शाहगंज (जौनपुर)। कुत्ते के काटने से कोपा गांव निवासी कृष्ण मुरारी सिंह (59) की मौत हो गई। वह भाजपा के अर्सिया मंडल के शक्ति केंद्र संयोजक और बीबीगंज सहकारी समिति में डायरेक्टर थे। उन्हें एंटी रैबीज की तीन डोज लगी थी। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों में कोहराम मच गया। बीबीगंज चौकी क्षेत्र के कोपा गांव निवासी कृष्ण मुरारी सिंह (59) भाजपा के अर्सिया मंडल के शक्ति केंद्र संयोजक और बीबीगंज सहकारी समिति में डायरेक्टर के पद पर भी तैनात थे। वह अपने बेटे विजय सिंह के साथ अपनी बेटी खुशबू के यहां नौ मार्च को आयोजित मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में लघुशंका के लिए वह बाइक से उतरे। इसी दौरान अचानक एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और नाक पर काट लिया, इससे वह जख्मी गए। घटना के बाद उनके बड़े बेटे ने उन्हें तत्काल जौनपुर स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाकर टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया। इसके बाद अगले दिन सुबह स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर एंटी रेबीज इंजेक्शन का भी निर्धारित समय पर तीन डोज लगवाया। उपचार के बावजूद उनकी हालत बिगड़ती चली गई और परिजनों ने लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उनको भर्ती कराया। जहां रविवार की रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में दहशत फैल गई। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव से लेकर नगर तक आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। मृतक अपने पीछे दो बेटे विजय सिंह, राना सिंह और दो बेटियां छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी खुशबू की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बेटी की शादी की जिम्मेदारी अभी परिवार पर है। उधर, रविवार की सुबह मियापुर गांव में कुत्ते ने 80 वर्षीय किशोरी लाल, 21 वर्षीय गरिमा, खरौना गांव की 30 वर्षीय राजनंदनी, सबरहद गांव के 48 वर्षीय पारितोष श्रीवास्तव और 26 वर्षीय कुसुम को काटकर घायल कर दिया। सभी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। चिकित्सक डॉ. रफीक फारुकी ने बताया कि प्रतिदिन 20 से 25 लोग कुत्तों के काटने के मामले में अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया जा रहा है। बीडीओ शाहगंज पीयूष त्रिपाठी ने कहा कि कुत्तों को पकड़ना जिला प्रशासन का कार्य है और उन्हें इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिला है।