{"_id":"60-98691","slug":"Jaunpur-98691-60","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईडी शुद्धिकरण मेला में जुटी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईडी शुद्धिकरण मेला में जुटी भीड़
Jaunpur
Updated Mon, 03 Jun 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। रविवार को तहसीलों में आयोजित मतदाता पहचान पत्र शुद्धिकरण में लोगों की भीड़ जुटी। छह तहसीलों में 1117 ने वोटर आईडी शुद्ध करने के लिए प्रपत्र 8 जमा किए तो 881 ने वोटर आईडी जारी करने के लिए फार्म 6 जमा किए। व्यवस्थागत दिक्कतें सभी तहसीलों में दिखी। केराकत में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए लोक गायकों की टोली बुलाई गई थी। इस नाते यहां सबसे ज्यादा भीड़ दिखी।
केराकत में पूर्वाह्न 11 बजे तक तहसील में करीब दो हजार लोग जमा हो चुके थे। फार्म छह और आठ दो हजार के करीब मंगाए गए थे। आधे घंटे के भीतर फार्म समाप्त हो गए। भीड़ का दबाव बढ़ा तो एसडीएम ऋतु सुहास ने माइक से एनाउंस किया कि घबराएं नहीं। सभी को आईडी मिलेगी और आईडी दुुरुस्त भी होगी। अगले पंद्रह दिनों तक लोग फार्म भर सकते हैं। इसके बाद भीड़ थोड़ी कमजोर हुई। फार्म लेने वाले लोग भी चले गए। फार्म कम पड़ा तो तहसील की फोटोस्टेट दुकानों का धंधा चल निकला। मुफ्त में मिलने वाला फार्म पांच रुपये में बिकने लगा। केराकत में मेले जैसा स्वरूप दिखा। यहां लोक कलाकार इंदू यादव, सविता अंशुमान, रवींद्र सिंह ज्योति भी मौजूद थे। लोक कलाकारों को सुनने के लिए भी यहां भीड़ जमा हुई थी। गायकों ने भी लोगों को निराश नहीं किया। मतदाता जागरुकता से जुड़े कई लोकगीत प्रस्तुत किए। यहां बीएलओ अरुण यादव, पूर्णिमा सिंह, कमला देवी को अच्छे कार्य के लिए एसडीएम ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में कई स्कूलों के प्रधानाचार्यों, सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों का भी सहयोग रहा।
मतदाता पहचान पत्र की लिपिकीय त्रुटि के लिए निर्वाचन आयोग ने ही दो जून को मतदाता शुद्धिकरण मेला आयोजित करने का आदेश दिया था। इसी क्रम में जिले की सभी छह तहसीलों में ऐसे मेले आयोजित किए गए। कुछ तहसीलों में एसडीएम ने दिलचस्पी ली तो भीड़ जुट गई और जहां ध्यान नहीं दिया गया वहां औपचारिकता ही दिखी। केराकत में एसडीएम ऋतु सुहास ने दिलचस्पी ली तो आधे घंटे के भीतर 1800 फार्म बंट गए। सदर तहसील में एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह आईटीआई परीक्षा करा रहे थे तो सबसे बदतर हालत दिखी। बगल में निर्वाचन कार्यालय होने के बावजूद फार्म का भी संकट बना रहा। यहां आए ज्यादातर लोग लौटा दिए गए।
विज्ञापन
तहसीलवार बात की जाए तो सदर तहसील में नए मतदाता बनने के लिए 9 और आईडी दुरुस्त कराने के लिए 108 ने आवेदन किए। फार्म के लिए लोग भटकते रहे लेकिन कोई बताने वाला नहीं था कि कब फार्म और कहां से मिलेगा। नतीजतन जिसे फार्म मिला उसने भरकर जमा कर दिया और जिसे नहीं मिला वह घर चला गया। मड़ियाहूं में नए मतदाता बनने के लिए 142 और आईडी दुरुस्त कराने के लिए 164 ने आवेदन किए। मछलीशहर तहसील में नई आईडी के लिए 130 और आईडी दुरुस्त करने के लिए 153 आवेदन दाखिल हुए। शाहगंज तहसील में नई वोटर आईडी के लिए 150 और शुद्धिकरण के लिए 120 ने आवेदन किए। बदलापुर तहसील में नई आईडी के लिए 150 और आईडी दुरुस्त करने के लिए 152 फार्म जमा हुए। केराकत में सबसे ज्यादा फार्म जमा हुए। यहां नई आईडी के लिए 300 और शुद्धिकरण के लिए 420 आवेदन जमा हुए।
विज्ञापन
केराकत में पूर्वाह्न 11 बजे तक तहसील में करीब दो हजार लोग जमा हो चुके थे। फार्म छह और आठ दो हजार के करीब मंगाए गए थे। आधे घंटे के भीतर फार्म समाप्त हो गए। भीड़ का दबाव बढ़ा तो एसडीएम ऋतु सुहास ने माइक से एनाउंस किया कि घबराएं नहीं। सभी को आईडी मिलेगी और आईडी दुुरुस्त भी होगी। अगले पंद्रह दिनों तक लोग फार्म भर सकते हैं। इसके बाद भीड़ थोड़ी कमजोर हुई। फार्म लेने वाले लोग भी चले गए। फार्म कम पड़ा तो तहसील की फोटोस्टेट दुकानों का धंधा चल निकला। मुफ्त में मिलने वाला फार्म पांच रुपये में बिकने लगा। केराकत में मेले जैसा स्वरूप दिखा। यहां लोक कलाकार इंदू यादव, सविता अंशुमान, रवींद्र सिंह ज्योति भी मौजूद थे। लोक कलाकारों को सुनने के लिए भी यहां भीड़ जमा हुई थी। गायकों ने भी लोगों को निराश नहीं किया। मतदाता जागरुकता से जुड़े कई लोकगीत प्रस्तुत किए। यहां बीएलओ अरुण यादव, पूर्णिमा सिंह, कमला देवी को अच्छे कार्य के लिए एसडीएम ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में कई स्कूलों के प्रधानाचार्यों, सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों का भी सहयोग रहा।
विज्ञापन
मतदाता पहचान पत्र की लिपिकीय त्रुटि के लिए निर्वाचन आयोग ने ही दो जून को मतदाता शुद्धिकरण मेला आयोजित करने का आदेश दिया था। इसी क्रम में जिले की सभी छह तहसीलों में ऐसे मेले आयोजित किए गए। कुछ तहसीलों में एसडीएम ने दिलचस्पी ली तो भीड़ जुट गई और जहां ध्यान नहीं दिया गया वहां औपचारिकता ही दिखी। केराकत में एसडीएम ऋतु सुहास ने दिलचस्पी ली तो आधे घंटे के भीतर 1800 फार्म बंट गए। सदर तहसील में एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह आईटीआई परीक्षा करा रहे थे तो सबसे बदतर हालत दिखी। बगल में निर्वाचन कार्यालय होने के बावजूद फार्म का भी संकट बना रहा। यहां आए ज्यादातर लोग लौटा दिए गए।
विज्ञापन
तहसीलवार बात की जाए तो सदर तहसील में नए मतदाता बनने के लिए 9 और आईडी दुरुस्त कराने के लिए 108 ने आवेदन किए। फार्म के लिए लोग भटकते रहे लेकिन कोई बताने वाला नहीं था कि कब फार्म और कहां से मिलेगा। नतीजतन जिसे फार्म मिला उसने भरकर जमा कर दिया और जिसे नहीं मिला वह घर चला गया। मड़ियाहूं में नए मतदाता बनने के लिए 142 और आईडी दुरुस्त कराने के लिए 164 ने आवेदन किए। मछलीशहर तहसील में नई आईडी के लिए 130 और आईडी दुरुस्त करने के लिए 153 आवेदन दाखिल हुए। शाहगंज तहसील में नई वोटर आईडी के लिए 150 और शुद्धिकरण के लिए 120 ने आवेदन किए। बदलापुर तहसील में नई आईडी के लिए 150 और आईडी दुरुस्त करने के लिए 152 फार्म जमा हुए। केराकत में सबसे ज्यादा फार्म जमा हुए। यहां नई आईडी के लिए 300 और शुद्धिकरण के लिए 420 आवेदन जमा हुए।