{"_id":"5bbba7e8867a55281c6217ee","slug":"15390248478-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंटी लार्वा दवा के पैसे से खरीद लिया कुर्सी और पर्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंटी लार्वा दवा के पैसे से खरीद लिया कुर्सी और पर्दा
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बरईपार। सुजानगंज ब्लाक में मच्छरों से बचाव के लिए एंटी लार्वा दावा का छिड़काव कराने के बजाय धन का बंदर बांट कर लिया गया। पिछले चार वर्षो से कई गांवों में दवा का छिड़काव नहीं कराया गया। जिसके चलते गांवों में संक्रामक बीमारी फैसने का खतरा बना हुआ है।
ब्लाक के सकरा प्रथम गांव में मच्छर जनित रोगों के रोकथाम के लिए छिड़काव की जाने वाली एंटी लार्वा दवा का छिड़काव पिछले 4 सालों से नहीं हुआ है। गांव में दवा का छिड़काव कराने के नाम पर हर साल मिलने वाले 10000 रूपये का बंदरबांट करके कुर्सी, मेज और पर्दा खरीद लिया। गांव के लिए हर वर्ष दस हजार रूपये आवंटित होता है। जिसका सही से प्रयोग किया जाए तो गांव में मच्छर जनित बीमारियां नहीं होगी। आइजीआरएस के माध्यम से शिकायत करने के बाद सुजानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. पुनीत कश्यप ने बताया कि इस गांव में 2015 में 10000 ग्राम प्रधान और एएनएम संयुक्त खाते से निकाला गया था। जिससे मेज कुर्सी पर्दा आदि की खरीदारी कर ली गई। दवा का छिड़काव नहीं किया गया। गांव निवासी कमलेश कुमार पांडेय, माता चरण पांडेय, अनिल कुमार पांडेय, विकास कुमार पांडेय, धर्मेंद्र कुमार पांडेय, अशोक कुमार पांडेय, आदि ने बताया कि गांव में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव आज तक कभी हुआ ही नहीं है। जिसे लेकर गांव के लोगों में काफी आक्रोश है। गांव के लोगों का कहना है कि एंटी लारवा दवा का छिड़काव होना जरूरी था। जो कि विभाग द्वारा नहीं करवाया गया। विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।
ब्लाक के सकरा प्रथम गांव में मच्छर जनित रोगों के रोकथाम के लिए छिड़काव की जाने वाली एंटी लार्वा दवा का छिड़काव पिछले 4 सालों से नहीं हुआ है। गांव में दवा का छिड़काव कराने के नाम पर हर साल मिलने वाले 10000 रूपये का बंदरबांट करके कुर्सी, मेज और पर्दा खरीद लिया। गांव के लिए हर वर्ष दस हजार रूपये आवंटित होता है। जिसका सही से प्रयोग किया जाए तो गांव में मच्छर जनित बीमारियां नहीं होगी। आइजीआरएस के माध्यम से शिकायत करने के बाद सुजानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. पुनीत कश्यप ने बताया कि इस गांव में 2015 में 10000 ग्राम प्रधान और एएनएम संयुक्त खाते से निकाला गया था। जिससे मेज कुर्सी पर्दा आदि की खरीदारी कर ली गई। दवा का छिड़काव नहीं किया गया। गांव निवासी कमलेश कुमार पांडेय, माता चरण पांडेय, अनिल कुमार पांडेय, विकास कुमार पांडेय, धर्मेंद्र कुमार पांडेय, अशोक कुमार पांडेय, आदि ने बताया कि गांव में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव आज तक कभी हुआ ही नहीं है। जिसे लेकर गांव के लोगों में काफी आक्रोश है। गांव के लोगों का कहना है कि एंटी लारवा दवा का छिड़काव होना जरूरी था। जो कि विभाग द्वारा नहीं करवाया गया। विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।
विज्ञापन