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संसार के सभी संबंधों के पीछे है मानव का स्वार्थ
Updated Sun, 16 Dec 2018 12:19 AM IST
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जलालपुर। अयोध्या के संत शिव कुमार शास्त्री ने कहा कि भरत की कथा भाव बंधन को तोड़ने वाली है। कुटीर चक्के गांव में डॉ. अजयेन्द्र कुमार दुबे के आवास पर चल रही श्रीरामचरितमानस एवं श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन भरत चरित्र का भावपूर्ण तरीके से वर्णन किया। कहा कि भगवान राम ने भरत को समझाते हुए कहा कि संपत्ति बांटने वाले भाई बहुत हैं पर विपत्ति बांटने वाले भाई तुम्ही हो। उसी क्रम में श्रीमद्भागवत के महत्व की चर्चा प्रमोद कुमार शास्त्री ने की। कहा कि संसार में जितने भी संबंध है सब स्वार्थपूर्ण हैं। क्रोध मोह इत्यादि से मनुष्य ग्रसित न हो। भागवत कथा हमें यही सतर्क कराती है। इस अवसर पर कृष्ण प्रताप दुबे, दुर्गा दुबे, काशी दुबे, त्रिलोकी नाथ मिश्र, अशोक यादव, सुनील वर्मा, पंडित राम सुमेर मिश्र, पंडित भूषण मिश्र, उपेंद्र दुबे, कुंवर भारत सिंह आदि उपस्थित रहे। आरती वंदन अभिराम दुबे ने किया।