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Jalaun News: गुलाबजल की आड़ में बना रहे थे करोड़ों की एमडी ड्रग्स, दो गिरफ्तार
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मुहम्मदाबाद (उरई)। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार तड़के डकोर कोतवाली क्षेत्र के ऐरी रमपुरा गांव में छापा मारा। यहां टिनशेड के नीचे गुलाबजल बनाने की आड़ में एमडी ड्रग्स तैयार होते मिला। टीम ने मौके से करीब 12.5 किलो एमडी ड्रग्स पकड़ी है, जिसकी बाजार में कीमत साढ़े चार करोड़ बनाई गई है।
पुलिस इस मामले में महाराष्ट्र सांगली जिले के कासेगांव निवासी संतोष गावली और हमीरपुर जिले के गोहांड निवासी हेमंत को गिरफ्तार किया है। वहीं फैक्टरी संचालक ऐरी रमपुरा गांव निवासी शैलेंद्र सिंह पाल फरार है।
टीम को मौके से दो ड्रम में कच्चा माल, बिना नंबर की कार, पानी का टैंकर, दो बाइकें और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी मिली है। जांच में सामने आया कि डकोर कोतवाली क्षेत्र के ऐरी रमपुरा गांव में करीब पांच माह पहले शैलेंद्र सिंह पाल के हाते में टिनशेड डालकर गुलाबजल बनाने का काम शुरू किया गया था। इसके लिए आसपास के गांवों से गुलाब के फूल खरीदे जाते थे। साथ ही बाहर से रसायन और लिक्विड यूरिया भी मंगाया जाता था। गुलाबजल बनाने की बात कहकर संचालित की जा रही फैक्टरी में कथित तौर पर एमडी ड्रग्स तैयार की जा रही थी। फूलों की खरीदारी और निर्माण कार्य की आड़ में चल रहे इस कारोबार की भनक ग्रामीणों तक को नहीं थी।
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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के सांगली जिले के कासेगांव निवासी संतोष गावली और हमीरपुर जिले के गोहांड निवासी हेमंत इस मामले में मुख्य रूप से सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि संतोष को पहले भी ड्रग्स बनाने के मामले में जेल जाना पड़ा था। जेल में ही उसकी मुलाकात हेमंत से हुई थी। हेमंत भी एक मामले में जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद दोनों के संपर्क बने और बाद में हेमंत उरई पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात शैलेंद्र सिंह पाल से हुई। इस पर उसी के खेत में कंपनी बनाई गई और व्यापार शुरू कर दिया गया। पुलिस ने संतोष, हेमंत को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें लखनऊ ले गई है।
मुंबई में नमूना लेकर पहुंचे तो खुला राज
सूत्रों के मुताबिक तैयार एमडी ड्रग्स का नमूना लेकर आरोपी मुंबई गए थे। वहां सौदे की कोशिश के दौरान किसी व्यक्ति ने डीआरआई को इसकी जानकारी दे दी। इसके बाद खुफिया टीम सक्रिय हुई और तीन दिन तक फैक्टरी की रेकी की गई। बृहस्पतिवार तड़के करीब पांच गाड़ियों से पहुंची टीम ने परिसर में छापा मारा। काफिले में कमांडो और कस्टम विभाग की गाड़ी भी शामिल बताई गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फैक्टरी में तीन गेट थे, लेकिन टीम के सदस्य सीधे अंदर दाखिल हो गए और आरोपियों को पकड़ लिया।
लखनऊ ले जाया जाएगा बरामद माल
संयुक्त टीम ने मौके से एमडी ड्रग्स बरामद होने की जानकारी दी है। बरामद सामग्री को लखनऊ ले जाया जाएगा और वहीं मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। टीम के सदस्य फिलहाल जांच और पूछताछ में जुटे हैं।
- डॉ. ईशान सोनी, अपर पुलिस अधीक्षक
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पुलिस इस मामले में महाराष्ट्र सांगली जिले के कासेगांव निवासी संतोष गावली और हमीरपुर जिले के गोहांड निवासी हेमंत को गिरफ्तार किया है। वहीं फैक्टरी संचालक ऐरी रमपुरा गांव निवासी शैलेंद्र सिंह पाल फरार है।
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टीम को मौके से दो ड्रम में कच्चा माल, बिना नंबर की कार, पानी का टैंकर, दो बाइकें और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी मिली है। जांच में सामने आया कि डकोर कोतवाली क्षेत्र के ऐरी रमपुरा गांव में करीब पांच माह पहले शैलेंद्र सिंह पाल के हाते में टिनशेड डालकर गुलाबजल बनाने का काम शुरू किया गया था। इसके लिए आसपास के गांवों से गुलाब के फूल खरीदे जाते थे। साथ ही बाहर से रसायन और लिक्विड यूरिया भी मंगाया जाता था। गुलाबजल बनाने की बात कहकर संचालित की जा रही फैक्टरी में कथित तौर पर एमडी ड्रग्स तैयार की जा रही थी। फूलों की खरीदारी और निर्माण कार्य की आड़ में चल रहे इस कारोबार की भनक ग्रामीणों तक को नहीं थी।
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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के सांगली जिले के कासेगांव निवासी संतोष गावली और हमीरपुर जिले के गोहांड निवासी हेमंत इस मामले में मुख्य रूप से सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि संतोष को पहले भी ड्रग्स बनाने के मामले में जेल जाना पड़ा था। जेल में ही उसकी मुलाकात हेमंत से हुई थी। हेमंत भी एक मामले में जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद दोनों के संपर्क बने और बाद में हेमंत उरई पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात शैलेंद्र सिंह पाल से हुई। इस पर उसी के खेत में कंपनी बनाई गई और व्यापार शुरू कर दिया गया। पुलिस ने संतोष, हेमंत को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें लखनऊ ले गई है।
मुंबई में नमूना लेकर पहुंचे तो खुला राज
सूत्रों के मुताबिक तैयार एमडी ड्रग्स का नमूना लेकर आरोपी मुंबई गए थे। वहां सौदे की कोशिश के दौरान किसी व्यक्ति ने डीआरआई को इसकी जानकारी दे दी। इसके बाद खुफिया टीम सक्रिय हुई और तीन दिन तक फैक्टरी की रेकी की गई। बृहस्पतिवार तड़के करीब पांच गाड़ियों से पहुंची टीम ने परिसर में छापा मारा। काफिले में कमांडो और कस्टम विभाग की गाड़ी भी शामिल बताई गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फैक्टरी में तीन गेट थे, लेकिन टीम के सदस्य सीधे अंदर दाखिल हो गए और आरोपियों को पकड़ लिया।
लखनऊ ले जाया जाएगा बरामद माल
संयुक्त टीम ने मौके से एमडी ड्रग्स बरामद होने की जानकारी दी है। बरामद सामग्री को लखनऊ ले जाया जाएगा और वहीं मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। टीम के सदस्य फिलहाल जांच और पूछताछ में जुटे हैं।
- डॉ. ईशान सोनी, अपर पुलिस अधीक्षक