केस दर्ज होने के बाद भी सभासद व उसके सहयोगी को गिरफ्तार नहीं किए जाने से नाराज पालिका कर्मी मंगलवार से बेमियादी धरना पर बैठ गए। इस दौरान सभासद व उसके सहयोगी को गिरफ्तार करने की आवाज बुलंद की गई। इस वजह से नगर के सफाई और पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे सड़कों व मोहल्लों में गंदगी का अंबार लग गाया है। वहीं पेयजल के लिए नगरवासियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
बीते 5 नवंबर की रात लगभग 11 बजे गेट खोलने को लेकर सभासद सूर्य लाल जायसवाल एवं उसके सहयोगी की ओर से ड्यूटी पर तैनात नगर पालिका कर्मी रामजी पटेल के साथ मारपीट करने और लागबुक फाड़कर फेंकने आदि को लेकर घटना हुई थी। इसके बाद पीड़ित पालिका कर्मी ने पुलिस को तहरीर देकर सभासद व उनके सहयोगी पर मारने पीटने और लॉग बुक फाड़कर फेंकने आदि का आरोप लगाया था। पीड़ित कर्मचारी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज लिया, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं करने पर नगर पालिका कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए थे, इसकी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष शिव गोविन्द साहू ने 15 नवंबर तक दोषियों पर कार्यवाही कराने का आश्वासन देकर धरना प्रदर्शन को स्थगित करा दिया था। लेकिन तय तिथि समाप्त हो जाने के बाद भी सभासद व उसके सहयोगी के नहीं पकड़े जाने पर नगर पालिका कर्मी मंगलवार से कार्य बहिष्कार और नारेबाजी करते हुए अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठने वालों में अवर अभियंता सिविल हरिजी वर्मा , अवर अभियंता जल शिवानंद वास्को ,राजस्व निरीक्षक रामानुज शुक्ला, लिपिक ज्ञान प्रकाश पटेल, बृज किशोर यादव, ओमकार नाथ मिश्रा,होरी लाल,शहजाद आलम, भरत लाल,दीपक रजक, चांद बाबू आदि कर्मचारी रहे।