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Jaunpur News: अमीर बनाने का सपना दिखाकर 30 युवक-युवतियों को बनाया बंधक, खाने में देते थे आलू-चावल

Wed, 15 Jul 2026 12:04 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:04 AM IST
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30 young men and women held captive after being lured with promises of wealth; fed only potatoes and rice.
खुलासा---बरामद गाड़ी। पुलिस
लाइन बाजार पुलिस ने फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) और पिरामिड चेन नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह बेरोजगार और कम पढ़े-लिखे युवाओं को मोटी नौकरी और अमीर बनने का सपना दिखाकर अपने जाल में फंसाता था। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर 30 युवक-युवतियों को बंधनमुक्त कराया है। इनमें पांच युवतियां भी शामिल हैं।
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पुलिस लाइन में मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए सीओ सिटी (ट्रेनी आईपीएस) गोल्डी गुप्ता ने बताया कि सोमवार शाम एसपी के सीयूजी नंबर पर पीड़ितों ने अपनी लोकेशन भेजकर एक कमरे में बंधक बनाए जाने की सूचना दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पंचहटिया स्थित मकान पर पहुंची और सभी को सुरक्षित मुक्त कराकर पुलिस लाइन लाई। पूछताछ में पीड़ितों ने बताया कि एमएस अर्थ इंटरप्राइजेज और रॉयल हेल्थ वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्जी कंपनियां संचालित की जा रही थीं। गिरोह बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के बेरोजगार युवाओं को 25 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी का झांसा देकर पहले वाराणसी बुलाता था, जहां उनका साक्षात्कार कराया जाता था। इसके बाद ज्वाइनिंग और रजिस्ट्रेशन के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से 30 से 35 हजार रुपये वसूले जाते थे। बदले में एक-दो हजार रुपये कीमत की सामान्य किट देकर प्रशिक्षण शुरू कराया जाता था।
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प्रशिक्षण के दौरान युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन पर तीन नए लोगों को कंपनी से जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। ऐसा नहीं करने पर वेतन रोकने और जमा रकम वापस न करने की धमकी दी जाती थी। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें एक छोटे कमरे में बंधक बनाकर रखा जाता था, दिनभर बाउंसरों की निगरानी में काम कराया जाता था और भोजन में केवल उबले आलू व चावल दिए जाते थे। बंधक बनाए गए 30 लोगों में 20 कन्नौज के निवासी हैं, जबकि अन्य रायबरेली समेत विभिन्न जनपदों के रहने वाले हैं।
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34 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा
सीओ सिटी ने बताया कि जांच में गिरोह के सरगना राहुल राजभर के यूनियन बैंक खाते में करीब 34 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। मामले में वित्तीय अनियमितताओं और ठगी के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी
राहुल राजभर (वाराणसी) — गिरोह का सरगना
संतोष कुमार पटेल (बांदा)
हवलदार पाल (सुल्तानपुर)
प्रदीप पाल (सुल्तानपुर)
चंदन दोहरे (कन्नौज)
तिरोस राजभर (जौनपुर)
अरविंद राजभर (वाराणसी)
ये सामान हुए बरामद
11 मोबाइल फोन
एक थार कार
एक बुलेट मोटरसाइकिल
एक पल्सर मोटरसाइकिल
600 रुपये नकद
एमएस अर्थ इंटरप्राइजेज के कार्यालय से कई महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट दस्तावेज

खुलासा---बरामद गाड़ी। पुलिस

खुलासा---बरामद गाड़ी। पुलिस

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