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Jalaun News: तीन साल बाद बिजली चोरी के मामलों में एक हजार से अधिक नोटिस
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उरई। बिजली चोरी के करीब तीन साल पुराने मामलों में अब कार्रवाई तेज होने से उपभोक्ताओं में खलबली मच गई है। वर्ष 2023 में दर्ज किए गए बिजली चोरी के मामलों में एंटी पावर थेफ्ट थाना पुलिस अब घर-घर पहुंचकर नोटिस तामील करा रही है।
पिछले दो माह में एक हजार से अधिक लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की बताई जा रही है, जिनमें जुर्माने और शमन शुल्क की रकम एक लाख रुपये से अधिक है। अचानक नोटिस मिलने से परेशान उपभोक्ता बिजली निगम के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
नोटिस मिलने के बाद कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली चोरी का मामला दर्ज होने के समय उनसे रुपये लेकर प्रकरण निपटाने की बात कही गई थी। उन्हें लगा था कि मामला खत्म हो गया है, लेकिन अब वर्षों बाद पुलिस का नोटिस मिलने से वे हैरान हैं।
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दूसरी ओर, एंटी पावर थेफ्ट थाना पुलिस संबंधित लोगों से शमन शुल्क और जुर्माना जमा करने की रसीदें मांग रही है। रसीदों के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि किन मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगाई जा सकती है और किनमें न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल करना पड़ेगा।
एंटी पावर थेफ्ट थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष रजनीकांत राजपूत ने बताया कि वर्ष 2023 में बिजली चोरी के करीब 5500 मामले दर्ज किए गए थे। न्यायालय के आदेश के क्रम में लंबित मामलों में नोटिस तामील कराने की कार्रवाई की जा रही है। पिछले दो माह में एक हजार से अधिक नोटिस रिसीव कराए जा चुके हैं। जिन लोगों के पास शमन शुल्क और जुर्माना जमा करने की रसीदें उपलब्ध हैं, उनके मामलों में नियमानुसार फाइनल रिपोर्ट लगाई जाएगी। जिन मामलों में भुगतान का प्रमाण नहीं मिलेगा, उनमें चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की जाएगी।
फर्जी रसीदों के मामले के बाद जांच का दायरा बढ़ा
बिजली चोरी के पुराने मामलों में रसीदों की जांच के बीच विभाग में कथित फर्जीवाड़े का मामला भी चर्चा में है। वर्ष 2023 में जालौन के रापटगंज मोहल्ले के एक उपभोक्ता को बिजली चोरी का प्रकरण निपटाने के लिए वितरण खंड द्वितीय से कथित तौर पर फर्जी रसीदें दिए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद विभाग ने मामले की जांच शुरू की थी। अब वितरण खंड प्रथम में भी इस तरह के मामलों की पड़ताल की जा रही है। नोटिस मिलने के बाद बिजली निगम के कार्यालय पहुंच रहे उपभोक्ताओं से भुगतान संबंधी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। जमा रसीदों और विभागीय रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित मामले में वास्तव में शमन शुल्क और जुर्माना जमा हुआ था या नहीं।
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पिछले दो माह में एक हजार से अधिक लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की बताई जा रही है, जिनमें जुर्माने और शमन शुल्क की रकम एक लाख रुपये से अधिक है। अचानक नोटिस मिलने से परेशान उपभोक्ता बिजली निगम के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
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नोटिस मिलने के बाद कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली चोरी का मामला दर्ज होने के समय उनसे रुपये लेकर प्रकरण निपटाने की बात कही गई थी। उन्हें लगा था कि मामला खत्म हो गया है, लेकिन अब वर्षों बाद पुलिस का नोटिस मिलने से वे हैरान हैं।
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दूसरी ओर, एंटी पावर थेफ्ट थाना पुलिस संबंधित लोगों से शमन शुल्क और जुर्माना जमा करने की रसीदें मांग रही है। रसीदों के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि किन मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगाई जा सकती है और किनमें न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल करना पड़ेगा।
एंटी पावर थेफ्ट थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष रजनीकांत राजपूत ने बताया कि वर्ष 2023 में बिजली चोरी के करीब 5500 मामले दर्ज किए गए थे। न्यायालय के आदेश के क्रम में लंबित मामलों में नोटिस तामील कराने की कार्रवाई की जा रही है। पिछले दो माह में एक हजार से अधिक नोटिस रिसीव कराए जा चुके हैं। जिन लोगों के पास शमन शुल्क और जुर्माना जमा करने की रसीदें उपलब्ध हैं, उनके मामलों में नियमानुसार फाइनल रिपोर्ट लगाई जाएगी। जिन मामलों में भुगतान का प्रमाण नहीं मिलेगा, उनमें चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की जाएगी।
फर्जी रसीदों के मामले के बाद जांच का दायरा बढ़ा
बिजली चोरी के पुराने मामलों में रसीदों की जांच के बीच विभाग में कथित फर्जीवाड़े का मामला भी चर्चा में है। वर्ष 2023 में जालौन के रापटगंज मोहल्ले के एक उपभोक्ता को बिजली चोरी का प्रकरण निपटाने के लिए वितरण खंड द्वितीय से कथित तौर पर फर्जी रसीदें दिए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद विभाग ने मामले की जांच शुरू की थी। अब वितरण खंड प्रथम में भी इस तरह के मामलों की पड़ताल की जा रही है। नोटिस मिलने के बाद बिजली निगम के कार्यालय पहुंच रहे उपभोक्ताओं से भुगतान संबंधी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। जमा रसीदों और विभागीय रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित मामले में वास्तव में शमन शुल्क और जुर्माना जमा हुआ था या नहीं।