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वायरल लेटर की जांच करने तहसील पहुंचे एडीएम, आरोप को बताया निराधार-बोले: कोई निजी कर्मचारी नहीं करता काम

Sat, 07 Sep 2024 03:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2024 03:08 AM IST
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ADM reached tehsil to investigate the viral letter, called the allegation baseless and said: No private employee works
शाहगंज। तहसील परिसर में निजी कर्मचारी का घूस का पैसा दिलाने की मांग का लेटर वायरल होने के बाद शुक्रवार को एडीएम राम अछैबर चौहान जांच करने तहसील पहुंचे। जांच के बाद एडीएम ने कहा कि तहसील परिसर में कोई निजी कर्मचारी काम नहीं करता। जबकि अधिवक्ताओं का कहना था कि बगैर निजी कर्मचारी के कोई काम नहीं होता। यहां 30 से 40 निजी कर्मचारी काम करते हैं। बृहस्पतिवार की शाम तहसील परिसर में नायब तहसीलदार कार्यालय में खुद को निजी कर्मचारी बताते हुए डीएम से घूस का पैसा दिलाने की मांग का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल पत्र में नायब तहसीलदार लपरी को लेकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। पत्र भेजने वाले निजी कर्मचारी ने अन्य कर्मचारियों को एक हजार और अपने आप को 500 रुपये देने की बात कही थी। मामला संज्ञान में आने के बाद शुक्रवार को एडीएम राम अछैबर चौहान तहसील पहुंचे। एडीएम ने मामले की जांच की। पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि वायरल लेटर फर्जी हैं। जांच की जा रही है। तहसील में कार्यरत अधिकारियों के पास कोई भी निजी कर्मचारी नहीं नियुक्त है। जबकि तहसील के अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील में निजी कर्मचारियों की भरमार है। तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है। कोई भी उच्चाधिकारी जांच के लिए आता है तो उसके पहले ही निजी कर्मचारियों को मौके से हटा दिया जाता है। अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव का कहना है कि तहसील परिसर स्थित सभी कार्यालय में निजी कर्मचारी लगे हैं। तहसील परिसर में राजाराम नाम का प्राइवेट कर्मचारी भी मौजूद हैं। एडीएम को इसके बारे में बताया गया। लेकिन उन्होंने कहा कि कोई निजी कर्मचारी तहसील कार्यालय में काम नहीं करता है।
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अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि तहसील परिसर में चालीस प्रतिशत कर्मचारी निजी हैं। तहसील परिसर में राजाराम नाम का एक कर्मचारी है। जो पत्रावलियों को ले जाता और पहुंचता है। अधिवक्ता कुंवर अनुराग सिंह राणा का कहना है कि राजाराम कार्यालय में मौजूद है। अधिवक्ता अजय सिंह का कहना है कि तहसील में तीस से अधिक प्राइवेट कर्मचारी हैं। नायब तहसीलदार लपरी शैलेन्द्र सरोज का कहना है कि आरोप निराधार है। साजिश के तहत यह आरोप लगाया जा रहा है। राजाराम नाम का कोई भी निजी कर्मचारी हमारे कार्यालय में कार्यरत नहीं है।
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