{"_id":"5d0d252c8ebc3e014601fa76","slug":"15611425572-jaunpur-news48","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रभारी चिकित्साधिकारी निलंबित, डेंटल हाईजनिष्ट ललितपुर स्थानांतरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रभारी चिकित्साधिकारी निलंबित, डेंटल हाईजनिष्ट ललितपुर स्थानांतरित
विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुईथाकला जौनपुर परिसर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्यक्रम से संबंधित लाभार्थी कार्ड फेकें जाने के मामले में शासन गंभीर हो गया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने चिकित्सा अधीक्षक डा0 जैसलाल को निलंबित कर दिया है। डेंटल हाईजनिस्ट विपनेश एस कुमार सिंह का स्थानांतरण ललितपुर के लिए कर दिया गया है। उधर सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने पूरे मामले में सरपतहा पुलिस को अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुईथाकला के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 5992 कार्ड वितरित करने के लिए लखनऊ से फरवरी 2019 में आया था। कार्ड वितरण के लिए तीन लोगों की टीम लगाई गई थीं। जिसमें ब्लाक स्तर के डीपीएम, डीसीपीएम और एन.सी.टी.एस आपरेटर प्रमुख है। कार्ड कुछ वितरण नहीं हुआ था। जहां तक कार्ड कूड़ेदान में फेंके जाने का सवाल है उसे किसी ने देखा नहीं है। सिर्फ वीडियो वायरल होने के बाद खलबली मची है। संबंधित प्रकरण में जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्काल विभागीय कार्रवाई करते हुए प्रकरण पर जांच हेतु त्रिसदस्यी जांच कमेटी का गठन किया है। , जिसमें जांच कमेटी के अध्यक्ष अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (भण्डार) डा. एस.पी. मिश्रा, सदस्य नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्यक्रम के डा. आर.के. सिंह एवं डिस्टिक को-ऑर्डिनेटर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्यक्रम के डा. बद्री विशाल पांडेय ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। पूरे मामले में खेल हुआ है। कार्ड कहां फेंका गया था। किस चैनल ने वीडियों तैयार किया। वीडियों में सिर्फ कार्ड ही क्यों दिखाया गया सहित कई अहम प्रश्नों का जवाब पुलिस अब तलाश करेंगी। पुलिस की जांच में कुछ पोर्टल एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े लोग भी आ सकते है। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि पुलिस को तहरीर मेरे द्वारा दी गई है। पुरा मामला संदिग्ध है। इससे लगता है कि बदनाम करने की साजिश कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने कुछ लोगों को मिलाकर किया है। ऐसे में पुलिस जांच करेंगी कि पूरा मामला क्या है। उन्होंने बताया कि दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई शासन स्तर से हुई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुईथाकला के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 5992 कार्ड वितरित करने के लिए लखनऊ से फरवरी 2019 में आया था। कार्ड वितरण के लिए तीन लोगों की टीम लगाई गई थीं। जिसमें ब्लाक स्तर के डीपीएम, डीसीपीएम और एन.सी.टी.एस आपरेटर प्रमुख है। कार्ड कुछ वितरण नहीं हुआ था। जहां तक कार्ड कूड़ेदान में फेंके जाने का सवाल है उसे किसी ने देखा नहीं है। सिर्फ वीडियो वायरल होने के बाद खलबली मची है। संबंधित प्रकरण में जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्काल विभागीय कार्रवाई करते हुए प्रकरण पर जांच हेतु त्रिसदस्यी जांच कमेटी का गठन किया है। , जिसमें जांच कमेटी के अध्यक्ष अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (भण्डार) डा. एस.पी. मिश्रा, सदस्य नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्यक्रम के डा. आर.के. सिंह एवं डिस्टिक को-ऑर्डिनेटर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्यक्रम के डा. बद्री विशाल पांडेय ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। पूरे मामले में खेल हुआ है। कार्ड कहां फेंका गया था। किस चैनल ने वीडियों तैयार किया। वीडियों में सिर्फ कार्ड ही क्यों दिखाया गया सहित कई अहम प्रश्नों का जवाब पुलिस अब तलाश करेंगी। पुलिस की जांच में कुछ पोर्टल एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े लोग भी आ सकते है। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि पुलिस को तहरीर मेरे द्वारा दी गई है। पुरा मामला संदिग्ध है। इससे लगता है कि बदनाम करने की साजिश कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने कुछ लोगों को मिलाकर किया है। ऐसे में पुलिस जांच करेंगी कि पूरा मामला क्या है। उन्होंने बताया कि दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई शासन स्तर से हुई है।
विज्ञापन