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आनलाइन सूची में बदल गया राशनकार्ड धारकों का नाम 21-19-55
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जौनपुर। राशन कार्ड की कापी मिलने के बाद कार्ड धारकों की आनलाइन सूची में उपभोक्ताओं के नाम बदल गए। नतीजा यह कि राशन कार्ड लेकर लोग सस्ते गल्ले की दूकानों का चक्कर लगा रहे और उन्हें खाद्यान्न नहीं मिल रहा। कोटेदार और विभागीय कर्मचारियों की मिली भगत से गरीबों का निवाला पर डाका डालने की खेल चल रही है। लेकिन विभाग के अफसर इससे अनभिज्ञता जता रहे हैं।
जिले में अंत्योंदय और पात्र गृहस्थी के कुल 7 लाख 97 हजार 936 कार्ड धारक और कुल 32 लाख 57 हजार 614 लाभार्थी हैं। इसमें 6 लाख 72 हजार 520 रार्ड धारक पात्र गृहस्थी के हैं जबकि 1 लाख 25 हजार 416 अंत्योदय कार्डधारक हैं।
पात्रगृहस्थी के कार्ड पर एक यूनिट पर दो किलो चावल तीन रूपये किलो और तीन किलो गेहूं दो रुपये किलो की दर से दिया जाता है। जबकि अंत्योंदय राशन कार्ड पर 35 किलो खाद्यन्न दिया जाता है। 15 किलो चावल और बीस किलो गेहूं इसी दर से दिया जाता है।
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लंबे इंतजार के बाद अभी पिछले महीने ही राशन कार्ड का वितरण किया गया। हालांकि राशन कार्ड का वितरण का काम चल ही रहा था तभी अधिसूचना जारी होने के बाद इसे रोक दिया गया। अभी 30 फीसदी से अधिक राशन कार्ड का वितरण भी नहीं हो सका है। लेकिन कार्ड मिलने के बाद आनलाइन सूची में तमम लाभार्थियों का नाम बदल गया। इसका नतीजा यह है कि लाभार्थी को दूकानदार बिना राशन दिए ही भगा दे रहे हैं। ऐसी सैकड़ों शिकायतें जन सुनवाई पोर्टल से लेकर एसडीएम और जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय में आई हैं बावजूद इसके विभागीय जिम्मेदार अफसर ऐसी किसी खामी से अनभिज्ञता जता रहे हैं। नगर के मीरमस्त मोहल्ला निवासी नूर सबा कार्ड पर नाम उनका है लेकिन आनलाइन सूची में नाम बदल गया। कार्ड में परिवार के मुखिया के नाम से लेकर परिवार के सदस्य अफजल और जीनत आदि का नाम सूची से गायब हो गया। इसी तहर इसी मोहल्ले के अनवरी बेगम, मो. अफजल, माजिद का नाम बदल दिया गया। इसी प्रकार बक्शा विकास खंड के कर्तिहां गांव, बरपुर, गोपालापुर, समेत अन्य गांवों से भी सैक ड़ों की संख्या में लोगों का नाम आनलाइन सूची में बदल दिया गया है।
जौनपुर। दर कोटेदार प्राक्शी सिस्टम के जरिए खाद्यान्न हड़पने की खेल कर रहे हैं। इस सिस्टम के जरिए किसी भी राशन कार्ड धारक का तीन बार में बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान नहीं लेता तो उसमें आधार कार्ड संख्या का अंतिम चार अंक डालकर खाद्यान्न का वितरण पूरा करने का प्रावधान है। कार्डधारक का नाम गलत होने या उनका अंगूठा निशान मशीन द्वारा स्वीकार न किए जाने की बात कहकर उन्हें खाली हाथ लौटा दिया जाता है। और बाद में प्राक्शी सिस्टम के जरिए खाद्यान्न खारिज कर लिया जाता है।
आनलाइन सूची में किसी राशन कार्ड धारक का नाम बदलने की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो गंभीर बात है। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अजय प्रताप सिंह
डीएसओ
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जिले में अंत्योंदय और पात्र गृहस्थी के कुल 7 लाख 97 हजार 936 कार्ड धारक और कुल 32 लाख 57 हजार 614 लाभार्थी हैं। इसमें 6 लाख 72 हजार 520 रार्ड धारक पात्र गृहस्थी के हैं जबकि 1 लाख 25 हजार 416 अंत्योदय कार्डधारक हैं।
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पात्रगृहस्थी के कार्ड पर एक यूनिट पर दो किलो चावल तीन रूपये किलो और तीन किलो गेहूं दो रुपये किलो की दर से दिया जाता है। जबकि अंत्योंदय राशन कार्ड पर 35 किलो खाद्यन्न दिया जाता है। 15 किलो चावल और बीस किलो गेहूं इसी दर से दिया जाता है।
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लंबे इंतजार के बाद अभी पिछले महीने ही राशन कार्ड का वितरण किया गया। हालांकि राशन कार्ड का वितरण का काम चल ही रहा था तभी अधिसूचना जारी होने के बाद इसे रोक दिया गया। अभी 30 फीसदी से अधिक राशन कार्ड का वितरण भी नहीं हो सका है। लेकिन कार्ड मिलने के बाद आनलाइन सूची में तमम लाभार्थियों का नाम बदल गया। इसका नतीजा यह है कि लाभार्थी को दूकानदार बिना राशन दिए ही भगा दे रहे हैं। ऐसी सैकड़ों शिकायतें जन सुनवाई पोर्टल से लेकर एसडीएम और जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय में आई हैं बावजूद इसके विभागीय जिम्मेदार अफसर ऐसी किसी खामी से अनभिज्ञता जता रहे हैं। नगर के मीरमस्त मोहल्ला निवासी नूर सबा कार्ड पर नाम उनका है लेकिन आनलाइन सूची में नाम बदल गया। कार्ड में परिवार के मुखिया के नाम से लेकर परिवार के सदस्य अफजल और जीनत आदि का नाम सूची से गायब हो गया। इसी तहर इसी मोहल्ले के अनवरी बेगम, मो. अफजल, माजिद का नाम बदल दिया गया। इसी प्रकार बक्शा विकास खंड के कर्तिहां गांव, बरपुर, गोपालापुर, समेत अन्य गांवों से भी सैक ड़ों की संख्या में लोगों का नाम आनलाइन सूची में बदल दिया गया है।
जौनपुर। दर कोटेदार प्राक्शी सिस्टम के जरिए खाद्यान्न हड़पने की खेल कर रहे हैं। इस सिस्टम के जरिए किसी भी राशन कार्ड धारक का तीन बार में बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान नहीं लेता तो उसमें आधार कार्ड संख्या का अंतिम चार अंक डालकर खाद्यान्न का वितरण पूरा करने का प्रावधान है। कार्डधारक का नाम गलत होने या उनका अंगूठा निशान मशीन द्वारा स्वीकार न किए जाने की बात कहकर उन्हें खाली हाथ लौटा दिया जाता है। और बाद में प्राक्शी सिस्टम के जरिए खाद्यान्न खारिज कर लिया जाता है।
आनलाइन सूची में किसी राशन कार्ड धारक का नाम बदलने की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो गंभीर बात है। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अजय प्रताप सिंह
डीएसओ