास लूट लिया था। इसके ठीक एक साल बाद 31 अक्टूबर 2019 को शहर के सिविल लाइंस स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स में एक करोड़ से अधिक की लूट को दुस्साहसिक ढंग से अंजाम दिया गया। इस बार फिर 31 तारीख को ही पंवारा में सराफा दुकान में लूट की वारदात हुई है। बार-बार 31 तारीख को ही हो रही इन घटनाओं से सराफा व्यापारी सहमे हुए हैं।
दोपहर बाद आईजी भी पहुंचे पंवारा
मुंगराबादशाहपुर। सराफा की दुकान में दुस्साहसिक लूट की वारदात के बाद आईजी विजय सिंह मीना भी अपराह्न तीन बजे पंवारा पहुंचे। दुकानदार और उसके परिवार के सदस्यों से पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने सीसी टीवी कैमरे के विभिन्न एंगल का फुटेज भी देखा। एसपी अशोक कुमार को तेज तर्रार अफसरों की टीम लगाकर शीघ्र खुलासे का निर्देश दिया।
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सुबह 11.15 बजे तीन बाइक से छह की संख्या में आए डकैतों ने पहचान छिपाने के लिए मास्क और हेलमेट पहन रखा था। उनकी उम्र 25-30 वर्ष के बीच आंकी गई है। बाइक से उतरते ही वह दुकान के अंदर की तरफ बढ़े और कमर के पास से असलहा निकालते हुए हवाई फायरिंग शुरू कर दी। दो फायर करने के बाद एक बदमाश असलहा तानते हुए तेजी से अमरनाथ सेठ की ओर बढ़ा। काउंटर पर रखे बाक्स से आभूषण जेब में भरने लगा। वह काउंटर के निचले हिस्से की ओर झुककर कुछ तलाश रहा था। तभी दूसरे बदमाश ने काउंटर के दूसरे छोर पर बैठे अमन सेठ को गन प्वाइंट पर लेते हुए झोला अंदर की ओर फेंका। डर के मारे अमन काउंटर से हट गया तो दूसरा बदमश झटके से अंदर आया और तिजोरी खोलकर अंदर रखे आभूषणों के बॉक्स निकालने लगा। जैसे ही दो बक्से उसके हाथ आए वह अन्य साथियों को सूचित करते हुए बाहर की ओर भागा। अमरनाथ सेठ को गन प्वाइंट पर लिए बदमाश भी तुरंत बाहर की ओर निकलने लगा। बाहर आने से पहले उसने अपने साथी से आभूषण से भरा बाक्स हाथ लगने के बारे में पूछा। जवाब हां में मिलने के बाद सभी असलहा लहराते हुए बाइक पर सवार होकर मुंगराबादशाहपुर की ओर भाग गए। वारदात के दौरान दुकान में मौजूद ग्राहक भी सहमे रहे। महिलाओं इधर-उधर हटने की कोशिश की तो बदमाशों ने उन्हें गोली मारने की चेतावनी देते हुए जहां का तहां बैठे रहने को कहा।
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नौ माह पहले इसी अंदाज में महालक्ष्मी ज्वेलर्स में हुई डकैती
जौनपुर। नौ माह पहले शहर के सिविल लाइंस इलाके में महालक्ष्मी ज्वेलर्स में भी पंवारा बाजार की ही तरह डकैती हुई थी। अंतर इतना है कि पुलिस ऑफिस के ठीक पीछे स्थित इस दुकान में रात में दुकान बंद करते समय डकैत पहुंचे थे जबकि पंवारा के एस ज्वेलर्स के यहां बदमाश दिन में सवा 11 बजे दुकान खुलने के कुछ देर बाद ही पहुंच गए।
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महालक्ष्मी ज्वेलर्स में हुई डकैती का खुलासा करने का दवा पुलिस कर दिया है लेकिन खुलासे पर सवाल उठते रहे हैं। अब उसी अंदाज में पंवारा में हुई डकैती ने पुलिस के खुलासे पर संदेह पैदा कर दिया है। 31 अक्टूबर की रात तीन बाइक से सवार नौ डकैत महालक्ष्मी ज्वेलर्स पहुंचे थे। उनमें से कुछ न हेलमेट लगा रखा और कुछ न गमछे से मुंह बांध रखा था। वे फायरिंग करते हुए तेजी से दुकान में घुसे और दुकानदार पर असलहा तान दिया। विरोध करने पर दुकानदार को असलहे के बट मारकर घायल कर दिया और गहने समेटकर चलते बने। इसमें उनको महज 3 से 4 मिनट लगे। पुलिस ने 15 नवंबर को इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर भेजा लेकिन लूट का माल नहीं बरमाद किया गया। करीब एक माह बाद मऊ में पकड़े गए कुछ बदमाशों ने इस डकैती में शामिल होने की बात स्वीकार की। तब से मामले के पर्दाफाश पर सवाल उठते रहे हैं और पुलिस किसी का जवाब नहीं दे पाई है।
लूट और डकैती का ‘31’ कनेक्शन
जौनपुर। सराफा व्यापारियों के साथ लूट का भी अजब संयोग है। 31 तारीख उनके लिए शुभ नहीं साबित हो रही। इस तारीख को पहले भी व्यापारियों से लूट की घटनाएं हो चुकी हैं। 31 अक्टूबर 2018 को बक्शा थाना क्षेत्र के बसालतपुर में हौसलाबुलंद बदमाशों ने हीरा व्यवसाई से 1.70 करोड़ की लूट की थी। बक्शा के ही सुल्तानपुर गांव निवासी लोकेश दुबे को बदमाशों ने कारोबार के सिलसिले में वाराणसी से लौटते समय बसालतपुर के पास लूट लिया था। इसके ठीक एक साल बाद 31 अक्टूबर 2019 को शहर के सिविल लाइंस स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स में एक करोड़ से अधिक की लूट को दुस्साहसिक ढंग से अंजाम दिया गया। इस बार फिर 31 तारीख को ही पंवारा में सराफा दुकान में लूट की वारदात हुई है। बार-बार 31 तारीख को ही हो रही इन घटनाओं से सराफा व्यापारी सहमे हुए हैं।
दोपहर बाद आईजी भी पहुंचे पंवारा
मुंगराबादशाहपुर। सराफा की दुकान में दुस्साहसिक लूट की वारदात के बाद आईजी विजय सिंह मीना भी अपराह्न तीन बजे पंवारा पहुंचे। दुकानदार और उसके परिवार के सदस्यों से पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने सीसी टीवी कैमरे के विभिन्न एंगल का फुटेज भी देखा। एसपी अशोक कुमार को तेज तर्रार अफसरों की टीम लगाकर शीघ्र खुलासे का निर्देश दिया।

24- पवारा बाजार में सर्राफा व्यवसायी के यहां बदमाशों द्वारा हुई लूट की घटना के बाद भयभीत बैठा व्यवस- फोटो : JAUNPUR