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दो चरवाहों समेत 70 भेड़ों की मौत
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वाराणसी-आजमगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंदवक में गोमती नदी पर बने श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेतु पर शुक्रवार की रात दो बजे हुए बड़े हादसे में तेज रफ्तार ट्रक ने दो चरवाहों सहित 70 भेड़ों को रौंद दिया। दोनों मरने वाले चरवाहे बिहार के निवासी थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बिहार के सासाराम और आसपास के इलाके से बारिश के मौसम में भेड़ पालक भेड़ों का झुंड लेकर जौनपुर में आते हैं। फिर बारिश समाप्त होने पर वापस चले जाते हैं। शुक्रवार की रात को चरवाहे अपनी भेड़ों के झुंड के साथ थानागद्दी मोढेला के रास्ते वापसी के सफर में थे। रात दो बजे के करीब वे श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेतु पर पहुंचे थे। एक झुंड पुराने से तो दूसरा झुंड नए सेतु से जाने लगा। इसी बीच नए सेतु से वाराणसी से आजमगढ़ जा रहा तेज रफ्तार ट्रक दो चरवाहों राजगीर पाल (50) निवासी छित्तन डेहरा, थाना कोचस व उसके फुफेरे भाई जगदम्बा पाल (35) निवासी खजरा थाना, मोहनिया, सासाराम बिहार और उनकी झुंड की लगभग 70 भेड़ों को रौंदते हुए निकल गया। इसी बीत किसी ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों चरवाहों को सीएचसी भेजवाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुराने सेतु से गुजर रहे दूसरा हरिगोविंद पाल का झुंड बच गया। मृत सभी भेड़ों को घटनास्थल से हटाने के बाद घायल भेडों का पशु चिकित्सकों से इलाज करवाया। पुलिस की तत्परता से इतने बड़े हादसे के बाद राजमार्ग पर जाम नहीं लगा। पुलिस ने दोनों चरवाहों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम थाने पर ही कराया गया। दोनों मृतकों को माली हालत अच्छी नहीं है। मृतक राजगीर के तीन लड़के वकील, रविशंकर व धर्मेंद्र है, जो घर पर खेती करते हैं। जगदम्बा की तीन बेटियां पूजा, काजल, पिंसू व एक बेटा अतुल है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ट्रक की तलाश की जा रही है।
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बिहार के सासाराम और आसपास के इलाके से बारिश के मौसम में भेड़ पालक भेड़ों का झुंड लेकर जौनपुर में आते हैं। फिर बारिश समाप्त होने पर वापस चले जाते हैं। शुक्रवार की रात को चरवाहे अपनी भेड़ों के झुंड के साथ थानागद्दी मोढेला के रास्ते वापसी के सफर में थे। रात दो बजे के करीब वे श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेतु पर पहुंचे थे। एक झुंड पुराने से तो दूसरा झुंड नए सेतु से जाने लगा। इसी बीच नए सेतु से वाराणसी से आजमगढ़ जा रहा तेज रफ्तार ट्रक दो चरवाहों राजगीर पाल (50) निवासी छित्तन डेहरा, थाना कोचस व उसके फुफेरे भाई जगदम्बा पाल (35) निवासी खजरा थाना, मोहनिया, सासाराम बिहार और उनकी झुंड की लगभग 70 भेड़ों को रौंदते हुए निकल गया। इसी बीत किसी ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों चरवाहों को सीएचसी भेजवाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुराने सेतु से गुजर रहे दूसरा हरिगोविंद पाल का झुंड बच गया। मृत सभी भेड़ों को घटनास्थल से हटाने के बाद घायल भेडों का पशु चिकित्सकों से इलाज करवाया। पुलिस की तत्परता से इतने बड़े हादसे के बाद राजमार्ग पर जाम नहीं लगा। पुलिस ने दोनों चरवाहों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम थाने पर ही कराया गया। दोनों मृतकों को माली हालत अच्छी नहीं है। मृतक राजगीर के तीन लड़के वकील, रविशंकर व धर्मेंद्र है, जो घर पर खेती करते हैं। जगदम्बा की तीन बेटियां पूजा, काजल, पिंसू व एक बेटा अतुल है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ट्रक की तलाश की जा रही है।
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