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Jaunpur News: फरियादी के साथ कोतवाली पहुंचे एडीजी, मचा हड़कंप
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जौनपुर। एडीजी वाराणसी जोन पीड़ित को लेकर कोतवाली पहुंचें और गोपनीय ढंग से कोतवाली का निरीक्षण कर डाला। मामला बृहस्पतिवार देर रात्रि 9:30 बजे का है। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया अपने साथ पीड़ित आजमगढ़ के बरदह थाना के बेलवान निवासी अभिषेक गौतम को साथ लेकर गोपनीय ढंग से कोतवाली पहुंचे। जब वह कोतवाली पहुंचे तो उन्होंने गाड़ी की बत्ती भी बुझा रखी थी। एडीजी ने कोतवाली गेट पर खड़े दो व्यक्तियों से पूछताछ किया की वह यहां किस काम से खड़े हैं। दोनों ने बताया कि कोतवाली परिसर में बने हनुमान मंदिर में दर्शन करने आए हैं। आगे बढ़े तो देखा कि महिला हेल्प डेस्क पर बैठी महिला कांस्टेबल अंजली पटेल दो पीड़ित महिलाओं का बयान ले रही थी। दफ्तर में गए तो देखा वहां भी दो व्यक्ति खड़े थे। पूछा तो दोनों ने बताया कि एक की बाइक शाम को जिला अस्पताल से चोरी हो गई थी। रिपोर्ट दर्ज हो गई है। उसी के संबंध में आए थे। कार्य लेख पर बैठे मुंशी अपना काम कर रहे थे। शहर कोतवाल मिथिलेश कुमार मिश्रा भी ऑफिस में बैठकर सरकारी काम कर रहे थे। काफी देर तक कोतवाली परिसर में अनजान बने घूमते रहे एडीजी जोन वाराणसी की खबर जैसे ही कोतवाली पुलिस को लगी तो सभी लोग सकते में आ गए। जैसे ही जानकारी पुलिस के उच्च अधिकारियों को हुई तो नए एसपी सिटी अरविंद कुमार वर्मा, क्षेत्राधिकार नगर देवेश कुमार सिंह भी पहुंच गए। पीड़ित व्यक्ति जिसे वह अपने साथ लाए थे उसके मामले की जांच के लिए एसपी सिटी को सौंप दिया। सूत्रों की माने तो कोतवाली के कुछ सिपाहियों से काफी नाराज दिखे है। एडीजी का इस प्रकार कोतवाली का निरीक्षण करना और पीड़ित को साथ लाना आज पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
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एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया अपने साथ पीड़ित आजमगढ़ के बरदह थाना के बेलवान निवासी अभिषेक गौतम को साथ लेकर गोपनीय ढंग से कोतवाली पहुंचे। जब वह कोतवाली पहुंचे तो उन्होंने गाड़ी की बत्ती भी बुझा रखी थी। एडीजी ने कोतवाली गेट पर खड़े दो व्यक्तियों से पूछताछ किया की वह यहां किस काम से खड़े हैं। दोनों ने बताया कि कोतवाली परिसर में बने हनुमान मंदिर में दर्शन करने आए हैं। आगे बढ़े तो देखा कि महिला हेल्प डेस्क पर बैठी महिला कांस्टेबल अंजली पटेल दो पीड़ित महिलाओं का बयान ले रही थी। दफ्तर में गए तो देखा वहां भी दो व्यक्ति खड़े थे। पूछा तो दोनों ने बताया कि एक की बाइक शाम को जिला अस्पताल से चोरी हो गई थी। रिपोर्ट दर्ज हो गई है। उसी के संबंध में आए थे। कार्य लेख पर बैठे मुंशी अपना काम कर रहे थे। शहर कोतवाल मिथिलेश कुमार मिश्रा भी ऑफिस में बैठकर सरकारी काम कर रहे थे। काफी देर तक कोतवाली परिसर में अनजान बने घूमते रहे एडीजी जोन वाराणसी की खबर जैसे ही कोतवाली पुलिस को लगी तो सभी लोग सकते में आ गए। जैसे ही जानकारी पुलिस के उच्च अधिकारियों को हुई तो नए एसपी सिटी अरविंद कुमार वर्मा, क्षेत्राधिकार नगर देवेश कुमार सिंह भी पहुंच गए। पीड़ित व्यक्ति जिसे वह अपने साथ लाए थे उसके मामले की जांच के लिए एसपी सिटी को सौंप दिया। सूत्रों की माने तो कोतवाली के कुछ सिपाहियों से काफी नाराज दिखे है। एडीजी का इस प्रकार कोतवाली का निरीक्षण करना और पीड़ित को साथ लाना आज पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
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