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बारहसिंघा व हिरण भी कर रहे फसलों नष्ट
Updated Thu, 25 Jan 2018 01:20 AM IST
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बरईपार। सई नदी के तटवर्ती इलाकों में बारहसिंगा, हिरण, नीलगाय और अन्य छुट्टा पशु फसलों को बरबाद कर रहे हैं। वे झुंड में खेतों में घुस आते हैं और फसल तहस-नहस कर दे रहे हैं। किसानों ने इसकी कई बार अफसरों से शिकायत की लेकिन राहत के उपाय नहीं किए गए।
सई नदी से सटे शाहपुर,राजेपुर, सकरा आदि गावों में छुट्टा पशुओं द्वारा फसलों को नुकसान किया जा रहा था। वहीं अब हिरण और बारहसिंघा भी जंगलों से निकल कर फसलों को बाबार्द कर रहे हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से किसान सिर्फ फसलों का नुकसान होते देख रहा है। हालत यह है कि बारहसिंघा और हिरण दिन में छिपे रहते हैं। लेकिन रात होते ही वे खेतों में पहुंचकर फसलों को चर रहे हैं। इस सम्बंध में शाहपुर गांव निवासी किसान विजय प्रताप यादव,रमापति यादव, सत्य प्रकाश यादव, धनौवां गांव निवासी धर्मेंद्र यादव, राजेपुर गांव निवासी ओम प्रकाश मौर्य, सकरा गांव निवासी जगदीश पांडेय, बंगलीपुर गांव निवासी रंजन सिंह ने कहा की सई नदी के किनारे झुरमुट व आसपास के हिरण और बारहसिंघा देखे जा रहे है, जो दिन में छिपे रहते है। लेकिन रात में निकल कर गेहूूं, चना व रहर आदि फसल चर रहे हैं। इसकी शिकायत कृषि विभाग सहित अन्य अधिकारियों से कई बार की गई। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सई नदी से सटे शाहपुर,राजेपुर, सकरा आदि गावों में छुट्टा पशुओं द्वारा फसलों को नुकसान किया जा रहा था। वहीं अब हिरण और बारहसिंघा भी जंगलों से निकल कर फसलों को बाबार्द कर रहे हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से किसान सिर्फ फसलों का नुकसान होते देख रहा है। हालत यह है कि बारहसिंघा और हिरण दिन में छिपे रहते हैं। लेकिन रात होते ही वे खेतों में पहुंचकर फसलों को चर रहे हैं। इस सम्बंध में शाहपुर गांव निवासी किसान विजय प्रताप यादव,रमापति यादव, सत्य प्रकाश यादव, धनौवां गांव निवासी धर्मेंद्र यादव, राजेपुर गांव निवासी ओम प्रकाश मौर्य, सकरा गांव निवासी जगदीश पांडेय, बंगलीपुर गांव निवासी रंजन सिंह ने कहा की सई नदी के किनारे झुरमुट व आसपास के हिरण और बारहसिंघा देखे जा रहे है, जो दिन में छिपे रहते है। लेकिन रात में निकल कर गेहूूं, चना व रहर आदि फसल चर रहे हैं। इसकी शिकायत कृषि विभाग सहित अन्य अधिकारियों से कई बार की गई। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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