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Jalaun News: बारिश बनी आफत, 40 गांवों में बाढ़ का संकट, नौ का संपर्क टूटा

Fri, 13 Sep 2024 02:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Fri, 13 Sep 2024 02:11 AM IST
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Rain becomes a disaster, 40 villages are in danger of flood
उरई। 48 घंटे के बाद भी बारिश बंद नहीं हुई है। पूरे जिले में चारों तरफ पानी ही पानी होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। नौ गांवों से संपर्क टूट गया है तो 40 गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। दो दिन से लोग घरों से बाहर नहीं निकले हैं।
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लगातार बारिश के चलते शहर में नालियां, नाले उफान पर हैं। आंबेडकर चौराहा, शहीद भगत सिंह चौराहा, कालपी बस स्टैंड, कोंच बस स्टैंड पर पानी सड़कों पर बह रहा है। शांतिनगर, तुफैलपुरवा, इंदिरानगर, उमरारखेरा, पाठकपुरा, नया मैकेनिक नगर, नया पटेलनगर, इंदिरा स्टेडियम के सामने, चुर्खी रोड, बघौरा का आधा हिस्सा पानी से डूबा हुआ है। चारों तरफ नालियों और सड़कों पर जलभराव है। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने शुक्रवार को 12वीं तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। कदौरा में भी बारिश से कई मोहल्लेवासी परेशान हुए।
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कालपी
संवाद के अनुसार, यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। देर शाम तक जलस्तर 104.00 मीटर दर्ज किया गया है। खतरे का निशान 108 मीटर पर है। आधा दर्जन गांवों से संपर्क टूट चुका है तो करीब 30 गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पिछले दो सालों में आई बाढ़ से इन गांवों में काफी नुकसान हुआ था। महेवा ब्लाक क्षेत्र के यमुना के तटवर्ती के अलावा नून नदी के किनारे बसे हुए गांव कीरतपुर, मैनूपुर, देवकली, गुढाखास, शेखपुरगुढा, हीरापुर, महेवा, पिपरौधा, सिकरी, सिमराशेखपुर, पड़री, निबहना, मंगरौल, दहेलखंड, जीतामऊ आदि गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। किसान इंद्रपाल सिंह, कैलाश सिंह, त्रिभुवन सिंह ने बताया कि फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। तहसीलदार अभिनव तिवारी ने बताया कि यमुना के तटवर्ती इलाकों में सात बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की गई हैं। कर्मचारियों को अलर्ट रहने के लिए कहा है।
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मुहम्मदाबाद
संवाद के अनुसार, बुधवार की रात से बेतवा नदी का वेग बढ़ने लगा। गुरुवार शाम चार बजे तक बेतवा का वेग खतरे के स्तर को पार कर गया है बेतवा नदी खतरे के निशान 121.644 मीटर पर पहुंच गई है। केंद्रीय जल आयोग के सहायक हरगोविंद पाल ने बताया कि बुधवार रात झांसी के पारीछा बांध से करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे नदी का जलस्तर 40 सेंटीमीटर प्रतिघंटे के हिसाब से बढ़ रहा है। आशंका जताई कि देर रात तक खतरे के ऊपर बहने लगेगी। खतरे को भांपते हुए बेतवा समीपवर्ती मुहाना, मकरेछा, बंधौली, गुढ़ा, कहटा, सिमिरिया, सैदनगर, कमठा, कोटरा, छोटी जैसारी, बड़ी जैसारी पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए हैं।

गुरुवार को बेतवा का वेग एक नजर में

समय स्थिति मीटर में
7 बजे सुबह 112.510
8 बजे 113.900

9 बजे 115.900

10 बजे 117.800
11 बजे 119.300

दोपहर 12 बजे 120.300
1 बजे 121.000

2 बजे 121.500
3 बजे 121.600

शाम 4 बजे 121.644
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