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किसानों ने की समस्या निस्तारण की मांग
Jaunpur
Updated Wed, 26 Mar 2014 05:31 AM IST
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जौनपुर। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रदर्शन कर सभा की। प्रदर्शनकारियों ने किसानों की समस्या के समाधान के लिए तहसील स्तर पर किसान शिकायत प्रकोष्ठ के गठन की मांग की। अपनी मांग से संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्री ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के जिलाध्यक्ष अमरनाथ यादव की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने कहा कि राजनीतिक दल के लोेग किसानों की हित की बात सिर्फ चुनाव के समय में करते हैं। चुनाव बाद किसानों का कोई नाम भी नहीं लेता। तहसील दिवस पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में भी कोई रुचि नहीं ली जाती। किसानों से बिजली का बिल हर महीने वसूल किया जाता है लेकिन उन्हें नियमित रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की कोई बात ही नहीं करता। आरोप लगाया कि ग्रामीण स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की दशा बेहद दयनीय है। किसान और मजदूर वर्ग के लोगों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। मनरेगा से भी मजदूरों का कोई हित नहीं हो रहा है। बिना काम कराए बजट खारिज कर लिया जा रहा है। मनरेगा के कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई। दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों द्वारा लिया गया बैंक कर्ज माफ किए जाने की मांग की गई। इस मौके पर संजय शुक्ला, जितेंद्र कुमार प्रजापति, बृजमोहन यादव, विमल कुमार, रणजीत यादव, राजेंद्र सिंह, राजित राम, संतलाल, जगन्नाथ विश्वकर्मा आदि मौजूद थे।
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भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के जिलाध्यक्ष अमरनाथ यादव की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने कहा कि राजनीतिक दल के लोेग किसानों की हित की बात सिर्फ चुनाव के समय में करते हैं। चुनाव बाद किसानों का कोई नाम भी नहीं लेता। तहसील दिवस पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में भी कोई रुचि नहीं ली जाती। किसानों से बिजली का बिल हर महीने वसूल किया जाता है लेकिन उन्हें नियमित रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की कोई बात ही नहीं करता। आरोप लगाया कि ग्रामीण स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की दशा बेहद दयनीय है। किसान और मजदूर वर्ग के लोगों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। मनरेगा से भी मजदूरों का कोई हित नहीं हो रहा है। बिना काम कराए बजट खारिज कर लिया जा रहा है। मनरेगा के कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई। दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों द्वारा लिया गया बैंक कर्ज माफ किए जाने की मांग की गई। इस मौके पर संजय शुक्ला, जितेंद्र कुमार प्रजापति, बृजमोहन यादव, विमल कुमार, रणजीत यादव, राजेंद्र सिंह, राजित राम, संतलाल, जगन्नाथ विश्वकर्मा आदि मौजूद थे।
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