{"_id":"6175a20e0d0a86527b15d445","slug":"station-orai-news-knp660171667","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफाई पर स्टेशन अधीक्षक रखेंगे तीसरी आंख से नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सफाई पर स्टेशन अधीक्षक रखेंगे तीसरी आंख से नजर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई। बुंदेलखंड के आठ बड़े स्टेशनों की सफाई व्यवस्था पर स्टेशन अधीक्षक सीसीटीवी कैमरों से नजर रखेंगे। उनके कार्यालयों में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। जिससे वे सफाई व्यवस्था की निगरानी के साथ कर्मचारियों और यात्रियों की गतिविधियों पर भी नजर रख सकेंगे।
लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सफाई को लेकर आने वाले अधिकारी व आमयात्री नाराजगी जताते हैं। सफाई व्यवस्था अधिकांश बड़े स्टेशनों पर प्राइवेट एजेंसी के हवाले हो गई है। लगातार मिल रही शिकायतों के चलते रेलवे प्रशासन ने स्टेशन अधीक्षकों को जिम्मेदारी सौंप दी है। इसके चलते उरई समेत बांदा, चित्रकूट, ललितपुर, बबीना, मुरैना, ग्वालियर व दतिया जैसे स्टेशनों पर स्टेशन अधीक्षक के कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे के कंट्रोल रूम का एक और सेंटर बनाया जा रहा है। इन सेंटरों में सीपीयू, मानीटर, कीबोर्ड और दो बड़ी एलईडी लगाई जाएगी। जिसमें स्टेशन अधीक्षक सभी गतिविधियां देख सकेंगे।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर टेलीकॉम आरके अग्रवाल ने बताया कि इन स्टेशनों पर वैसे तो सीसीटीवी कैमरे की निगरानी की जिम्मेदारी आरपीएफ की है लेकिन अब रेलवे अधिकारियों के निर्देशानुसार स्टेशन अधीक्षक आफिस में भी एक और कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। कंट्रोल रूम के लिए उपकरण वाणिज्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। उनकी फिटिंग और देखरेख का काम उनका विभाग करेगा। जल्द ही उपकरण लगा दिए जाएंगे।
विज्ञापन
स्टेशन अधीक्षक एसके खरे का कहना है कि कंट्रोल रूम बनने सेे सफाई व्यवस्था के साथ-साथ कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। मटरगश्ती करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सबूत भी मिल सकेगा कि कर्मचारी ड्यूटी के वक्त क्या कर रहा था। यात्रियों की गतिविधियां भी कैद हो सकेगी। जो जरूरत के वक्त काम आएगी।
विज्ञापन
लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सफाई को लेकर आने वाले अधिकारी व आमयात्री नाराजगी जताते हैं। सफाई व्यवस्था अधिकांश बड़े स्टेशनों पर प्राइवेट एजेंसी के हवाले हो गई है। लगातार मिल रही शिकायतों के चलते रेलवे प्रशासन ने स्टेशन अधीक्षकों को जिम्मेदारी सौंप दी है। इसके चलते उरई समेत बांदा, चित्रकूट, ललितपुर, बबीना, मुरैना, ग्वालियर व दतिया जैसे स्टेशनों पर स्टेशन अधीक्षक के कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे के कंट्रोल रूम का एक और सेंटर बनाया जा रहा है। इन सेंटरों में सीपीयू, मानीटर, कीबोर्ड और दो बड़ी एलईडी लगाई जाएगी। जिसमें स्टेशन अधीक्षक सभी गतिविधियां देख सकेंगे।
विज्ञापन
सीनियर सेक्शन इंजीनियर टेलीकॉम आरके अग्रवाल ने बताया कि इन स्टेशनों पर वैसे तो सीसीटीवी कैमरे की निगरानी की जिम्मेदारी आरपीएफ की है लेकिन अब रेलवे अधिकारियों के निर्देशानुसार स्टेशन अधीक्षक आफिस में भी एक और कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। कंट्रोल रूम के लिए उपकरण वाणिज्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। उनकी फिटिंग और देखरेख का काम उनका विभाग करेगा। जल्द ही उपकरण लगा दिए जाएंगे।
विज्ञापन
स्टेशन अधीक्षक एसके खरे का कहना है कि कंट्रोल रूम बनने सेे सफाई व्यवस्था के साथ-साथ कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। मटरगश्ती करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सबूत भी मिल सकेगा कि कर्मचारी ड्यूटी के वक्त क्या कर रहा था। यात्रियों की गतिविधियां भी कैद हो सकेगी। जो जरूरत के वक्त काम आएगी।