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कबड्डी खेल मनाया गया राष्ट्रीय खेल दिवस
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:08 AM IST
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थानागद्दी। केराकत क्षेत्र के बांसबारी स्थित अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक विद्यालय परिसर में बुधवार को बालक और बालिका वर्ग के बीच कबड्डी प्रतियोगिता कराकर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया। जौनपुर से आये समाजसेवी प्रदीप मिश्र ने बतौर मुख्यातिथि हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद एवं उनके भाई रूपचंद ने मिलकर 1932 के विश्वकप हाकी में अमेरिकी टीम के ऊपर कुल 24 गोल दागकर विश्व में तहलका मचा दिया था।वह रिकार्ड 86 वर्ष बाद भारत ने ही अभी जकार्ता में चल रहे एशियाई खेल में 26 गोल मारकर तोड़ा है। जर्मनी की पूरी टीम केवल ध्यानचंद के पीछे ही भागती रही। यह मैच देख रहे तत्कालीन जर्मनी के तानाशाह शासक हिटलर ने ध्यानचंद को अच्छी नौकरी के एवज में जर्मनी बसने की सलाह दी।मेजर ध्यानचंद ने स्वदेश के प्रति प्यार की बात कहकर हिटलर की पेशकश ठुकरा दी थी। ऐसे राष्ट्रभक्त महान हाकी खिलाड़ी की याद में खेल प्रतियोगिता आयोजित कर हमे उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। कबड्डी प्रतियोगिता के बालक वर्ग में हिमांशु यादव व बालिका वर्ग में जानकी सरोज की टीम विजेता रही। निर्णायक की भूमिका प्रवीण त्रिपाठी ने निभाई। इस अवसर पर पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए शिक्षकों ने बांह में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया। इस अवसर पर प्रधानाध्यक वीरेंद्र प्रताप यादव,नवीन कुमार मौर्य,प्रवीण त्रिपाठी,अमृता,अनुराग मिश्र आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद एवं उनके भाई रूपचंद ने मिलकर 1932 के विश्वकप हाकी में अमेरिकी टीम के ऊपर कुल 24 गोल दागकर विश्व में तहलका मचा दिया था।वह रिकार्ड 86 वर्ष बाद भारत ने ही अभी जकार्ता में चल रहे एशियाई खेल में 26 गोल मारकर तोड़ा है। जर्मनी की पूरी टीम केवल ध्यानचंद के पीछे ही भागती रही। यह मैच देख रहे तत्कालीन जर्मनी के तानाशाह शासक हिटलर ने ध्यानचंद को अच्छी नौकरी के एवज में जर्मनी बसने की सलाह दी।मेजर ध्यानचंद ने स्वदेश के प्रति प्यार की बात कहकर हिटलर की पेशकश ठुकरा दी थी। ऐसे राष्ट्रभक्त महान हाकी खिलाड़ी की याद में खेल प्रतियोगिता आयोजित कर हमे उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। कबड्डी प्रतियोगिता के बालक वर्ग में हिमांशु यादव व बालिका वर्ग में जानकी सरोज की टीम विजेता रही। निर्णायक की भूमिका प्रवीण त्रिपाठी ने निभाई। इस अवसर पर पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए शिक्षकों ने बांह में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया। इस अवसर पर प्रधानाध्यक वीरेंद्र प्रताप यादव,नवीन कुमार मौर्य,प्रवीण त्रिपाठी,अमृता,अनुराग मिश्र आदि उपस्थित रहे।
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