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मंजूर नहीं शेडयूल एच वन
Jaunpur
Updated Mon, 24 Mar 2014 05:31 AM IST
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जौनपुर। नगर के बदलापुर पड़ाव स्थित एक मैरेज हाल में केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन की विशेष बैठक और होली मिलन समारोह का आयोजन रविवार को किया गया। समारोह में जिले भर के दवा व्यवसायी मौजूद रहे। इस दौरान भारत सरकार द्वारा लागू शेड्यूल एच वन, फार्मासिस्ट की अनिवार्यता,नार्कोटिक्स और साइकोट्रापिक ड्रग अधिनियम का विरोध किया गया। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने दवा व्यवसायियों को होली की बधाई देते हुए चंदन और फूलों से होली खेली।
प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने के बाद एंटीबायटिक, टीबी की दवाओं समेत 46 फार्मूलों की लगभग 45 सौ दवाओं के बिक्री हेतु अलग से रजिस्टर में लेखा-जोखा रखना पडे़गा। यह एक जटिल समस्या बनकर दवा विक्रेताओं के साथ खड़ी रहेगी। इस रजिस्टर में चिकित्सक का नाम, पता, मरीज का नाम पता और दी गई दवाओं का विवरण दर्ज करने की बाध्यता होगी। चिकित्सक के पर्चे की परिभाषा उन चिकित्सकों के रूप में की गई है जो मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया में रजिस्टर्ड हों। इसकी सूची आज तक सरकार नहीं दे सकी है। यह प्रावधान खुदरा विक्रेताओं के लिए शोषण से कम नहीं है। इस समस्या के अतिरिक्त फार्मासिस्ट और साइकोट्रापिक ड्रग के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता पर भी चिंता जाहिर की। बताया कि सारी समस्याओं को लेेकर आल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर पूरे भारत के साथ जिले के भी सभी दवा व्यवसायी 28 मार्च को दुकानें बंद रख विरोध करेंगे। जिलाध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि बंदी के दिन जिला अस्पताल से जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचेगा। वहां डीएम के जरिए एक ज्ञापन केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। मुख्य अतिथि स्वामी चिन्मयानंद ने दवा व्यवसायियों की समस्याओं की लड़ाई में साथ रहेंगे। समारोह को बाबूलाल गुप्ता, मुरलीधर निगम, संजय सिंह, सामेश्वर केसरवारी, घनश्याम साहू, राकेश प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता शकील अहमद और संचालन विनय गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अशोक गुप्ता, बंशीधर मौर्या, योगेश श्रीवास्तव, प्रेमचंद्र जायसवाल, लालजी गुप्ता आदि व्यवसायी उपस्थित रहे।
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प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने के बाद एंटीबायटिक, टीबी की दवाओं समेत 46 फार्मूलों की लगभग 45 सौ दवाओं के बिक्री हेतु अलग से रजिस्टर में लेखा-जोखा रखना पडे़गा। यह एक जटिल समस्या बनकर दवा विक्रेताओं के साथ खड़ी रहेगी। इस रजिस्टर में चिकित्सक का नाम, पता, मरीज का नाम पता और दी गई दवाओं का विवरण दर्ज करने की बाध्यता होगी। चिकित्सक के पर्चे की परिभाषा उन चिकित्सकों के रूप में की गई है जो मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया में रजिस्टर्ड हों। इसकी सूची आज तक सरकार नहीं दे सकी है। यह प्रावधान खुदरा विक्रेताओं के लिए शोषण से कम नहीं है। इस समस्या के अतिरिक्त फार्मासिस्ट और साइकोट्रापिक ड्रग के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता पर भी चिंता जाहिर की। बताया कि सारी समस्याओं को लेेकर आल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर पूरे भारत के साथ जिले के भी सभी दवा व्यवसायी 28 मार्च को दुकानें बंद रख विरोध करेंगे। जिलाध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि बंदी के दिन जिला अस्पताल से जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचेगा। वहां डीएम के जरिए एक ज्ञापन केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। मुख्य अतिथि स्वामी चिन्मयानंद ने दवा व्यवसायियों की समस्याओं की लड़ाई में साथ रहेंगे। समारोह को बाबूलाल गुप्ता, मुरलीधर निगम, संजय सिंह, सामेश्वर केसरवारी, घनश्याम साहू, राकेश प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता शकील अहमद और संचालन विनय गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अशोक गुप्ता, बंशीधर मौर्या, योगेश श्रीवास्तव, प्रेमचंद्र जायसवाल, लालजी गुप्ता आदि व्यवसायी उपस्थित रहे।
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