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Jalaun News: अतिक्रमण से सिकुडीं सड़कें , राहगीर परेशान
Tue, 02 Jul 2024 03:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Tue, 02 Jul 2024 03:27 AM IST
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उरई। शहर की सब्जी मंडी अब अपने पांव पसार रही है। कभी गोपालगंज तक सीमित मंडी अब मौनी मंदिर तक पहुंच गई है। वहीं जो फुटपाथ और सड़क थी। उस पर सब्जी दुकानदारों का कब्जा हो गया है। इससे जाम की समस्या और अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है।
शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए मौजूदा सब्जी मंडी को हटाकर राठ रोड पुल के नीचे ले जाने की योजना नगर पालिका ने प्रस्तावित की थी। इसके तहत जो सड़क पर अतिक्रमण और जाम की समस्या थी। उससे निजात मिलने की उम्मीद जागी थी। नगर पालिका ने बकायदा इन दुकानदारों को गुमटी देने का भी फरमान कागजों में कैद किया था। उसके एवज में कुछ धनारिश दुकानदारों को देनी थी। उसके बदले में नगर पालिका उनको सुविधा देती, लेकिन ये योजना सिर्फ कागजों में और मीटिंग में खत्म हो गई। मंडी वहीं सीमित है। लगातार दुकानदारों की अराजकता और अतिक्रमण बढ़ रहा है।
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असुरक्षित हो रही मंडी की सड़क
सब्जी मंडी का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पांच से छह मुख्य सड़कों पर सब्जी दुकानदार अपना कब्जा जमाए हैं। जो अपनी ठिलिया या फट्टी बिछाकर कहीं भी खड़े और बैठ जाते हैं। इन रास्तों से बाइक और ई-रिक्शा निकलता है तो उन्हें बड़ी सावधानी से निकलना होता है। अगर कहीं भी सब्जी दुकानदार के बाइक या ई-रिक्शा लग जाता है तो दुकानदार मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। ये घटना रोजाना देखने को मिलती है। जबकि सब्जी दुकानदार सड़क तक कब्जा किए हुए हैं।
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नगर पालिका की ये थी योजना
नगर पालिका ने करीब पांच महीने पहले एक योजना तैयार की थी। इस योजना में जो सड़क पर सब्जी दुकानदार कब्जा किए हैं। उनको राठ रोड ओवर बि्रज के नीचे जगह दी जाती। नगर पालिका दुकानदारों को सीमेंट के चबूतरा बनाकर देती। सारी सुविधा दी जाती। करीब 80 दुकानदारों को इससे लाभ मिलता। सड़क से कब्जा हटता और जाम की समस्या से निजात मिलती। पांच महीने बीतने के बाद भी इस योजना पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ईओ के जाने के बाद नए ईओ ने इस योजना को भूली बात बता दी। जबकि इस योजना को लेकर दुकानदारों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट सहित कई अधिकारियों की बैठक हुई थी। जिसमें सहमति भी बनी थी।
वर्जन-
नगर पालिका के प्रभारी ईओ गणेश प्रसाद ने बताया कि इस योजना के तहत जाम की समस्या को खत्म करना था। कई चबूतरे बनाने थे, लेकिन ईओ के न होने से किसी भी योजना पर काम नहीं हो पा रहा है। ईओ के आने पर इस पर चर्चा की जाएगी।
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शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए मौजूदा सब्जी मंडी को हटाकर राठ रोड पुल के नीचे ले जाने की योजना नगर पालिका ने प्रस्तावित की थी। इसके तहत जो सड़क पर अतिक्रमण और जाम की समस्या थी। उससे निजात मिलने की उम्मीद जागी थी। नगर पालिका ने बकायदा इन दुकानदारों को गुमटी देने का भी फरमान कागजों में कैद किया था। उसके एवज में कुछ धनारिश दुकानदारों को देनी थी। उसके बदले में नगर पालिका उनको सुविधा देती, लेकिन ये योजना सिर्फ कागजों में और मीटिंग में खत्म हो गई। मंडी वहीं सीमित है। लगातार दुकानदारों की अराजकता और अतिक्रमण बढ़ रहा है।
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असुरक्षित हो रही मंडी की सड़क
सब्जी मंडी का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पांच से छह मुख्य सड़कों पर सब्जी दुकानदार अपना कब्जा जमाए हैं। जो अपनी ठिलिया या फट्टी बिछाकर कहीं भी खड़े और बैठ जाते हैं। इन रास्तों से बाइक और ई-रिक्शा निकलता है तो उन्हें बड़ी सावधानी से निकलना होता है। अगर कहीं भी सब्जी दुकानदार के बाइक या ई-रिक्शा लग जाता है तो दुकानदार मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। ये घटना रोजाना देखने को मिलती है। जबकि सब्जी दुकानदार सड़क तक कब्जा किए हुए हैं।
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नगर पालिका की ये थी योजना
नगर पालिका ने करीब पांच महीने पहले एक योजना तैयार की थी। इस योजना में जो सड़क पर सब्जी दुकानदार कब्जा किए हैं। उनको राठ रोड ओवर बि्रज के नीचे जगह दी जाती। नगर पालिका दुकानदारों को सीमेंट के चबूतरा बनाकर देती। सारी सुविधा दी जाती। करीब 80 दुकानदारों को इससे लाभ मिलता। सड़क से कब्जा हटता और जाम की समस्या से निजात मिलती। पांच महीने बीतने के बाद भी इस योजना पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ईओ के जाने के बाद नए ईओ ने इस योजना को भूली बात बता दी। जबकि इस योजना को लेकर दुकानदारों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट सहित कई अधिकारियों की बैठक हुई थी। जिसमें सहमति भी बनी थी।
वर्जन-
नगर पालिका के प्रभारी ईओ गणेश प्रसाद ने बताया कि इस योजना के तहत जाम की समस्या को खत्म करना था। कई चबूतरे बनाने थे, लेकिन ईओ के न होने से किसी भी योजना पर काम नहीं हो पा रहा है। ईओ के आने पर इस पर चर्चा की जाएगी।