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जिले के चिकित्सकों की चुनाव में नहीं लगेगी ड्यूटी!
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जौनपुर। लोकसभा चुनाव में इमर्जेंसी सेवाओं को देखते हुए चिकित्सकों की ड्यूटी नहीं लगाए जाने का निर्णय हुआ है। सीडीओ ने चुनाव ड्यूटी में लगाए गए 25 डाक्टरों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। इनमें अधिकतर डाक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारी थे।
जिले के दो लोकसभा क्षेत्रों मछलीशहर और जौनपुर को 31 जोनल और 261 सेक्टर में बांटा गया है। यहां जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। इसमें कई डाक्टरों को भी सेक्टर मजिस्ट्रेट बना दिया गया था। जिले में सीएमओ के अधीन तकरीबन 178, जिला अस्पताल में 22 और महिला चिकित्सालय में 15 चिकित्सक तैनात हैं। इस तरह कुल 215 चिकित्सकों की तैनाती है। इसमें 25 चिकित्सकों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई थी। सीएमओ डाक्टर रामजी पांडेय ने शासनादेश का हवाला देते हुए मुख्य विकास अधिकारी गौरव वर्मा से कहा कि डाक्टरों की ड्यूटी लगने से इमर्जेंसी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। चुनाव के दिन मारपीट और हादसे की घटनाओं के बाद इलाज में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में सीडीओ ने जिला निर्वाचन अधिकारी को मामला संज्ञान में लाते हुए डाक्टरों को चुनाव से मुक्त कर दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग के फार्मासिस्ट चुनाव ड्यूटी पर लगाए जाएंगे। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि प्रशासन का यह निर्णय इमर्जेंसी सेवाओं को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि कई बार चुनाव में ड्यूटी लग जाने की वजह से इस तरह की समस्या पैदा हुई है।
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जिले के दो लोकसभा क्षेत्रों मछलीशहर और जौनपुर को 31 जोनल और 261 सेक्टर में बांटा गया है। यहां जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। इसमें कई डाक्टरों को भी सेक्टर मजिस्ट्रेट बना दिया गया था। जिले में सीएमओ के अधीन तकरीबन 178, जिला अस्पताल में 22 और महिला चिकित्सालय में 15 चिकित्सक तैनात हैं। इस तरह कुल 215 चिकित्सकों की तैनाती है। इसमें 25 चिकित्सकों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई थी। सीएमओ डाक्टर रामजी पांडेय ने शासनादेश का हवाला देते हुए मुख्य विकास अधिकारी गौरव वर्मा से कहा कि डाक्टरों की ड्यूटी लगने से इमर्जेंसी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। चुनाव के दिन मारपीट और हादसे की घटनाओं के बाद इलाज में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में सीडीओ ने जिला निर्वाचन अधिकारी को मामला संज्ञान में लाते हुए डाक्टरों को चुनाव से मुक्त कर दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग के फार्मासिस्ट चुनाव ड्यूटी पर लगाए जाएंगे। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि प्रशासन का यह निर्णय इमर्जेंसी सेवाओं को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि कई बार चुनाव में ड्यूटी लग जाने की वजह से इस तरह की समस्या पैदा हुई है।
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