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क्ति का सद्उपयोग करने वाला होता है ज्ञानी- बालक दास
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:24 AM IST
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सतहरिया। शक्ति का सदुपयोग करने वाला ही सबसे बड़ा ज्ञानी है। वही शिरोमणि बनता है। जो गलत दिशा में शक्ति का प्रयोग करता है उसका विनाश तय है। वह समाज में निंदनीय हो जाता है।शक्ति अनुचित स्थान पर लगाने से वह क्षीर्ण हो जाती है। यह बात जनकपुर के संत बालकदास ने सोंहासा गांव स्थित सोहासिन चौरा माई मंदिर पर राम कथा में दूसरे दिन बुधवार को कहा।
उन्होंने लक्ष्मण शक्ति प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जब युद्ध में मेघनाथ द्धारा लक्ष्मण को शक्ति बाण मारा गया तो लक्ष्मण मूर्छित हो गए। इसके बाद रामादल में शोक की लहर दौड़ गई। प्रभु श्रीराम लक्ष्मण को मूर्छित देखा तो उनके नेत्र आसुओं से भींग गए। सुषेन वैद्य द्धारा उपचार हेतु बताये हुए दवा संजीवनी बूटी लेने प्रभु हनुमान निकल पड़े। रास्ते में हनुमान ने राक्षस कालनेमी का बध व अप्सरा जो ऋषि के श्राप से मकरी हो गई थी। उसका उद्धार किया। हनुमान ने धवलागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी ले आए । तब लक्ष्मण को होश आया।संत ने कहा कि हमेशा असत्य पर सत्य की विजय होती है।
उन्होंने लक्ष्मण शक्ति प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जब युद्ध में मेघनाथ द्धारा लक्ष्मण को शक्ति बाण मारा गया तो लक्ष्मण मूर्छित हो गए। इसके बाद रामादल में शोक की लहर दौड़ गई। प्रभु श्रीराम लक्ष्मण को मूर्छित देखा तो उनके नेत्र आसुओं से भींग गए। सुषेन वैद्य द्धारा उपचार हेतु बताये हुए दवा संजीवनी बूटी लेने प्रभु हनुमान निकल पड़े। रास्ते में हनुमान ने राक्षस कालनेमी का बध व अप्सरा जो ऋषि के श्राप से मकरी हो गई थी। उसका उद्धार किया। हनुमान ने धवलागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी ले आए । तब लक्ष्मण को होश आया।संत ने कहा कि हमेशा असत्य पर सत्य की विजय होती है।
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