{"_id":"60-121266","slug":"Jaunpur-121266-60","type":"story","status":"publish","title_hn":"जौनपुर का ‘जुहू-चौपाटी’ सद्भावना पुल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जौनपुर का ‘जुहू-चौपाटी’ सद्भावना पुल
Jaunpur
Updated Fri, 07 Feb 2014 05:43 AM IST
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जौनपुर। ऋतुराज वसंत के दस्तक देने के साथ ही सद्भावना पुल और आसपास का इलाका जौनपुर शहर का ‘जुहू-चौपाटी’ बन गया है। महीने भर से ज्यादा समय तक 10 डिग्री से नीचे की ठंड के हाड़ कंपाने के बाद पिछले दो दिनों से गुनगुने हुए मौसम ने नदी किनारे का नजारा बदल कर रख दिया है। सूर्यास्त से पहले तक घूमने-फिरने वालों की भीड़ और शाम ढलने के बाद रंग-बिरंगी लकदक रोशनी के बीच पुल का नजारा देखते बन रहा है।
भीषण शीतलहरी और गलन से लंबे समय बाद मिली राहत के खुशनुमे अनुभव को कोई जाया नहीं होने देना चाहता। शायद यही वजह है कि शहर का सद्भावना पुल इन दिनों लोगों के घूमने-फिरने और मौज-मस्ती का खास स्थान बन गया है। शाही पुल और शास्त्री पुल के बीच गोमती नदी पर स्थित इस पुल से दरिया को निहारने और हवाओं का आनंद लेने का अनुभव ही कुछ और है। सुबह से लेकर देर रात तक पुल घूमने वालों की सैरगाह बन चला है। पुल और नदी के किनारों पर उमड़ने वाली भीड़ को कैश कराने का मौका दुकानदार भी हाथों से नहीं जाने देना चाहते। पुल पर साउथ इंडियन खाद्य पदार्थों के अलावा चाट-फुल्की, भेलपुरी और बच्चों के खिलौनों की दुकानें सज गईं हैं। यहां युवाओं के साथ-साथ परिवार के साथ भी लोग नदी किनारे टहलने का आनंद लेने पहुंचते हैं। पुल पर फुल्की का आनंद ले रहे शहर के संजय कुमार ने कहा कि शहर में शाम के वक्त घूमने-फिरने का इससे शांत और प्राकृतिक वातावरण और कहीं नहीं है। राजा ने कहा कि इस पुल पर वाहनों का दबाव भी अपेक्षाकृत कम है। इससे घूमने वालों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
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भीषण शीतलहरी और गलन से लंबे समय बाद मिली राहत के खुशनुमे अनुभव को कोई जाया नहीं होने देना चाहता। शायद यही वजह है कि शहर का सद्भावना पुल इन दिनों लोगों के घूमने-फिरने और मौज-मस्ती का खास स्थान बन गया है। शाही पुल और शास्त्री पुल के बीच गोमती नदी पर स्थित इस पुल से दरिया को निहारने और हवाओं का आनंद लेने का अनुभव ही कुछ और है। सुबह से लेकर देर रात तक पुल घूमने वालों की सैरगाह बन चला है। पुल और नदी के किनारों पर उमड़ने वाली भीड़ को कैश कराने का मौका दुकानदार भी हाथों से नहीं जाने देना चाहते। पुल पर साउथ इंडियन खाद्य पदार्थों के अलावा चाट-फुल्की, भेलपुरी और बच्चों के खिलौनों की दुकानें सज गईं हैं। यहां युवाओं के साथ-साथ परिवार के साथ भी लोग नदी किनारे टहलने का आनंद लेने पहुंचते हैं। पुल पर फुल्की का आनंद ले रहे शहर के संजय कुमार ने कहा कि शहर में शाम के वक्त घूमने-फिरने का इससे शांत और प्राकृतिक वातावरण और कहीं नहीं है। राजा ने कहा कि इस पुल पर वाहनों का दबाव भी अपेक्षाकृत कम है। इससे घूमने वालों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
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