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60 लाख की आबादी के लिए स्वाइन फ्लू के जांच की नहीं है सुविधा
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जौनपुर। 60 लाख की आबादी वाले जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए न तो जांच की कोई सुविधा है न इलाज की। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड बनाकर उस पर ताला जड़ दिया गया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन आठ से 10 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलते हैं। ऐसे मरीजों को देखते ही चिकित्सक मरीजों को दूसरे शहरों के लिए रेफर कर देते हैं। अब तक दो दर्जन से ज्यादा मरीज यहां से रेफर किए जा चुके हैं। स्वाइन फ्लू से जिले में दो लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें एक मरीज केराकत तो दूसरा मुंगराबादशाहपुर का रहने वाला था। इससे जहां लोगों में दहशत हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। घातक बीमारी से निबटने और मरीजों के समुचित उपचार के लिए कोई तैयारी स्वास्थ्य महकमे ने नहीं की। इस समय जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले 60 फीसदी से अधिक मरीज सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। इनमें प्रतिदिन आठ से दस ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें स्वाइन फ्लू में जो लक्षण मिल रहे हैं। ऐसे मरीजों को चिकित्सक तुरंत वाराणसी, लखनऊ, इलाहाबाद के लिए रेफर कर देते हैं। इसकी वजह है कि जिला अस्पताल में न तो जांच के इंतजाम हैं और न इलाज की सुविधा। खानापूर्ति के लिए अस्पताल प्रशासन ने स्वाइन फ्लू वार्ड जरूर बना दिया है लेकिन उसमें हमेशा ताला लटका रहता है। सीएमओ को यह पता नहीं है कि जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा है या नहीं।
हर रोज होती है 1200 मरीजों की ओपीडी
जौनपुर। जिला अस्पताल में हर रोज एक हजार से 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। इस समय यहां आने वाले 60 से 70 फीसदी मरीज सर्दी-जुकाम और बुखार से पीडित होते हैं। बुधवार को अस्पताल में 1120 मरीजों की ओपीडी हुई थी तो गुरुवार को 1114 मरीज इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
जौनपुर। वरिष्ठ चिकित्सक डा. अरुण कुमार मिश्र का कहना है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण भी आम सर्दी जुकाम की तरह ही होता है। लेकिन यह जल्दी ठीक नहीं होता है। जुकाम होना, हल्का बुखार आना, नाक बहना , गले में खरास होना, बदन में दर्द, गले में दर्द होना, सुस्ती आना आदि स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के लक्षण किसी में दिखाई पड़ता है तो तुरंत चिकित्सक से परमामर्श लेकर जांच करा लेना चाहिए। बचाव के लिए बाहर निकलने पर मास्क जरूर लगाए। कहीं बाहर गए हैं तो थोड़ी सी दिक्कत होने पर जांच करा लें।
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जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के जांच और इलाज की सुविधा नहीं है। ओपीडी में जिन मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलते हैं, उन्हें जांच कराने के लिए बीएचयू वाराणसी भेजा जाता है। इस समय मौसम में आए बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
- डॉ. एसके पांडेय, सीएमएस जिला अस्पताल
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हर रोज होती है 1200 मरीजों की ओपीडी
जौनपुर। जिला अस्पताल में हर रोज एक हजार से 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। इस समय यहां आने वाले 60 से 70 फीसदी मरीज सर्दी-जुकाम और बुखार से पीडित होते हैं। बुधवार को अस्पताल में 1120 मरीजों की ओपीडी हुई थी तो गुरुवार को 1114 मरीज इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
जौनपुर। वरिष्ठ चिकित्सक डा. अरुण कुमार मिश्र का कहना है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण भी आम सर्दी जुकाम की तरह ही होता है। लेकिन यह जल्दी ठीक नहीं होता है। जुकाम होना, हल्का बुखार आना, नाक बहना , गले में खरास होना, बदन में दर्द, गले में दर्द होना, सुस्ती आना आदि स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के लक्षण किसी में दिखाई पड़ता है तो तुरंत चिकित्सक से परमामर्श लेकर जांच करा लेना चाहिए। बचाव के लिए बाहर निकलने पर मास्क जरूर लगाए। कहीं बाहर गए हैं तो थोड़ी सी दिक्कत होने पर जांच करा लें।
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जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के जांच और इलाज की सुविधा नहीं है। ओपीडी में जिन मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलते हैं, उन्हें जांच कराने के लिए बीएचयू वाराणसी भेजा जाता है। इस समय मौसम में आए बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
- डॉ. एसके पांडेय, सीएमएस जिला अस्पताल