{"_id":"5b10412a4f1c1b8c6e8b59b2","slug":"15277919204-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ने मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम ने मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण
Updated Fri, 01 Jun 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय मेडिकल कॉलेज सिद्दीकपुर का गुरुवार को जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। जहां उनसे निर्माण निगम के अधिकारियों ने पुरानी बिल्डिंगों को तोड़ने की मांग करते हुए बजट का रोना रोया।
जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी सीडीओ आलोक सिंह के साथ गुरूवार की शाम राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां उन्होंने ओपीडी, आवास, हॉस्टल का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की जानकारी प्राप्त की। निर्माण निगम के अधिकारियों के साथ बैठक किया। निर्माण निगम के एई आरके सिंह और टाटा के आरसीएम मनोज चौधरी ने बताया कि निर्माण कार्य में पुरानी बिल्डिंग समस्या बनी हुई है। इन्हें हटाने के लिए पत्र लिखा गया है। लेकिन अभी तक संबंधित विभाग ने पुराना भवन नहीं हटाया है। उन्होंने कहा कि बिल्डिंगों को तैयार करने में बजट की कमी भारी पड़ रही है। डीएम ने कहा कि बजट के लिए प्रयास किया जाएगा। बजट मिलते ही ओपीडी और अन्य जरूरत की बिल्डिंगों को तत्काल हैंडओवर किया जाए। एई आरके सिंह ने आश्वासन दिया कि फंड मिलने के बाद एक साल के भीतर सभी काम पूर्ण करा लिए जाएंगे।
विज्ञापन
जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी सीडीओ आलोक सिंह के साथ गुरूवार की शाम राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां उन्होंने ओपीडी, आवास, हॉस्टल का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की जानकारी प्राप्त की। निर्माण निगम के अधिकारियों के साथ बैठक किया। निर्माण निगम के एई आरके सिंह और टाटा के आरसीएम मनोज चौधरी ने बताया कि निर्माण कार्य में पुरानी बिल्डिंग समस्या बनी हुई है। इन्हें हटाने के लिए पत्र लिखा गया है। लेकिन अभी तक संबंधित विभाग ने पुराना भवन नहीं हटाया है। उन्होंने कहा कि बिल्डिंगों को तैयार करने में बजट की कमी भारी पड़ रही है। डीएम ने कहा कि बजट के लिए प्रयास किया जाएगा। बजट मिलते ही ओपीडी और अन्य जरूरत की बिल्डिंगों को तत्काल हैंडओवर किया जाए। एई आरके सिंह ने आश्वासन दिया कि फंड मिलने के बाद एक साल के भीतर सभी काम पूर्ण करा लिए जाएंगे।
विज्ञापन