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एडीओ पंचायत व खंड शिक्षा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि
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जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बुधवार को क्षेत्र के अमिहित गांव में चौपाल लगाई। इसमें योजनाओं के सत्यापन की पूरी तैयारी न कर पाने पर खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र बहादुर सिंह व एडीओ पंचायत राम अवध को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने कोटेदार व आपूर्ति निरीक्षक के खिलाफ जांच के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कोटे की दुकान की शिकायत पर एसडीएम चंद्र प्रकाश पाठक को निर्देश दिया कि गांव में अधिकारियों की टीम बनाकर ग्रामीणों का बयान दर्ज करें। शिकायत सही पाए जाने पर कोटेदार और सप्लाई इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने वृद्धा, निराश्रित, दिव्यांग, शौचालय, आवास की समीक्षा की। इसमें 60 फीसदी ग्रामीणों ने शिकायत की कि उनके पास न तो आवास है और न ही शौचालय। गांव का सामुदायिक शौचालय भी अधूरा है। अभी तक टैंक ही बना है। लोग शौच के लिए सड़क और खेतों में जाते हैं। इतना सुनते ही जिलाधिकारी नाराज हो गए और बीडीओ को निर्देश दिया कि एक-एक घर का सर्वे कराएं। इसके बाद डीएम ने पीएम सम्मान निधि, कृषि, सप्लाई,, विद्युत, टीकाकरण अभियान की समीक्षा की। इसमें कोटेदार के खिलाफ कम राशन देने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने उपजिलाधिकारी से अधिकारियों की टीम बनाकर जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा। उन्होंने पिछले वित्त आयोग से कराए गए कार्यों की ग्रामीणों के माध्यम से समीक्षा कराई, जिसमें सभी सही साबित हुए। गांव के प्रधान के पति अरविंद सिंह ने गांव आने वाले मुख्य मार्ग और तालाब के सुदृढ़ीकरण की मांग की। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने गांव में पौधरोपण किया। सीडीओ अनुपम शुक्ला सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद डीएम कृषि विज्ञान केंद्र अमिहित पहुंचे। उन्होंने निर्माणाधीन प्रशासकीय भवन का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया। इसके बाद चहारदीवारी के निर्माण की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने यहां भी पौधरोपण कर ट्री-गार्ड लगाने का निर्देश दिया।
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जिलाधिकारी ने कोटे की दुकान की शिकायत पर एसडीएम चंद्र प्रकाश पाठक को निर्देश दिया कि गांव में अधिकारियों की टीम बनाकर ग्रामीणों का बयान दर्ज करें। शिकायत सही पाए जाने पर कोटेदार और सप्लाई इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने वृद्धा, निराश्रित, दिव्यांग, शौचालय, आवास की समीक्षा की। इसमें 60 फीसदी ग्रामीणों ने शिकायत की कि उनके पास न तो आवास है और न ही शौचालय। गांव का सामुदायिक शौचालय भी अधूरा है। अभी तक टैंक ही बना है। लोग शौच के लिए सड़क और खेतों में जाते हैं। इतना सुनते ही जिलाधिकारी नाराज हो गए और बीडीओ को निर्देश दिया कि एक-एक घर का सर्वे कराएं। इसके बाद डीएम ने पीएम सम्मान निधि, कृषि, सप्लाई,, विद्युत, टीकाकरण अभियान की समीक्षा की। इसमें कोटेदार के खिलाफ कम राशन देने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने उपजिलाधिकारी से अधिकारियों की टीम बनाकर जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा। उन्होंने पिछले वित्त आयोग से कराए गए कार्यों की ग्रामीणों के माध्यम से समीक्षा कराई, जिसमें सभी सही साबित हुए। गांव के प्रधान के पति अरविंद सिंह ने गांव आने वाले मुख्य मार्ग और तालाब के सुदृढ़ीकरण की मांग की। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने गांव में पौधरोपण किया। सीडीओ अनुपम शुक्ला सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद डीएम कृषि विज्ञान केंद्र अमिहित पहुंचे। उन्होंने निर्माणाधीन प्रशासकीय भवन का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया। इसके बाद चहारदीवारी के निर्माण की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने यहां भी पौधरोपण कर ट्री-गार्ड लगाने का निर्देश दिया।
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