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Jaunpur News: 98 स्कूलों में नहीं है चहारदीवारी, 10 हजार बच्चों की सुरक्षा पर संकट

Thu, 15 Oct 2026 11:32 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2026 11:32 PM IST
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98 schools don't have boundary walls, putting the safety of 10 thousand kids at risk
महराजगंज के कंपोजिट विद्यालय हिलाली में नहीं बनाई गई बाउंड्रीवाल, सामने है तालाब। संवाद
जौनपुर। जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई कर रहे बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन लापरवाही सामने आई है। जिले के 98 परिषदीय विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं बनाई गई है। इससे अभिभावक चिंतित हैं। 98 स्कूलों में लगभग दस हजार बच्चे पढ़ते हैं। स्कूलों में चहारदीवारी नहीं होने से स्कूल परिसर में मवेशी आ जाते हैं। बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जिले के कई स्कूलों की पड़ताल की तो पता चला कि कुछ स्कूलों में भूमि विवाद के कारण स्कूलों में चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो रहा है।
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पहले 148 स्कूलों में नहीं थी चहारदीवारी, 50 में विवाद का हुआ समाधान, तब बनी चहारदीवारी
पहले जिले के 148 परिषदीय स्कूलों में चहारदीवारी नहीं थी। 50 स्कूलों में विवाद का समाधान कराने के बाद वहां चहारदीवारी का निर्माण कराया जा चुका है।
केस 1
कंपोजिट स्कूल हिलाली महराजगंज में 207 बच्चे हैं। उत्तर तरफ तालाब और पूरब में सड़क है। प्रधान आजाद सिंह ने बताया कि कई बार लिखा-पढ़ी की गई लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई।
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केस 2
कंपोजिट अहिरौली महराजगंज में 125 बच्चे हैं। उत्तर सड़क और पूरब में तालाब है। प्रधान राकेश पटेल ने कहा कि धन की मांग की गई लेकिन अभी तक नहीं मिला। प्राथमिक स्कूल पांडेयपुर डोभी, प्राथमिक विद्यालय उमरी डोभी, प्राथमिक विद्यालय कटका करंजाकला में भी चहारदीवारी नहीं है।
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क्या कहता है शिक्षा का अधिकार अधिनियम
शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई एक्ट 2009 के दिशा निर्देशों के तहत हर सरकारी स्कूल में एक मजबूत और पर्याप्त ऊंचाई वाली चहारदीवारी होनी चाहिए। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को एक सुरक्षित और अनुशासित शैक्षिक वातावरण देना है। सरकारें समय-समय पर कायाकल्प योजना या बुनियादी ढांचा सुदृढ़ीकरण योजनाओं के तहत बजट जारी करती हैं, लेकिन प्रशासनिक ढिलाई या स्थानीय स्तर पर समन्वय की कमी के कारण स्कूल बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
चहारदीवारी नहीं होने से स्कूल की भूमि पर हो रहा कब्जा
स्कूलों में चहारदीवारी नहीं होने के कारण स्कूल की जमीन में ही गांव के लोगों ने रास्ता बना लिया है। कई जगह मवेशियों को बांधा जा रहा है। मिशन कायाकल्प के तहत इन स्कूलों में ग्राम पंचायतों से चहारदीवारी बनाई जानी है। जो अभी तक नहीं बनाई गई है। चहारदीवारी बनाने के लिए कोई कार्ययोजना ही नहीं बनाई गई है।

जिले के 98 स्कूल ऐसे हैं। जहां चहारदीवारी नहीं है। कहीं भूमि विवाद है तो कहीं कुछ अन्य परेशानियां हैं। विवाद का समाधान करके चहारदीवारी बनाने के लिए पहल की जा रही है। - समीर, बीएसए जौनपुर।
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