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फोरलेन के निर्माण को किसानों ने रोका
Updated Wed, 25 Apr 2018 12:52 AM IST
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बदलापुर/ घनश्यामपुर। क्षेत्र के फत्तूपुर गांव के किसानों राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे फोर लेन के निर्माण का कार्य किसानों ने रोक दिया। आरोप है कि उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। जिसे लेकर प्रशासनिक अमला में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को जरिए टेलीफोन पर दिया। डीएम के निर्देश पर बदलापुर के उपजिलाधिकारी रमापति राम विन्द राजस्व टीम तथा पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। समझाबुझाकर किसानों को शांत कराया।
किसान शिवशंकर सिंह, भोलानाथ सिंह तथा शम्भूनाथ सिंह ने मंगलवार को नेशनल हाइवे पर हो रहे सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य को प्रतिकर का उचित मूल्य न मिलने के कारण रोक दिया। उपजिलाधिकारी को बताया कि आबादी व मुख्य सड़क के किनारे होने के कारण निर्धारित बाजार रेट का तीन गुना यानी चौरासी लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का प्रतिकर मिलना चाहिए। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने आश्वासन दिया कि न्यायालय का निर्णय मान्य होगा। उनके आश्वासन पर विरोध कर रहे किसान शांत हुए और काम शुरू करा दिया गया। इस दौरान उपजिलाधिकारी रमापति राम बिन्द, नायब तहसीलदार कृष्णराज सिंह, प्रभारी निरीक्षक विद्या प्रकाश राम मौजूद थे। गौरतलब है कि फत्तूपुर गाँव में कृषि भूमि का निर्धारित मूल्य बाजार दर पर अट्ठाइस लाख रुपया प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। अपनी मांग को पूरी कराने के लिए किसानों ने साल भर पहले सक्षम प्राधिकारी मुख्य राजस्व अधिकारी की अदलत को भी खटखटाया है। मुख्य राजस्व अधिकारी ने किसानों की माँग को एक सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनकी अधिग्रहित जमीन का मुआवजा उचित लगाया गया है। मुख्य राजस्व अधिकारी के निर्णय के खिलाफ शिवशंकर आदि ने जिला जज की अदालत में फरियाद की है।
किसान शिवशंकर सिंह, भोलानाथ सिंह तथा शम्भूनाथ सिंह ने मंगलवार को नेशनल हाइवे पर हो रहे सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य को प्रतिकर का उचित मूल्य न मिलने के कारण रोक दिया। उपजिलाधिकारी को बताया कि आबादी व मुख्य सड़क के किनारे होने के कारण निर्धारित बाजार रेट का तीन गुना यानी चौरासी लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का प्रतिकर मिलना चाहिए। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने आश्वासन दिया कि न्यायालय का निर्णय मान्य होगा। उनके आश्वासन पर विरोध कर रहे किसान शांत हुए और काम शुरू करा दिया गया। इस दौरान उपजिलाधिकारी रमापति राम बिन्द, नायब तहसीलदार कृष्णराज सिंह, प्रभारी निरीक्षक विद्या प्रकाश राम मौजूद थे। गौरतलब है कि फत्तूपुर गाँव में कृषि भूमि का निर्धारित मूल्य बाजार दर पर अट्ठाइस लाख रुपया प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। अपनी मांग को पूरी कराने के लिए किसानों ने साल भर पहले सक्षम प्राधिकारी मुख्य राजस्व अधिकारी की अदलत को भी खटखटाया है। मुख्य राजस्व अधिकारी ने किसानों की माँग को एक सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनकी अधिग्रहित जमीन का मुआवजा उचित लगाया गया है। मुख्य राजस्व अधिकारी के निर्णय के खिलाफ शिवशंकर आदि ने जिला जज की अदालत में फरियाद की है।
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