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बजट के अभाव में गति नहीं पकड़ रही विकास योजनाएं
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:15 AM IST
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जौनपुर। बजट लेट मिलने और नहीं रहने सहित विभागीय लापरवाही के कारण विकास योजनाएं रफ्तार नहीं पकड़ पा रही हैं। जिससे कई योजनाएं या तो ठप पड़ी हुई हैं या फिर अभी प्रारंभ हुई है। वहीं पहले से चल रही कई योजनाएं बंद कर दी गई हैं। कई का नाम बदल दिया गया है।
जिले में लोगों का विकास करने के उद्देश्य से केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित हैं। जिसमें मुख्य रुप से पेंशन, स्वास्थ्य, आवास, खेती किसानी, राशन उपलब्ध कराने, बिजली उपलब्ध कराने आदि के लिए कई योजनाएं संचालित हैं। वहीं हौसला पोषण मिशन, इंदिरा आवास, लोहिया आवास व एपीएल राशन कार्ड आदि योजना को बंद कर दिया गया है। जबकि राष्ट्रीय संशोधित बीमा योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कर दिया गया है। इसी प्रकार इंदिरा व लोहिया आवास के स्थान पर प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना, एपीएल राशन कार्ड योजना के स्थान पर पात्र गृहस्थी के नाम से योजनाएं चल रही हैं। इनके अलावां दीनदयाल विद्युतीकरण व दीनदयाल ग्राम ज्योति आदि जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई है। प्रमुख योजनाओं के प्रगति पर नजर दौड़ाए बजट के अभाव में हाटकुक्ड योजना ठप पड़ी हुई है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन योजना ग्रामीण के तहत चालू वित्तीय वर्ष के पांच माह बीतने के बाद अभी तक एक लाख लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 18 हजार शौचालय बनाए जा सके हैं। विभाग बजट नहीं आने का रोना रो रहा है। पीएम आवास योजना ग्रामीण में आठ हजार 968 के सापेक्ष लगभग चार हजार लाभार्थियों के खाते में कुछ दिन पूर्व ही धनराशि भेजी गई है। विभाग बजट लेट आने का रोना रो रहा है। इसी प्रकार एनआरएलएम में 525 लक्ष्य के सापेक्ष 305 समूह बने हैं। मनरेगा में अभी तक 46 जाबकार्ड धारकों को 100 दिन का काम दिया गया है। लगभग यही हाल अन्य योजनाओं का भी हैं।
कोट:
लक्ष्य के सापेक्ष योजनाओं की प्रगति करने और शासन से शीघ्र बजट मांगने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अधिकारियों को किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया है। कमी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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आलोक सिंह
मुख्य विकास अधिकारी
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जिले में लोगों का विकास करने के उद्देश्य से केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित हैं। जिसमें मुख्य रुप से पेंशन, स्वास्थ्य, आवास, खेती किसानी, राशन उपलब्ध कराने, बिजली उपलब्ध कराने आदि के लिए कई योजनाएं संचालित हैं। वहीं हौसला पोषण मिशन, इंदिरा आवास, लोहिया आवास व एपीएल राशन कार्ड आदि योजना को बंद कर दिया गया है। जबकि राष्ट्रीय संशोधित बीमा योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कर दिया गया है। इसी प्रकार इंदिरा व लोहिया आवास के स्थान पर प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना, एपीएल राशन कार्ड योजना के स्थान पर पात्र गृहस्थी के नाम से योजनाएं चल रही हैं। इनके अलावां दीनदयाल विद्युतीकरण व दीनदयाल ग्राम ज्योति आदि जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई है। प्रमुख योजनाओं के प्रगति पर नजर दौड़ाए बजट के अभाव में हाटकुक्ड योजना ठप पड़ी हुई है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन योजना ग्रामीण के तहत चालू वित्तीय वर्ष के पांच माह बीतने के बाद अभी तक एक लाख लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 18 हजार शौचालय बनाए जा सके हैं। विभाग बजट नहीं आने का रोना रो रहा है। पीएम आवास योजना ग्रामीण में आठ हजार 968 के सापेक्ष लगभग चार हजार लाभार्थियों के खाते में कुछ दिन पूर्व ही धनराशि भेजी गई है। विभाग बजट लेट आने का रोना रो रहा है। इसी प्रकार एनआरएलएम में 525 लक्ष्य के सापेक्ष 305 समूह बने हैं। मनरेगा में अभी तक 46 जाबकार्ड धारकों को 100 दिन का काम दिया गया है। लगभग यही हाल अन्य योजनाओं का भी हैं।
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कोट:
लक्ष्य के सापेक्ष योजनाओं की प्रगति करने और शासन से शीघ्र बजट मांगने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अधिकारियों को किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया है। कमी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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मुख्य विकास अधिकारी