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रावण जलते ही लगे जय श्री राम के नारे

Thu, 25 Oct 2018 12:04 AM IST
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:04 AM IST
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रावण जलते ही लगे जय श्री राम के नारे
जौनपुर। जिले भर में रामलीलाएं चल रही हैं। मंगलवार की रात कहीं रावण का दहन किया गया तो कहीं राम को राजगद्दी दी गई। सुजानगंज के प्रेम का पुरा में रावण दहन के मौके पर मेला लगा। गौराबादहशाहपुर में राजगद्दी दी गई।
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सुजानगंज क्षेत्र के प्रेम का पूरा गांव में रावण दहन के बाद लगे मेले को देखने के लिए भीड़ उमड़ी। रावण का पुतला दहन हुआ तो सारा मेला जयकारे से गूंज उठा। गौराबाशाहपुर में राम को राजगद्दी दी गई। कैलाश नाथ सिंह, अंकित सेठ, समिति के धमेंन्द्र गुप्ता, प्रधान नवीन साहू , हरिशंकर बाबा, विनय कुमार मिश्र, कुमकुम, सुरेन्द्र सिंह, अशोक सिंह, सर्वेश अग्रहरी, पप्पू चौरसिया, निखिल सेठ, नवीन साहू ने व्यवस्था संभाली। खुटहन क्षेत्र के धर्म मंडल रामलीला समिति कोकना मंच पर लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद और रावण वध की लीला हुई। वहीं लक्ष्मण द्वारा मेघनाद को और राम के द्वारा अहंकारी रावण को सुरधाम भेजते ही दर्शक जयकार लगाने लगे। विष्णुकांत उपाध्याय, सूबेदार, रवी उपाध्याय, राजेन्द्र, बृजेश उपाध्याय, विवेक, जगदंबा उपाध्याय ने व्यवस्था संभाली। मुंगराबादशाहपुर के पुरानी सब्जी साहबगंज के मंच पर मां सिंह वाहिनी रामलीला समिति कौशाम्बी मंडली की ओर से तीसरे दिन लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद बध की लीलाएं हुईं। लक्ष्मण को शक्ति लगने पर रामदल में मायूसी छा गई। हनुमान जी विघ्न-बाधाओं को पार करते हुए संजीवनी लेकर आए और लक्ष्मण को होश आया। राकेश राम, हनुमत तिवारी लक्ष्मण, राजेंद्र ने मेघनाद, नरेंद्र हनुमान, राजेश रावण, चतुर सिंह कुंभकरण के स्वरूप बने।
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सतहरिया। मुंगराबादशाहपुर के शक्ति पीठ मां काली मंदिर से श्री राम दल भरत मिलाप रोशनी कमेटी की तरफ से रजत जयंती पर श्रीराम का रथ निकाला। रथ पर राम के रूप में तृप्ति केशरी, मां सीता के रूप में प्रज्ञा केशरी, हनुमान के रूप में तन्मय व रचित विराजमान थे। शोभा यात्रा पूरे नगर में भ्रमण किया। कमेटी के अध्यक्ष संतोष मिश्रा नाटे गुरु व प्रबंधक सौरभ जायसवाल शंटी ने भगवान की झांकी का आरती उतार कर रथ को रवाना किया। रामरथ के आगे पदाधिकारी व श्रद्धालु गाजे-बाजे व डीजे के साथ नाचते गाते व प्रभू कीर्तन करते हुए चल रहे थे। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक आलोक कुमार गुप्त, कर्तिकेय गुप्त, राजेश कुमार गुप्त, गौरव जायसवाल, अवधेश, गोविंद, महेशचंद्र, सुनील केशरी,गोलू, अंकुर,गामा, मनोज आदि मौजूद रहे।
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थानागद्दी। श्रीराम रामलीला नाटक समिति के मंच पर थानागद्दी बाजार में तीसरे दिन मंगलवार की ताड़का, सुबाहु और मारीच का वध की लीला हुई।
राक्षसों के उत्पात से त्रस्त विश्वामित्र राम व लक्ष्मण को लेकर अपने साथ जंगल गए। बहुत कहने से सुनने पर दोनों को कुमारों को भेजने पर राजा दशरथ राजी हुए। ऋषियों की तपस्या में बाधा पैदा करने वाली ताड़का, सुबाहु और मारीच का वध किया। मार्ग में पत्थर बनी देवी अहिल्या मिलीं, जो राम के छूते ही फिर नारी रुप में आ गईं। निर्देशक अशोक कुमार शुक्ल और प्रबन्धक शिवप्रताप सिंह ने सभी के प्रति आभार जताया।इस अवसर पर हरिहर शुक्ल दुर्गा प्रसाद सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, शिवकुमार सिंह,देवेंद्र शुक्ल,ओमप्रकाश शुक्ल,पंकज बाबा,रामचन्द्र यादव आदि उपस्थित रहे। बक्शा विकास खण्ड के श्री नवनिहाल धर्ममंडल बरपुर गांव की रामलीला शूर्पनखा की नाक काटने की लीला हुई।राम का स्वरूप विधान पांडेय, लक्ष्मण का मोनू मिश्र, सीता का शनि सिंह, रावण का राजनारायण सिंह, शूर्पनखा का स्वरूप संदीप मिश्र ने धारण किया।




मछलीशहर। आदर्श रामलीला समिति कुरनी में सीता स्वयंबर से लेकर वनगमन तक के भव्य मार्मिक दृश्यों का मंचन कलाकारों ने किया। जिसमें दो चक्रवर्ती राजाओं की संधि वार्ता की गई। मिथिला नरेश राजा जनक ने राम के साथ साथ लक्ष्मण भरत व शत्रुघ्न के विवाह करने की सहमति जताई। इस पर राजा दशरथ ने कहा हे मिथलेश आज से जो कुछ भी हमारा है उस पर आपका भी उतना अधिकार ही है। यह सुनकर जनक के आंखों में खुशी के आंसू आ गए। राजा दशरथ के चारों पुत्रों का विवाह मंगलमय ढंग से हो गया। सभी अयोध्या वापस आ जाते हैं। दशरथ अपनी अवस्था को देखते हुए कुल गुरु बशिष्ठ से राम को राज तिलक की अनुमति लेते हैं। अयोध्या वासी खुशियां मानते हैं तभी कुसंगति की मूर्ति मंथरा ने रानी कैकेयी के सामने बेटे भरत को राजा बनाने का प्रस्ताव रखती है, और कुसंगति में पड़ी रानी ने उनकी बात मान लिया। दशरथ कैकेयी संवाद को देख कर सभी दर्शक भाव विभोर हो उठे। दशरथ का अभिनय राजेंद्र सिंह, राम का अभिनय राहुल अग्रहरि तथा लक्ष्मण अग्रहरि ने लक्ष्मण का, शिवम पाण्डेय ने जनक , आवनेन्द सिंह ने वशिष्ठ, छेदी अग्रहरि ने कैकेयी की भूमिका निभाई। संचालक राकेश मिश्रा उर्फ मंगला ने किया। आभार ज्ञापन प्रबन्धक राजन सिंह ने किया।
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