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Jaunpur News: गूजरताल में बनेगा आईलैंड, चलेगी मोटर बोट
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जौनपुर। खेतासराय स्थित खुदौली गूजरताल के कायाकल्प के लिए वन विभाग के 50 लाख के प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिल गई है। बजट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। इससे जिले के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यहां पक्षियों के लिए आईलैंड बनाया जाएगा। साथ झील की खोदाई करके मोटर बोट चलाई जाएगी। वन विभाग की ओर से वेटलैंड का पारिस्थितिकीय एवं अवस्थापना विकास योजना के तहत इसका विकास कार्य करना है। इसमें छह हेक्टेयर क्षेत्र की सफाई व सर्वे सीमांकन एवं सर्वेक्षण किया जाना है। यहां पर मौजूद झील से सील्ट खोदाई साढ़े सात लाख की लागत से, आईलैंड का निर्माण पांच लाख, निकाली गई मिट्टी से बंधा, नेचर ट्रेल का निर्माण दो किमी तक ढाई लाख रुपये होना हैं।
सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादन केंद्र बंद- खेतासराय नगर से तीन किलोमीटर दूर खुदौली गावं में स्थित गूजर ताल में 989 बीघा का जल क्षेत्र मत्स्य पालन के लिए व 10 बीघा में मत्स्य हैचरी है। वर्ष 2005 में मत्स्य हैचरी को घाटे में दिखा कर प्रदेश सरकार ने यहां मत्स्य उत्पादन बंद कर दिया।
गूजर ताल को वर्ष 1957 में मत्स्य प्रक्षेत्र घोषित किया गया था। लंबा जल क्षेत्र व आबादी से दूर होने के कारण इस ताल में पूर्व के वर्षों में ठंड के मौसम में साइबेरियन पक्षियों की आवक होती थी। परंतु शिकारियों की कुदृष्टि के चलते मेहमान परिंदों ने अपना रास्ता बदल दिया है।
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पांच माह पहले गूजरताल के सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें 50 लाख रुपये काम कराया जाना है। इसमें पक्षियों के लिए आईलैंड व पर्यटकों के लिए मोटर बोट चलाने की प्लानिंग है। इसके लिए सहमति मिल गई है। जल्द बजट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। -सरफराज अहमद, प्रभारी डीएफओ।
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सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादन केंद्र बंद- खेतासराय नगर से तीन किलोमीटर दूर खुदौली गावं में स्थित गूजर ताल में 989 बीघा का जल क्षेत्र मत्स्य पालन के लिए व 10 बीघा में मत्स्य हैचरी है। वर्ष 2005 में मत्स्य हैचरी को घाटे में दिखा कर प्रदेश सरकार ने यहां मत्स्य उत्पादन बंद कर दिया।
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गूजर ताल को वर्ष 1957 में मत्स्य प्रक्षेत्र घोषित किया गया था। लंबा जल क्षेत्र व आबादी से दूर होने के कारण इस ताल में पूर्व के वर्षों में ठंड के मौसम में साइबेरियन पक्षियों की आवक होती थी। परंतु शिकारियों की कुदृष्टि के चलते मेहमान परिंदों ने अपना रास्ता बदल दिया है।
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पांच माह पहले गूजरताल के सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें 50 लाख रुपये काम कराया जाना है। इसमें पक्षियों के लिए आईलैंड व पर्यटकों के लिए मोटर बोट चलाने की प्लानिंग है। इसके लिए सहमति मिल गई है। जल्द बजट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। -सरफराज अहमद, प्रभारी डीएफओ।