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सड़कों पर धूल के कारण बिगड़ा शहर का एक्यूआई

Fri, 15 Oct 2021 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 12:09 AM IST
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AQI of the city deteriorated due to dust on the roads
शहर में इस समय वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) बिगड़ रहा है। शहर की कुछ सड़कें और निर्माणाधीन हाइवे पर स्थिति ज्यादा खराब है। वाहनों की आवाजाही के दौरान उड़ने वाले धूल के कण लोगों के आंखों में पड़ते रहते हैं। इसके अलावा सांस लेने के दौरान शरीर के अंदर भी धूल के कण चले जाते हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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शहर में अमृत योजना के तहत सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। इसके चलते शहर की अधिकांश सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। इसमें मुख्य रूप से रासमंडल चौक से होटल रिवरव्यू मार्ग, मियांपुर से रासमंडल आदि मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा लापरवाही के कारण जेसीज चौराहे से टीडी कालेज मार्ग भी खोदकर छोड़ दिया गया है, जबकि रोडवेज से जेल रोड और जोगियापुर से कलेक्ट्रेट तक भी सड़क का यही हाल है। हालांकि जोगियापुर में जेल के पीछे से लेकर कलेक्ट्रेट तक सीमेंटेड सड़क बनाई गई है। यह सड़क बनने के बाद बालू और धूल के कण वाहनों की आवाजाही के दौरान उड़ते हैं, जो लोगों की आंखों में लगते हैं। निर्माणाधीन लखनऊ-वाराणसी हाइवे और सीहीपुर से फतेहगंज तक मार्ग पर धूल के कण लोगों की आंखों में लगते हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रही सही कसर छोटी-बड़ी गाड़ियों से निकलने वाला धुआं पूरा कर दे रहा है। वाहनों से निकलने वाले धुएं भी लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाल रहे हैं। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करीब एक साल से कहीं भी एयर क्वालिटी इंडेक्स नहीं लिया है। बोर्ड ने आखिरी बार दिसंबर 2020 में एयर क्वालिटी इंडेक्स जारी किया था, जिसमें वायु प्रदूषण के मामले में जनपद प्रदेश में 8वें स्थान पर था, क्योंकि उस समय एयर क्वालिटी इंडेक्स 306 दर्ज किया गया था।
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धूल के कण आंख को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस कारण हेलमेट या चश्मा जरूर लगाएं। कल ही मेरे पास एक मरीज आया था, जिसकी आंख में धूल के कण चिपक गए थे। यदि ऐसा हो तो इधर-उधर न भटकें। सीधे विशेषज्ञ चिकित्सक के पास जाएं। -डा. बीके यादव, नेत्र रोग विशेषज्ञ।
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प्रदेश के 17 प्रदूषण प्रभावित जिलों में जौनपुर का नाम नहीं है। यहां पिछले साल दो स्थानों पर स्थिति गड़बड़ हुई थी। शिकायत मिलेगी तो टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। - कालिका सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वाराणसी।
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