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Jaunpur News: पांच घंटे तक लगा 50 किलोमीटर लंबा जाम
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मुंगराबादशाहपुर। मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी जैसा नजारा शनिवार की रात से रविवार की सुबह तक एक फिर देखने को मिला। जाम का आलम यह था कि मुंगराबादशाहपुर से लेकर प्रयागराज शहर तक 50 किलोमीटर का जाम रात 11 बजे से लग गया। भाेर में 3 बजे तक सभी रास्ते चोक थे। जौनपुर पुलिस ने एक बार फिर सक्रियता और अच्छी सूझबूझ दिखाते हुए सुबह 5 बजे तक जाम खुलवा दिया।
शनिवार की रात 11 बजे के बाद अचानक वाहनों का रेला ऊमड़ पड़ा और एक बार फिर जाम की स्थिति बन गई। देखते ही देखते जौनपुर की सीमा में मुंगराबादशाहपुर से लेकर प्रयागराज शहर तक वाहनों की कतार लग गई। जाम में तीन लाख वाहन फंस गए। जौनपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ जो शाम 6 बजे से बार्डर पर तैनात थे, ने खुद मोर्चा संभाला। जौनपुर पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 5 बजे तक जाम खुलवा दिया। यहां पुलिस की रणनीति ऐसी रही कि जाम का असर शहर या जिले में अन्य कहीं देखने को नहीं मिला। जौनपुर प्रयागराज मार्ग पर मछलीशहर के बाद पंवारा में टोल प्लाजा है। प्रयागराज में जाम होने के बाद जौनपुर से गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी आदि जिलों में जाने वाले वाहन इसी मार्ग से हो कर गुजरते हैं। टोल मैनेजर लल्लन प्रसाद ने बताया कि भोर में तीन बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक 9500 वाहन टोल प्लाजा से गुजरे।
पुलिस के मुताबिक महाकुंभ को लेकर सड़कों पर लागू किए गए रूट डायवर्जन को कोई मानने को तैयार नहीं है। वीआईपी तो छोड़िए जो वीआईपी नहीं हैं लेकिन वाहनों पर वीआईपी या अन्य तरह-तरह के पास चिपकाए हुए हैं, उन्हें भी वीआईपी रास्ते से ही जाना है। ऐसे में पुलिस द्वारा उन्हें मना करने या रोकने पर वो लोग बहस कर रहे हैं और फोन पर बात कराने को बोलने लग रहे हैं। ऐसे में ही जाम लग जा रहा है।
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केस 1
मुंगराबादशाहपुर से दीप केशरी के यहां से सहसों जाने के लिए बरात शाम 6 बजे निकली। बरात जाम में फंस गई और 40 किलोमीटर का सफर 7 घंटे में तय हुआ। रात को एक बजे बरात सहसों पहुंच सकी।
केस 2
जीयनपुर आजमगढ़ से निकले नन्द लाल गुप्ता जाम में इस तरह फंसे की उनकी तबीयत बिगड़ने लगी उन्हें एम्बुलेंस की सहायता लेनी पड़ी। तीन घंटे जाम में फंसने के बाद उनका किसी तरह सहसों के एक अस्पताल में इलाज कराया गया।
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जाम खुलवाने के लिए अपनाई पुरानी रणनीति
जौनपुर से प्रयागराज तक जाम लगने के बाद पुलिस ने पुरानी रणनीति अपनाई। मुंगराबादशाहपुर से वाहनों को किसी तरह निकालने के बाद पुलिस टीम सहसों बार्डर पहुंची और वाहनों को पुराने निर्धारित रूट से डायवर्ट करना शुरू किया। ऐसे में प्रयागराज के सहसों से वाराणसी जाने वाले वाहनों को जंघई के रास्ते घुमाया गया। वहीं आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, अयोध्या, बलिया जाने वाले मार्गों को प्रतापगढ़ के भूपिया मऊ की ओर मोड़ा गया। दो घंटे के बाद वाहनों का दबाव हल्का हुआ।
कोट
प्रयागराज से आने वाले वाहनों की अधिक संख्या को देखते हुए पुलिस टीम शनिवार को शाम से ही सहसों में तैनात थी। जाम न लगने देने के लिए वाहनों को डायवर्ट किया गया। फिलहाल बार्डर पर जाम नहीं है। स्थिति सामान्य है। - डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक
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शनिवार की रात 11 बजे के बाद अचानक वाहनों का रेला ऊमड़ पड़ा और एक बार फिर जाम की स्थिति बन गई। देखते ही देखते जौनपुर की सीमा में मुंगराबादशाहपुर से लेकर प्रयागराज शहर तक वाहनों की कतार लग गई। जाम में तीन लाख वाहन फंस गए। जौनपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ जो शाम 6 बजे से बार्डर पर तैनात थे, ने खुद मोर्चा संभाला। जौनपुर पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 5 बजे तक जाम खुलवा दिया। यहां पुलिस की रणनीति ऐसी रही कि जाम का असर शहर या जिले में अन्य कहीं देखने को नहीं मिला। जौनपुर प्रयागराज मार्ग पर मछलीशहर के बाद पंवारा में टोल प्लाजा है। प्रयागराज में जाम होने के बाद जौनपुर से गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी आदि जिलों में जाने वाले वाहन इसी मार्ग से हो कर गुजरते हैं। टोल मैनेजर लल्लन प्रसाद ने बताया कि भोर में तीन बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक 9500 वाहन टोल प्लाजा से गुजरे।
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पुलिस के मुताबिक महाकुंभ को लेकर सड़कों पर लागू किए गए रूट डायवर्जन को कोई मानने को तैयार नहीं है। वीआईपी तो छोड़िए जो वीआईपी नहीं हैं लेकिन वाहनों पर वीआईपी या अन्य तरह-तरह के पास चिपकाए हुए हैं, उन्हें भी वीआईपी रास्ते से ही जाना है। ऐसे में पुलिस द्वारा उन्हें मना करने या रोकने पर वो लोग बहस कर रहे हैं और फोन पर बात कराने को बोलने लग रहे हैं। ऐसे में ही जाम लग जा रहा है।
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केस 1
मुंगराबादशाहपुर से दीप केशरी के यहां से सहसों जाने के लिए बरात शाम 6 बजे निकली। बरात जाम में फंस गई और 40 किलोमीटर का सफर 7 घंटे में तय हुआ। रात को एक बजे बरात सहसों पहुंच सकी।
केस 2
जीयनपुर आजमगढ़ से निकले नन्द लाल गुप्ता जाम में इस तरह फंसे की उनकी तबीयत बिगड़ने लगी उन्हें एम्बुलेंस की सहायता लेनी पड़ी। तीन घंटे जाम में फंसने के बाद उनका किसी तरह सहसों के एक अस्पताल में इलाज कराया गया।
जाम खुलवाने के लिए अपनाई पुरानी रणनीति
जौनपुर से प्रयागराज तक जाम लगने के बाद पुलिस ने पुरानी रणनीति अपनाई। मुंगराबादशाहपुर से वाहनों को किसी तरह निकालने के बाद पुलिस टीम सहसों बार्डर पहुंची और वाहनों को पुराने निर्धारित रूट से डायवर्ट करना शुरू किया। ऐसे में प्रयागराज के सहसों से वाराणसी जाने वाले वाहनों को जंघई के रास्ते घुमाया गया। वहीं आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, अयोध्या, बलिया जाने वाले मार्गों को प्रतापगढ़ के भूपिया मऊ की ओर मोड़ा गया। दो घंटे के बाद वाहनों का दबाव हल्का हुआ।
कोट
प्रयागराज से आने वाले वाहनों की अधिक संख्या को देखते हुए पुलिस टीम शनिवार को शाम से ही सहसों में तैनात थी। जाम न लगने देने के लिए वाहनों को डायवर्ट किया गया। फिलहाल बार्डर पर जाम नहीं है। स्थिति सामान्य है। - डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक