फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   शहर में सड़कों के किनारे डंप कर दिया जाता है कचरा..

शहर में सड़कों के किनारे डंप कर दिया जाता है कचरा..

Sat, 15 Sep 2018 12:04 AM IST
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
शहर में सड़कों के किनारे डंप कर दिया जाता है कचरा..

विज्ञापन
जौनपुर। नगरपालिका परिषद जौनपुर के पास कूड़ा निस्तारण के लिए कोई समुचित स्थान नहीं है। सड़क किनारे कूंड़ा डंप किया जाता है। उसमें से कुछ की उठान होती है और कुछ दिन भर पसरा रहता है। अफसर भी मानते हैं कि सड़कों के किनारे कूड़ा डंप करना उनकी मजबूरी है। प्रतिदिन 82 मिट्रिक टन कचरा शहर में निकलता है, जिसके इधर-उधर पसरे रहने से उसमें सड़न होती है और राहगीरों को नाक पर रुमाल रखकर गुजरना होता है। गुरुवार को जिले में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद सड़कों पर फैले कूड़े को देखकर नाराजगी जताई थी और मंच से शहर को गंदगी से भरा करार देते हुए कहा था कि यहां सड़क और पार्क में कूड़ा फेंका गया है।
शहर में वाजिदपुर से जेसीज चौराहा और शास्त्री पुल तक सड़क किनारे जगह जगह दोनों तरफ कूड़ा डंप कर दिया जाता है। जिससे उठ रही दुर्गंध के चलते इधर से गुजरने वाले लोगों को परेशानी होती है। पैदल चलने वालों को नांकपर रुमाल रखनी होती है। पचहटिया, सिपाह, चौकिया मार्ग, कलीचाबाद के पास हाईवे के किनारे भी जगह जगह कचरा डंप किया जा रहा है।
विज्ञापन

शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए वर्ष 2008 में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की बुनियाद रखी गई थी, जो 10 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चालू होने पर शहर को इस समस्या से निजात मिल सकती है। 12 करोड़ की लागत से बनने वाला प्लांट चालू होने पर प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का निस्तारण हो सकता है लेकिन बुनियाद रखने के 10 साल बाद यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी नहीं हो सकी। शुरुआत के दो से तीन साल तक यह परियोजना जमीन विवाद में फंसी रही। बाद में किसी तरह विवाद निबटा तो निर्माण कराने वाली गुडग़ांव की फर्म ए-टू-जेड ने पुरानी दर पर काम करने से हाथ खड़े कर दिए। अब जाकर कार्यदायी संस्था सीएनडीएस ने दावा किया है कि बजट को लेकर फर्म से विवाद खत्म हो गया है। शीघ्र निर्माण पूरा करा लिया जाएगा। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद्र की माने तो 82 मीट्रिक टन कचरा पुराने 31 वार्डों से निकलता है। जबकि इस बार आठ नए वार्ड शहर में शामिल हो गए हैं। जहां अभी सफाई की व्यवस्था नहीं हो सकी है। 62 वर्ग किलोमीटर में फैले इस पूरे शहर में सफाई शुरू होने पर कूड़े की मात्रा बढ़ जाएगी। ऐसे में समस्या और भी गंभीर हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कूड़ों में रोज निकल रही प्लास्टिक
जौनपुर। 50 माइक्रान से कम की प्लास्टिक और थर्माकोल पर प्रतिबंध लग चुका है। लेकिन शहर से निकलने वाला कचरा जहां डंप किया जा रहा है उसेमें प्लास्टिक की कमी नहीं हो रही है। लोगों के घरों से निकलने वाले कचरे में अभी भी प्लास्टिक आ रहा है।


शहर के अंदर कहीं भी ऐसी खाली जगह नहीं हऌै जहां कूड़ा निस्तारित किया जा सके। कुल्हनामऊ में बन रहा सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के तैयार होने पर इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
कृष्ण चंद्र
अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद जौनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed