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गुनाहों की माफी देती है शब-ए- कद्र की रात
Updated Thu, 31 May 2018 12:04 AM IST
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जौनपुर। रमजान के पाक महीने में इबादत गुजार बंदे पहली रात से ही अपने माबूद (पूज्य) को मनाने, उसकी इबादत करने मे जुट जाते हैं। इन नेक बंदों के लिए शब-ए-कद्र परवरदिगार का अनमोल तोहफा है। कुरान में इसे हजार महीनों से श्रेष्ठ रात बताया गया है। यह बातें मरकजी सीरत कमेटी के पूर्व नायब सदर शकील मंसूरी ने कही।
उन्होंने कहा कि श्रद्घा और ईमान के साथ इस रात में इबादत करने वालों के पिछले गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। आलिमों का कहना है कि जहां भी पिछले गुनाह माफ करने की बात आती है वहां छोटे गुनाह बख्श दिए जाने से मुराद होती है। रसूलल्लाह ने शब-ए-कद्र के लिए रमजान की 21, 23, 25, 27 और 29 वीं रात बताई। इन रातों में रातभर मुख्तलिफ इबादतें की जाती हैं। जिनमें निफिल नमाजे पढ़ना, कुरान पढ़ना, मुख्तलिफ तसबीहात (जाप) पढ़ना अहम है। रमजान में खुदा की रहमत पूरे जोश पर होती है। शबे कद्र यानी हजार महीनों से बेहतर रात। इस रात में कुरान उतारा गया और इसी शब में अनगिनत लोगों को माफी दी जाती है। इसीलिए पूरी रात जागकर इबादत की जाती है।
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उन्होंने कहा कि श्रद्घा और ईमान के साथ इस रात में इबादत करने वालों के पिछले गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। आलिमों का कहना है कि जहां भी पिछले गुनाह माफ करने की बात आती है वहां छोटे गुनाह बख्श दिए जाने से मुराद होती है। रसूलल्लाह ने शब-ए-कद्र के लिए रमजान की 21, 23, 25, 27 और 29 वीं रात बताई। इन रातों में रातभर मुख्तलिफ इबादतें की जाती हैं। जिनमें निफिल नमाजे पढ़ना, कुरान पढ़ना, मुख्तलिफ तसबीहात (जाप) पढ़ना अहम है। रमजान में खुदा की रहमत पूरे जोश पर होती है। शबे कद्र यानी हजार महीनों से बेहतर रात। इस रात में कुरान उतारा गया और इसी शब में अनगिनत लोगों को माफी दी जाती है। इसीलिए पूरी रात जागकर इबादत की जाती है।
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