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महतारी जस दुलार न पइवा, बहिनी जस प्यार......
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:15 AM IST
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केराकत। अक्षर आरसी साहित्यिक संगठन द्वारा शुक्रवार को केराकत नगर में काव्य गोष्ठी का आयोजन पूर्व प्राचार्य पंडित मदन मोहन शुक्ल की अध्यक्षता में हुई। जिसमें कवियों ने अपने -अपनी कविता सुनाकर लोगों की खूब वाहवाही बटोरी। काव्य गोष्ठी का शुभारंभ पवन कुमार पांडेय ने मां सरस्वती की बंदना व डा. बहादुर अली खान मीनाई ने कलाम प्रस्तुत कर किया।
कवि नंदलाल समीर ने कहा कि महतारी जस दुलार न पइवा,बहिनी जस प्यार न पइवा।दिन रात करा मां बाप क सेवा, अपने के कभी लाचार न पइबा सुनाकर मां व पिता के महत्व को बताया। कवि शारदा प्रसाद बादल ने कहा कि कइसे जान बची भगवान, कानून रोज बन रहा मनमाना।किसान छुट्टा से परेशान,चट कर गए खेत व सिवान सुनाकर फसलों का नुकसान होने पर किसानों के दर्द को बयां किया। कवि श्रीपति सिंह गौतम ने कहा कि अकणन कम कर,बदन में लोच ला,दिल के शोधन में मत कर लाज। यही तेरी पूजा है ,यही तेरी नमाज, डा. बहादुर अली मीनाई ने कहा कि सुना है आज पानी को प्यास लगी है, अरे अरे ये तो पानी में आग लगी है।आ दमी मोहब्बत से लगे इस तरह जैसे,दिन रात के साथ ,रात दिन के साथ, युवा कवि कृष्णा लाल कुंदन ने कहा कि दुनिया का रहनुमा वन,देते शान्ती का संदेश।माई जहरवा भइली, बहुवर पियारी बेटा अलग भैना सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। काव्य गोष्ठी में दिनेश दिनकर,पवन कुमार पांडेय,सूबेदार पांडेय,वृजेश लहरी, साहब सहज आदि कवियों ने काव्य पाठ किया।
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कवि नंदलाल समीर ने कहा कि महतारी जस दुलार न पइवा,बहिनी जस प्यार न पइवा।दिन रात करा मां बाप क सेवा, अपने के कभी लाचार न पइबा सुनाकर मां व पिता के महत्व को बताया। कवि शारदा प्रसाद बादल ने कहा कि कइसे जान बची भगवान, कानून रोज बन रहा मनमाना।किसान छुट्टा से परेशान,चट कर गए खेत व सिवान सुनाकर फसलों का नुकसान होने पर किसानों के दर्द को बयां किया। कवि श्रीपति सिंह गौतम ने कहा कि अकणन कम कर,बदन में लोच ला,दिल के शोधन में मत कर लाज। यही तेरी पूजा है ,यही तेरी नमाज, डा. बहादुर अली मीनाई ने कहा कि सुना है आज पानी को प्यास लगी है, अरे अरे ये तो पानी में आग लगी है।आ दमी मोहब्बत से लगे इस तरह जैसे,दिन रात के साथ ,रात दिन के साथ, युवा कवि कृष्णा लाल कुंदन ने कहा कि दुनिया का रहनुमा वन,देते शान्ती का संदेश।माई जहरवा भइली, बहुवर पियारी बेटा अलग भैना सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। काव्य गोष्ठी में दिनेश दिनकर,पवन कुमार पांडेय,सूबेदार पांडेय,वृजेश लहरी, साहब सहज आदि कवियों ने काव्य पाठ किया।
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