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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर निकाला कैंडिल मार्च
Updated Wed, 03 Oct 2018 12:48 AM IST
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जौनपुर। संयुक्त संघर्ष संचालन समिति ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर मंगलवार की शाम माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष रमेश सिंह के नेतृत्व में कैंडिल मार्च निकाल कर विरोध जताया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किए जाने की मांग की।
माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष रमेश सिंह ने कहा कि एनपीएस की सबसे बड़ी आपत्ति शिक्षक एवं कर्मचारी समाज की यह है कि हजारों करोड़ों की धनराशि शेयर मार्केट एवं अन्य विभिन्न संस्थाओं में निवेश की जाएगी। उसकी आय व परिणामों के आधार पर पेंशन निर्धारित होगी। जिलाध्यक्ष अमित सिंह ने कहा कि आम कर्मचारी व शिक्षक देश, राज्य में जनसेवक के रूप में कार्य करते है, लेकिन सांसद व विधायक को एक दिन पद पर रहने पर भी पुरानी पेंशन देय है और हमकों इससे वंचित कर दिया गया है। जिलामंत्री संजय सिंह ने कहा कि लोक कल्याणकारी राज्य में शिक्षक एवं कर्मचारियों के साथ इतना भेदभाव उचित नहीं है। वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रांतीय प्रधान महासचिव अखिलेश सिंह ने कहा कि नई पेंशन योजना में शिक्षक एवं कर्मचारियों के धनराशि के भुगतान की कोई गारंटी नही दी गई है जो कर्मचारियों के साथ बहुत बड़ा धोखा है। इस अवसर पर नरसिंह बहादुर सिंह, सुधाकर सिंह, सुशील उपाध्याय, प्रमोद श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश, कुमैल हैदर, शैलेन्द्र सिंह, राजेश टोनी, सरोज सिंह, डा. उदय, अरुण सिंह, अतुल दुबे, मनीष, सोमवंशी, उमेश यादव, सतीश पाठक, संतोष बघेल, रोहित यादव, अतुल सिंह, सुधीर सिंह, केशव, अर्चना सिंह, दिनेश, सतीश सिंह, अनिल यादव, अभिषेक, अश्वनी सिंह, दिवाकर चौहान, भूपेश, रामसिंह राव, रेखा यादव, दशरथ, सुबाष, लक्ष्मी नारायण विकास, जनार्दन, संतोष तिवारी, राजीव रत्नम, अजीत, गिरीश सिंह आदि मौजूद थे।
माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष रमेश सिंह ने कहा कि एनपीएस की सबसे बड़ी आपत्ति शिक्षक एवं कर्मचारी समाज की यह है कि हजारों करोड़ों की धनराशि शेयर मार्केट एवं अन्य विभिन्न संस्थाओं में निवेश की जाएगी। उसकी आय व परिणामों के आधार पर पेंशन निर्धारित होगी। जिलाध्यक्ष अमित सिंह ने कहा कि आम कर्मचारी व शिक्षक देश, राज्य में जनसेवक के रूप में कार्य करते है, लेकिन सांसद व विधायक को एक दिन पद पर रहने पर भी पुरानी पेंशन देय है और हमकों इससे वंचित कर दिया गया है। जिलामंत्री संजय सिंह ने कहा कि लोक कल्याणकारी राज्य में शिक्षक एवं कर्मचारियों के साथ इतना भेदभाव उचित नहीं है। वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रांतीय प्रधान महासचिव अखिलेश सिंह ने कहा कि नई पेंशन योजना में शिक्षक एवं कर्मचारियों के धनराशि के भुगतान की कोई गारंटी नही दी गई है जो कर्मचारियों के साथ बहुत बड़ा धोखा है। इस अवसर पर नरसिंह बहादुर सिंह, सुधाकर सिंह, सुशील उपाध्याय, प्रमोद श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश, कुमैल हैदर, शैलेन्द्र सिंह, राजेश टोनी, सरोज सिंह, डा. उदय, अरुण सिंह, अतुल दुबे, मनीष, सोमवंशी, उमेश यादव, सतीश पाठक, संतोष बघेल, रोहित यादव, अतुल सिंह, सुधीर सिंह, केशव, अर्चना सिंह, दिनेश, सतीश सिंह, अनिल यादव, अभिषेक, अश्वनी सिंह, दिवाकर चौहान, भूपेश, रामसिंह राव, रेखा यादव, दशरथ, सुबाष, लक्ष्मी नारायण विकास, जनार्दन, संतोष तिवारी, राजीव रत्नम, अजीत, गिरीश सिंह आदि मौजूद थे।
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