{"_id":"5bb5115c867a557f6918042a","slug":"15385930956-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहर से टूटी आस, किसान धान की कैसे बुझाये प्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहर से टूटी आस, किसान धान की कैसे बुझाये प्यास
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नेवढ़िया। रामनगर ब्लाक के नहर की माइनर में पानी नहीं आने से धान के फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। जिससे धान की फसल सूख रही है।जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिची हुई हैं। वहीं शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों ने शीघ्र माइनर में पानी छोड़ने की मांग की है।
रामनगर से नेवढ़िया जाने वाली नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों में त्राहि त्राहि मची हुई है।जिससे गद्दीपुर, रामनगर,जूड़पुर, बासापुर,बुद्धीपुर, नोनौटी, नोकरा,पांडेयपुर,तिवरान आदि गावों में धान की फसल पानी के अभाव के कारण सूखकर चौपट होने के कागार पर है। जबकि फसलों की सिंचाई का मात्र एक साधन नहर ही है। जिसमे भी विभाग द्वारा समय से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। जिससे किसानों के धान की फसल सूखने के कगार पर है। किसान दिनेश तिवारी,मनोज दुबे,दादा पटेल,दीना पटेल,सुनील तिवारी आदि ने बताया कि जब धान की फसल सूखकर खत्म हो जाएगा तो नहर में पानी आने से क्या फायदा। किसानों ने जैसे तैसे इकट्ठा कर लागत लगाकर धान की खेती किया है। वह भी सिंचाई के अभाव में फसल सूखने से डूब जाएगी। जिससे किसानों के परिवार का भरण पोषण होना मुस्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिसकी शिकायत अधिकारियों से कई बार किया गया। लेकिन अभी तक पानी छोड़ने का कार्य नहीं किया गया है। उन्होंने शीघ्र पानी छोड़ने की मांग की है।साथ ही ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
रामनगर से नेवढ़िया जाने वाली नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों में त्राहि त्राहि मची हुई है।जिससे गद्दीपुर, रामनगर,जूड़पुर, बासापुर,बुद्धीपुर, नोनौटी, नोकरा,पांडेयपुर,तिवरान आदि गावों में धान की फसल पानी के अभाव के कारण सूखकर चौपट होने के कागार पर है। जबकि फसलों की सिंचाई का मात्र एक साधन नहर ही है। जिसमे भी विभाग द्वारा समय से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। जिससे किसानों के धान की फसल सूखने के कगार पर है। किसान दिनेश तिवारी,मनोज दुबे,दादा पटेल,दीना पटेल,सुनील तिवारी आदि ने बताया कि जब धान की फसल सूखकर खत्म हो जाएगा तो नहर में पानी आने से क्या फायदा। किसानों ने जैसे तैसे इकट्ठा कर लागत लगाकर धान की खेती किया है। वह भी सिंचाई के अभाव में फसल सूखने से डूब जाएगी। जिससे किसानों के परिवार का भरण पोषण होना मुस्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिसकी शिकायत अधिकारियों से कई बार किया गया। लेकिन अभी तक पानी छोड़ने का कार्य नहीं किया गया है। उन्होंने शीघ्र पानी छोड़ने की मांग की है।साथ ही ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन