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Jalaun News: यमुना का जलस्तर थमा, संपर्क मार्ग बहाल होने में लगेगा समय
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कालपी। तीन दिन यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद मंगलवार को 109 मीटर पर रुक गया है। इससे यमुना की तलहटी में बसे लोगों के साथ प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। अभी एक दो दिनों तक सडक संपर्क बहाल नहीं हो पाएगा। इस बार यमुना क्षेत्र की जनता के लिए मुसीबत बन गई है।
कालपी क्षेत्र में 28 जुलाई को आई बाढ़ ने एक दर्जन से अधिक गांवों को जलमग्न कर दिया था। लगभग तीन 40 गांवों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं थीं। इसकी क्षति का आकलन और प्रभावित किसानों की मदद की प्रक्रिया चल ही रही थी। शनिवार से यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ना शुरू हो गया था। हालांकि पहले जलस्तर को लोगों ने बेहद हल्के तरीके से लिया। रविवार को जलस्तर की रफ्तार ने लोगों को डरा दिया था। सोमवार की शाम को जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। इससे क्षेत्र के लोगों में दोबारा से बाढ़ का खतरा सताने लगा था।
प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थितियों को निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी थीं। नावों व मोटर वोटों का इंतजाम कर लिया गया था। मंगलवार को जलस्तर थमने से लोगों ने अब राहत की सांस ली है। उप जिलाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि यमुना का जलस्तर 109.2 पर जाकर रूक गया है। कुछ घंटे बाद यमुना का जलस्तर कम होना शुरू हो जाएगा। फिलहाल सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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गांवों का संपर्क मार्ग बहाल होने में लग सकता है समय
कालपी। यमुना का जलस्तर बढ़ने व खतरे के निशान को पार कर जाने से नून नदी पर बना पडरी रपटा पानी में डूब गया था। सोमवार की शाम रायढ़ दिवारा का संपर्क मुख्य सड़क से टूट गया था। व्यास मंदिर रोड पर जौधर नाला के पास सडक पर पानी आ जाने से देवकली, हीरापुर, कीरतपुर, मैनूपुर, देवकली, गुढा खास, शेखपुर गुढा के साथ नया पुरवा और मगरौल का भी तहसील मुख्यालय से सीधा सड़क मार्ग टूट गया था। जिससे इन गांवों को लोगों को चक्कर लगाकर आना पड़ रहा है। (संवाद)
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कालपी क्षेत्र में 28 जुलाई को आई बाढ़ ने एक दर्जन से अधिक गांवों को जलमग्न कर दिया था। लगभग तीन 40 गांवों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं थीं। इसकी क्षति का आकलन और प्रभावित किसानों की मदद की प्रक्रिया चल ही रही थी। शनिवार से यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ना शुरू हो गया था। हालांकि पहले जलस्तर को लोगों ने बेहद हल्के तरीके से लिया। रविवार को जलस्तर की रफ्तार ने लोगों को डरा दिया था। सोमवार की शाम को जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। इससे क्षेत्र के लोगों में दोबारा से बाढ़ का खतरा सताने लगा था।
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प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थितियों को निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी थीं। नावों व मोटर वोटों का इंतजाम कर लिया गया था। मंगलवार को जलस्तर थमने से लोगों ने अब राहत की सांस ली है। उप जिलाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि यमुना का जलस्तर 109.2 पर जाकर रूक गया है। कुछ घंटे बाद यमुना का जलस्तर कम होना शुरू हो जाएगा। फिलहाल सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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गांवों का संपर्क मार्ग बहाल होने में लग सकता है समय
कालपी। यमुना का जलस्तर बढ़ने व खतरे के निशान को पार कर जाने से नून नदी पर बना पडरी रपटा पानी में डूब गया था। सोमवार की शाम रायढ़ दिवारा का संपर्क मुख्य सड़क से टूट गया था। व्यास मंदिर रोड पर जौधर नाला के पास सडक पर पानी आ जाने से देवकली, हीरापुर, कीरतपुर, मैनूपुर, देवकली, गुढा खास, शेखपुर गुढा के साथ नया पुरवा और मगरौल का भी तहसील मुख्यालय से सीधा सड़क मार्ग टूट गया था। जिससे इन गांवों को लोगों को चक्कर लगाकर आना पड़ रहा है। (संवाद)