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जरूरत के हिसाब से नहीं मिलती बिजली
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:03 AM IST
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लो वोल्टेज से गहराई समस्या
उमस भरी गर्मी में हवा को तरसे लोग, ट्यूबवेल नहीं चलने से सिंचाई का कार्य प्रभावित
इलेक्ट्रानिक उपकरणों के जलने से लोगों को हो रही क्षति
जरूरत के हिसाब से बिजली नहीं मिलने के कारण पैदा हुई समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। जिले के लोग अबतक विद्युत कटौती से परेशान थे लेकिन अब कटौती के साथ ही वोल्टेज के चलते समस्या गहरा गई है। उमस भरी गर्मी में पंखे नहीं चलने से लोग सो नहीं पा रहे हैं। इलेक्ट्रानिक उपकरण काम नहीं करने के कारण बेमतलब साबित हो रहे हैं। नलकूप न चलने से सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा हैं वहीं छोटे-छोटे उद्योग चौपट हो रहे हैं। इसके अलावा विद्युत उपकरण जलने से लोगों को क्षति उठानी पड़ रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो करीब 19 किलोवाट एंपीयर बिजली की आपूर्ति होने से संकट पैदा हुआ है। इस वक्त जिले में 113 केबीए बिजली मिल रही है जबकि जरूरत 132 से अधिक की है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज से आजिज आकर मीरगंज के लोगों ने जंघई फीडर का घेराव किया। आरोप लगाया कि 18 की जगह चार घंटे बिजली मिल रही है।
करीब पचास लाख आबादी वाले जिले में तीन लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ता हैं। सैकड़ों लघु उद्योग हैं। हजारों बड़ी संख्या में नलकूप, बीस हजार से अधिक लोगों के घरों एवं होटल में एसी, दो लाख लोगों के घरों में टीवी, फ्रिज आदि हैं। ऐसे में प्रतिदिन 132 किलोवाट एंपीयर बिजली की खपत होती है। बारिश न होने से अर्थिंग की दिक्कत पैदा हो गई है। तल्ख धूप और उमस भरी गर्मी के चलते बिजली की खपत बढ़ गई है। जिले में सिर्फ 113 केबीए बिजली मिलने के कारण लो वोल्टेज एवं कटौती की समस्या पैदा हुई है। लो वोल्टेज के चलते नलकूप नहीं चल रहे हैं। छोटे-छोटे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। डोभी क्षेत्र में लो वोल्टेज के चलते ट्यूबवेल बंद होने से धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इससे फसल सूखने के कगार पर है। बरसात न होने और नहर में पानी नहीं आने से किसान परेशान हैं। उधर, ग्रामीणों ने लो वोल्टेज और कटौती से आजिज आकर जंघई फीडर का घेराव किया। लोगों का कहना है कि जंघई के लोगों को सिर्फ चार घंटे बिजली मिल रही है। अलापुर के विपुल सिंह गोधना के अखिलेश सिंह, चौकीखुर्द के दिनेश सिंह, अगहुआ के उदय यादव, भटहर के सिंटू मौर्या, करियांव के लाल प्रताप गोधना के संजय दुबे का कहना है की बिजली कब आएगी कब चली जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं हैं।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि एक सप्ताह से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। लो वोल्टेज से इलेक्ट्रानिक उपकरण जलकर नष्ट हो जा रहे हैं। भाजपा नेता अमित सिंह ने कहा कि हर पांच मिनट पर बिजली अप डाउन होने से काफी दिक्कत है। घरों में एसी एवं पंखे नहीं चल पा रहे हैं। कारोबारी अरुण सिंह ने कहा कि लो वोल्टेज से उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। किसान रामराज विश्वकर्मा ने कहा कि सिंचाई के अभाव में फसल सूख रही है। मछलीशहर पावर हाउस के फीडर से जुड़े गांवों में लो वोल्टेज की समस्या के चलते नलकूप नहीं चलने से धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है। धान की फसल पानी के अभाव में सूख रही है। बरसात नही होने से धान की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। लो वोल्टेज के चलते पेयजल संकट भी गहरा गया है। अधीक्षण अभियंता एके मिश्र ने बताया कि जिले में 132 केवीए बिजली की जरूरत है लेकिन 113 केबीए बिजली ही मिल रही है। इसके चलते लो वोल्टेज की समस्या बनी है। शनिवार को 122 केवीए बिजली मिली है। शीघ्र ही सुधार हो जाएगा।
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उमस भरी गर्मी में हवा को तरसे लोग, ट्यूबवेल नहीं चलने से सिंचाई का कार्य प्रभावित
इलेक्ट्रानिक उपकरणों के जलने से लोगों को हो रही क्षति
जरूरत के हिसाब से बिजली नहीं मिलने के कारण पैदा हुई समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। जिले के लोग अबतक विद्युत कटौती से परेशान थे लेकिन अब कटौती के साथ ही वोल्टेज के चलते समस्या गहरा गई है। उमस भरी गर्मी में पंखे नहीं चलने से लोग सो नहीं पा रहे हैं। इलेक्ट्रानिक उपकरण काम नहीं करने के कारण बेमतलब साबित हो रहे हैं। नलकूप न चलने से सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा हैं वहीं छोटे-छोटे उद्योग चौपट हो रहे हैं। इसके अलावा विद्युत उपकरण जलने से लोगों को क्षति उठानी पड़ रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो करीब 19 किलोवाट एंपीयर बिजली की आपूर्ति होने से संकट पैदा हुआ है। इस वक्त जिले में 113 केबीए बिजली मिल रही है जबकि जरूरत 132 से अधिक की है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज से आजिज आकर मीरगंज के लोगों ने जंघई फीडर का घेराव किया। आरोप लगाया कि 18 की जगह चार घंटे बिजली मिल रही है।
करीब पचास लाख आबादी वाले जिले में तीन लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ता हैं। सैकड़ों लघु उद्योग हैं। हजारों बड़ी संख्या में नलकूप, बीस हजार से अधिक लोगों के घरों एवं होटल में एसी, दो लाख लोगों के घरों में टीवी, फ्रिज आदि हैं। ऐसे में प्रतिदिन 132 किलोवाट एंपीयर बिजली की खपत होती है। बारिश न होने से अर्थिंग की दिक्कत पैदा हो गई है। तल्ख धूप और उमस भरी गर्मी के चलते बिजली की खपत बढ़ गई है। जिले में सिर्फ 113 केबीए बिजली मिलने के कारण लो वोल्टेज एवं कटौती की समस्या पैदा हुई है। लो वोल्टेज के चलते नलकूप नहीं चल रहे हैं। छोटे-छोटे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। डोभी क्षेत्र में लो वोल्टेज के चलते ट्यूबवेल बंद होने से धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इससे फसल सूखने के कगार पर है। बरसात न होने और नहर में पानी नहीं आने से किसान परेशान हैं। उधर, ग्रामीणों ने लो वोल्टेज और कटौती से आजिज आकर जंघई फीडर का घेराव किया। लोगों का कहना है कि जंघई के लोगों को सिर्फ चार घंटे बिजली मिल रही है। अलापुर के विपुल सिंह गोधना के अखिलेश सिंह, चौकीखुर्द के दिनेश सिंह, अगहुआ के उदय यादव, भटहर के सिंटू मौर्या, करियांव के लाल प्रताप गोधना के संजय दुबे का कहना है की बिजली कब आएगी कब चली जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं हैं।
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माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि एक सप्ताह से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। लो वोल्टेज से इलेक्ट्रानिक उपकरण जलकर नष्ट हो जा रहे हैं। भाजपा नेता अमित सिंह ने कहा कि हर पांच मिनट पर बिजली अप डाउन होने से काफी दिक्कत है। घरों में एसी एवं पंखे नहीं चल पा रहे हैं। कारोबारी अरुण सिंह ने कहा कि लो वोल्टेज से उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। किसान रामराज विश्वकर्मा ने कहा कि सिंचाई के अभाव में फसल सूख रही है। मछलीशहर पावर हाउस के फीडर से जुड़े गांवों में लो वोल्टेज की समस्या के चलते नलकूप नहीं चलने से धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है। धान की फसल पानी के अभाव में सूख रही है। बरसात नही होने से धान की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। लो वोल्टेज के चलते पेयजल संकट भी गहरा गया है। अधीक्षण अभियंता एके मिश्र ने बताया कि जिले में 132 केवीए बिजली की जरूरत है लेकिन 113 केबीए बिजली ही मिल रही है। इसके चलते लो वोल्टेज की समस्या बनी है। शनिवार को 122 केवीए बिजली मिली है। शीघ्र ही सुधार हो जाएगा।
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