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सत्संग के जरिए मनुष्य जुड़ सकता है भगवान से
Updated Thu, 15 Nov 2018 12:49 AM IST
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बरईपार। कथावाचक मदन मोहन मिश्र ने सत्संग की महिमा को करते हुए कहा कि सत्संग मात्र से मनुष्य सभी प्रकार के पापों से मुक्त हो जाता है। मनुष्य का भगवान की अद्भुत लीलाओं से साक्षात्कार होता है। कथा सुनने से ज्ञान बढ़ता है तो मनुष्य भगवान की भक्ति को प्राप्त कर सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाता है। वह महराजगंज ब्लॉक के कंधी गांव में चल रहे पांच दिवसीय श्रीराम कथा के पहले दिन कथा प्रवचन कर रहे थे।
प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादासत्संग करना चाहिए। बदलते परिवेश में तथा व्यस्तता के दौर में मनुष्य के जीवन में तनाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में सत्संग तथा ज्ञान यज्ञ के जरिए मनुष्य सीधे ईश्वर से जुड़ सकता है। कलियुग केवल नाम अधारा, गोस्वामी जी का इस वाक्य से इशारा ही यही है, कि इस कलियुग में सत्संग के आलावा कोई अन्य मार्ग नहीं है। कल्याण एक मात्र रास्ता है। कथा सुनने मात्र से ही जीवों को पूर्व कृत सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है । सत्संगति मुद मंगल मूला हर प्रकार के मंगलों का मूल है, सत्संग । इसके पूर्व आयोजक श्याम जी मिस्र ने कथा वाचक का माल्यापर्ण कर स्वागत किया और कथा प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डा. हरिशंकर शुक्ल, जितेंद्र शुक्ल, अरविंद सिंह, अतुल मिश्र, लालजी मिश्र, शंखधर सिंह, सालिक राम सिंह आदि मौजूद रहे।
प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादासत्संग करना चाहिए। बदलते परिवेश में तथा व्यस्तता के दौर में मनुष्य के जीवन में तनाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में सत्संग तथा ज्ञान यज्ञ के जरिए मनुष्य सीधे ईश्वर से जुड़ सकता है। कलियुग केवल नाम अधारा, गोस्वामी जी का इस वाक्य से इशारा ही यही है, कि इस कलियुग में सत्संग के आलावा कोई अन्य मार्ग नहीं है। कल्याण एक मात्र रास्ता है। कथा सुनने मात्र से ही जीवों को पूर्व कृत सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है । सत्संगति मुद मंगल मूला हर प्रकार के मंगलों का मूल है, सत्संग । इसके पूर्व आयोजक श्याम जी मिस्र ने कथा वाचक का माल्यापर्ण कर स्वागत किया और कथा प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डा. हरिशंकर शुक्ल, जितेंद्र शुक्ल, अरविंद सिंह, अतुल मिश्र, लालजी मिश्र, शंखधर सिंह, सालिक राम सिंह आदि मौजूद रहे।
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