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एसटीपी मामले की जांच पूरी करके एक माह में रिपोर्ट देने का मांगा आखिरी मौका

Fri, 31 Dec 2021 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 31 Dec 2021 12:15 AM IST
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After completing the investigation of the STP case, sought the last chance to submit the report in a month
पंचहटियां स्थित निर्माणाधीन एसटीपी की फोटो। संवाद - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। विधान परिषद की समिति में अमृत योजना और नमामि गंगे परियोजना में हुए खेल का मामला तूल पकड़ रहा है। विधान परिषद की अंकुश समिति में इसे लेकर दो दिन पहले तीसरी बार बैठक हुई। इसमें जिला प्रशासन की रिपोर्ट को आधार मानते हुए उच्च स्तरीय तकनीकी जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर दी है। उत्तर प्रदेश जल निगम अमृत निदेशालय के निदेशक अनुराग यादव ने एक माह में जांच कराकर पूरी रिपोर्ट देने की बात कही, जिस पर समिति ने मोहलत दी है।
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अमृत योजना के तहत 264 करोड़ रुपये की लागत से शहर में करीब 400 किमी सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। 30 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) की क्षमता की 234 करोड़ की लागत से एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापना हो रही है। जिसमें बड़े पैमाने पर खेल किए जाने का आरोप लगाते हुए स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता ने विधान परिषद में इसकी शिकायत की थी। दो दिन पहले समिति ने तीसरी बैठक बुलाई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि सभी मानकों को ताक पर रखकर दोनों प्रोजेक्ट में मनमाने तरीके से ड्राइंग और डिजाइन के विपरीत कार्य किया गया है। साथ ही गुणवत्ताहीन सामग्री का प्रयोग किया गया है। समिति द्वारा शिकायत के बाबत पूछे जाने पर उत्तर प्रदेश जल निगम अमृत निदेशालय के निदेशक अनुराग यादव व उत्तर प्रदेश नमामि गंगे के सचिव सुशील पटेल समेत समस्त उच्चाधिकारी किसी भी बिंदु पर कोई संतोषजनक उत्तर देने की स्थिति में नहीं रहे। बैठक में दोनों प्रोजेक्ट से संबंधित डीपीआर के बारे में जानकारी मांगे जाने पर प्रदेश के सभी आला अधिकारी बगले झांकते नजर आए। हालांकि बैठक में जिला प्रशासन जौनपुर द्वारा भेजी गई रिपोर्ट की भी चर्चा की गई, जिसमें स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि दोनों प्रोजेक्ट में बेहद गंभीर रूप से अनियमितताएं है। प्रदेश के आला अधिकारियों द्वारा अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए बार-बार दो माह का समय मांगा जा रहा था। इस रिपोर्ट को आधार मानकर समिति के सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसू ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए सिर्फ एक माह का समय देने की बात कही। समिति ने उत्तर प्रदेश नगर विकास सचिव व अमृत योजना के निदेशक अनुराग को इस पूरे मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए एक माह का समय दिया है। यह जांच अनुराग यादव के नेतृत्व में प्रदेश की 4 सदस्यीय उच्चस्तर की कमेटी करेगी, जिसमें तीन प्रशासनिक अधिकारी व स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता सदस्य होंगे।
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समिति ने इस मुद्दे को लेकर तीसरी बार बैठक बुलाई थी। शिकायतकर्ता की भी बात सुनी। इसके बाद, अधिकारियों से भी उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन वे स्पष्ट तौर पर जवाब नहीं दे पाए। वहीं, जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर उच्च स्तरीय तकनीकी टीम गठित करके एक माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है। - विद्या सागर सोनकर, सभापति, विधान परिषद अंकुश/जांच समिति
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