फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   मुकद्दस रमजान का दिखा जांच, मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह

मुकद्दस रमजान का दिखा जांच, मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह

Tue, 07 May 2019 12:59 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 07 May 2019 12:59 AM IST
विज्ञापन
मुकद्दस रमजान का दिखा जांच, मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह

विज्ञापन
जौनपुर। सोमवार की शाम चांद के दीदार के बादपाक महीना रमजानुल मुबारक शुरू हो गया। मुस्लिम इलाकों में चहल पहल बढ़ गई। लोग तरावीह, रोजा, नमाज में मशगूल हो गए। शाही पुल स्थित शेल वाली मस्जिद से रमजान का चांद दिखने के बाद पेश इमाम कारी जिया जौनपरी ने दुआ की। शहर की लाल मस्जिद, अटाला मस्जिद, मदीना मस्जिद, खानका रसीदिया, बड़ी मस्जिद , जिंदाशाह मदार मस्जिद कोतवाली, जामा मस्जिद बलुआ घाट मस्जिदे कूबा समेत अन्य मस्जिदों में भी तरावीह शुरू हो गई। कुछ मस्जिदों में छह दिन की तरावीह होती है तो कहीं 10 दिन, 14 दिन, 21 दिन और कहीं पूरे रमजान महीने तक तराबीह होती है।
चांद दिखते ही बाजारों में भी चहल पहल बढ़ गई। सहरी और इफ्तार के लिए लोगों ने खरीददारी की। शेर वाली मस्जिद के पेश इमाम कारी जिया जौनपुरी ने कहा कि रमजान माह का एक एक मिनट बहुत क़ीमती होता है। रमजान रहमत बरकत और मगफिरत का महीना है। इस पूरे महीने में मुसलमान भूखा प्यासा और बुरे कामों से तौबा कर हर अच्छे से अच्छे कार्य करने के साथ रोजे रखते हैं। अल्लाह ने मुसलमानों पर रोजे इसलिए फर्ज फरमाए हैं जिससे अपने अंदर तकवा परहेजग़ारी पैदा कर सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भूखा प्यासा रहता है और बुरे काम नहीं छोड़ता तो उसका रोजा सिर्फ फांके के सिवा कुछ नहीं है। अल्लाह को ऐसे लोगों के रोजे पसंद नहीं जो बुरे काम न छोड़े। अल्लाह रमजान में हर इंसान को मौका देता है कि वह अपने बुरे कामों से तौबा करे और अच्छे काम करने की ऐहेद करें। रमजान में हर नेक और बुरे काम का बदला 70 गुना अधिक होता है। शरीयत की किताबों में आया है यदि कोई व्यक्ति रमजान में बुरे कार्य करता है तो उसके बुरे कामों का बदला 70 गुना अधिक मिलेगा और इसी तरह अच्छे काम करेगा तो उसको 70 गुना अधिक सवाब मिलेगा। जामिया इमाम जाफर सादिक के प्रोफेसर एवं मस्जिद अब्दुल ख़ालिक़ मुल्लाटोला के इमाम मौलाना दिलशाद खान ने रमजान की फज़ीलत बयान करते हुए कहा कि इस्लाम मे रमजान के महीने को सबसे पाक महीना माना जाता है । रमजान के महीने में कुरान नाजिल हुआ था । माना जाता है कि रमजान के महीने में जन्नत के दरवाजे खुल जाते हैं । अल्लाह रोजेदार और इबादत करने वाले की दुआ कूबुल करता है और इस पवित्र महीने में गुनाहों से बख्शीश मिलती है ।
विज्ञापन


रमजान की पहली रात से ही खुल जाते हैं जन्नत के दरवाजे
जौनपुर। मरकजी सीरत कमेटी के उपाध्यक्ष शकील मंसूरी ने कहा कि कुरान और हदीस के ुताबिक रहमतों, बरकतों व गुनाहों की माफी पाने का महीना है रमजान। इस महीने की दिन व रातें दूसरे महीने से ज्यादा अफजल व माअतरब है। नबी-ए-करीम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहवसल्लम का फरमान है कि रमजान की पहली रात से ही जन्नत के दरवाजे खुल जाते हैं व जहन्नम के दरवाजे बंद कर शैतानों को जकड़ दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed