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Jalaun News: फिर उठी अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग
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फोटो - 30 चरखारी विधायक ब्रजभूषण सिंह राजपूत।
उरई। चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने शनिवार को उरई पहुंचकर एक बार फिर अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को मुखर किया। आवास पर समर्थकों और क्षेत्रवासियों से मुलाकात के दौरान अलग बुंदेलखंड राज्य के समर्थन में नारे लगाए गए और आंदोलन को नई गति देने की बात कही गई।
मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि बुंदेलखंड के समग्र विकास, युवाओं को रोजगार, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और क्षेत्रीय समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अलग बुंदेलखंड राज्य का गठन जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि क्षेत्र के भविष्य और विकास से जुड़ा जनहित का विषय है।
बृजभूषण राजपूत ने बताया कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग उठाते आ रहे हैं। अब इस जनभावना को गांव-गांव तक पहुंचाकर आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा, ताकि क्षेत्र की आवाज शासन तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
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उन्होंने कहा कि उनके पिता एवं पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने भी बुंदेलखंड के हितों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया था। उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए वह इस अभियान को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाएंगे।
हालांकि, अलग बुंदेलखंड राज्य के गठन को लेकर केंद्र या उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह मांग लंबे समय से विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर उठाई जाती रही है।
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मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि बुंदेलखंड के समग्र विकास, युवाओं को रोजगार, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और क्षेत्रीय समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अलग बुंदेलखंड राज्य का गठन जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि क्षेत्र के भविष्य और विकास से जुड़ा जनहित का विषय है।
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बृजभूषण राजपूत ने बताया कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग उठाते आ रहे हैं। अब इस जनभावना को गांव-गांव तक पहुंचाकर आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा, ताकि क्षेत्र की आवाज शासन तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
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उन्होंने कहा कि उनके पिता एवं पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने भी बुंदेलखंड के हितों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया था। उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए वह इस अभियान को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाएंगे।
हालांकि, अलग बुंदेलखंड राज्य के गठन को लेकर केंद्र या उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह मांग लंबे समय से विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर उठाई जाती रही है।