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बारिश धान के लिए अमृत,अन्य फसलों के लिए नुकसान
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:09 AM IST
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जौनपुर। जिले में अब तक सीजन में होने वाली कुल औसत बारिश के 58 फीसदी तक पानी बरस चुका है। यह वर्षा धान की फसलों के लिए जहां अमृत साबित हा रही है, वहीं अरहर, मक्का, ज्वार, उड़द व मूंग आदि फसलों के लिए नुकसान है। इस दौरान धान को छोड़कर अन्य खरीफ की फसलें 15 फीसदी नुकसान हो चुकी है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि इसी तरह बारिश होती रही तो धान की फसल का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 25 फीसदी अधिक होगी।
जिले में छह लाख 55 हजार किसान हैं। इन किसानों द्वारा कुल दो लाख 29 हजार 217 हेक्टेयर भूमि में खरीफ की खेती की गई है, जिसमें एक लाख 59 हजार 121 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती हुई है। लगभग 70 हजार 96 हेक्टेयर खेत में अरहर, बाजरा, ज्वार, उड़द व मूंग आदि की बुवाई की गई है। लगातार बारिश होने से धान की फसल तो खेतों में लहलहा रही है, लेकिन अरहर सहित अन्य दलहन की फसलों को नुकसान पहुंचा है। हलांकि अभी तक कृषि विभाग द्वारा इन फसलों के क्षति का आकलन नहीं किया गया है। बता दें कि जिले में जुन माह में 87.6मीमी. मानक औसत के सापेक्ष 15.06मीमी., जुलाई माह में 269.20 मीमी. मानक औसत के सापेक्ष 140.23 मीमी. व अगस्त माह में 296 मीमी. मानक औसत के सापेक्ष 143.22 मानक औसत वर्षा हुई है।
किस तहसील में कितनी हुई है वर्षा
तहसील - जून - जुलाई - अगस्त
सदर - 246 - 185 - 247.1
मडिय़ाहूं - 4.80 - 190.2 - 164
मछलीशहर - 24 - 88.9 - 121
शाहगंज - 28.40 - 183.4 -197.2
केराकत - 3.60 - 96.9 - 56
बदलापुर - 0 - 97 - 74
-----------------------------------
जिले में इसी तरह से बारिश होती रही तो पिछले साल की तुलना में इस साल धान की 25 फीसदी अधिक पैदावार होगी। वहीं बारिश के कारण 15 फीसदी अरहर,मक्का, ज्वार, उड़द व मूंग आदि फसलें नुकसान हो चुकी हैं। इन फसलों के खेत में किसान पानी नहीं लगने दें। पानी लगने से ही इन फसलों की क्षति होती है।
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डा. संदीप
कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा
जिले में छह लाख 55 हजार किसान हैं। इन किसानों द्वारा कुल दो लाख 29 हजार 217 हेक्टेयर भूमि में खरीफ की खेती की गई है, जिसमें एक लाख 59 हजार 121 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती हुई है। लगभग 70 हजार 96 हेक्टेयर खेत में अरहर, बाजरा, ज्वार, उड़द व मूंग आदि की बुवाई की गई है। लगातार बारिश होने से धान की फसल तो खेतों में लहलहा रही है, लेकिन अरहर सहित अन्य दलहन की फसलों को नुकसान पहुंचा है। हलांकि अभी तक कृषि विभाग द्वारा इन फसलों के क्षति का आकलन नहीं किया गया है। बता दें कि जिले में जुन माह में 87.6मीमी. मानक औसत के सापेक्ष 15.06मीमी., जुलाई माह में 269.20 मीमी. मानक औसत के सापेक्ष 140.23 मीमी. व अगस्त माह में 296 मीमी. मानक औसत के सापेक्ष 143.22 मानक औसत वर्षा हुई है।
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किस तहसील में कितनी हुई है वर्षा
तहसील - जून - जुलाई - अगस्त
सदर - 246 - 185 - 247.1
मडिय़ाहूं - 4.80 - 190.2 - 164
मछलीशहर - 24 - 88.9 - 121
शाहगंज - 28.40 - 183.4 -197.2
केराकत - 3.60 - 96.9 - 56
बदलापुर - 0 - 97 - 74
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जिले में इसी तरह से बारिश होती रही तो पिछले साल की तुलना में इस साल धान की 25 फीसदी अधिक पैदावार होगी। वहीं बारिश के कारण 15 फीसदी अरहर,मक्का, ज्वार, उड़द व मूंग आदि फसलें नुकसान हो चुकी हैं। इन फसलों के खेत में किसान पानी नहीं लगने दें। पानी लगने से ही इन फसलों की क्षति होती है।
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डा. संदीप
कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा