जौनपुर। मध्य क्षोभ मंडल में चक्रवाती तूफान के कारण मौसम में बड़ा बदलाव आया है। बुधवार को इसका भीषण असर देखने को मिला। जनपद में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी और 36 एमएम बरसात ने पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ है, जहां पेड़ और खंभे गिरने से बिजली व्यवस्था बृहस्पतिवार को भी ठप पड़ी रही। आंधी की तबाही के चलते 1000 से अधिक गांवों और शहर के 50 से अधिक मोहल्लों को बिना लाइट के रात काटनी पड़ी। शहर में भी बुधवार रात भर बिजली आंख-मिचौली खेलती रही। बिजली संकट का सबसे खराब असर जलापूर्ति पर पड़ा और कई क्षेत्रों में लोग पानी के लिए तरस गए। कड़ी मशक्कत के बाद बृहस्पतिवार दोपहर बाद ही आपूर्ति बहाल हो सकी। बुधवार को हुई झमाझम बरसात के बाद बृहस्पतिवार को तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। दिन भर आसमान में बदरी छाई रही और मौसम में ठंडक बनी रही। हालांकि, बुधवार को आई आंधी की तबाही से बृहस्पतिवार को भी पूरा जनपद उबर नहीं पाया। शहर में फॉल्ट ठीक करने के लिए फीडर वार मरम्मत का काम रातभर चला लेकिन कोई खास सफलता हासिल नहीं हुई. शहर के अहियापुर, नईगंज, ओलंदगंज, वाजिदपुर, मियांपुर और कोतवाली जैसे मुख्य क्षेत्रों में रात भर अंधेरा छाया रहा। वहीं ग्रामीण क्षेत्राें की स्थिति और भी बदतर रही. धर्मापुर, चंदवक, केराकत, बदलापुर, सिकरारा, शाहगंज, मछलीशहर, मड़ियाहूं, सुजानगंज और मुंगराबादशाहपुर आदि क्षेत्राें में बृहस्पतिवार के दिन तक ही आपूर्ति बहाल हो सकी। धर्मापुर क्षेत्र के कबीरुद्दीनपुर उपकेंद्र के सरैयां, राजेपुर, तरसंड, केशवपुर और धर्मापुर समेत लगभग 60 गांवों की बिजली 24 घंटे से ठप रहने के बाद बृहस्पतिवार सुबह चालू हुई। मीरगंज क्षेत्र के जंघई विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 48 गांवों में करीब 18 घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे ग्रामीण परेशान रहे। नए शहरी क्षेत्रों में बांस-बल्ली के सहारे तार दौड़ाए गए हैं। बुधवार को आई तेज आंधी के कारण खंभे और बांस बल्ली उखड़ गए। इससे आपूर्ति ठप हो गई। बृहस्पतिवार को बिजली आने पर जनजीवन सामान्य हो पाया। बिजली कटने से अस्पताल में मरीजों को भी परेशान होना पड़ा। मरीज गर्मी से बेचैन रहे। हालांकि यहां वैकल्पिक व्यवस्था से काम चला। वहीं मौसम के असर के कारण रोजाना होने वाली ओपीडी में भीड़ भी कम दिखी। बृहस्पतिवार को महज 864 की ही ओपीडी हुई, जबकि यह संख्या 1000 के पार रहती है।