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जालौन : बाढ़ से तिल की फसल खराब होने और कर्ज के तनाव में किसान ने दी जान
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कदौरा (जालौन)। रैला गांव में मंगलवार की रात किसान रामकरन (55) ने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजन का कहना है कि बाढ़ से तिल की फसल बर्बाद होने और कर्ज व ट्रैक्टर की किस्त जमा न करने पाने की वजह से वह तनाव में रहते थे। पुलिस व प्रशासन मामले की जांच करने की बात कह रहे हैं।
रैला गांव निवासी जयकरन ने बताया कि उनके भाई रामकरन के नाम पर 15 बीघा जमीन है। उन्होंने कुछ साल पहले साढ़े तीन लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था। कर्ज लेकर ट्रैक्टर लिया था। इसकी हर माह करीब दस हजार की किस्त वह भर रहे थे। पिछले दिनों आई बाढ़ से उसके खेतों में बोई गई करीब 11 बीघा तिल की फसल बर्बाद हो गई थी।
इस वजह से किस्त और कर्ज की अदायगी को लेकर वह तनाव में रहते थे। जयकरन ने बताया कि तीन दिनों से भाई किसी से ज्यादा बात नहीं कर रहे थे। रात में वह गांव में ही एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहां से आकर आत्मघाती कदम उठा लिया। बताया कि भाई कारीगरी भी करते थे। उनके दो बेटे विक्रम व भागीरथ हैं।
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भाई जयकरन ने बताया कि भाई ने करीब 70 हजार रुपये लगाकर 11 बीघे में तिल की फसल बोई थी। फसल बर्बाद नहीं होती तो करीब तीन लाख रुपये की आय हो जाती। मार्च माह में फसल बीमा का नवीनीकरण कराया था। खराब फसल का अभी सर्वे किया जा रहा है।
थाना प्रभारी प्रभात कुमार सिंह का कहना है कि परिजन ने कुछ दिन से तनाव में होने की बात कही है। जांच की जा रही है। उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि अगर किसान की मौत फसल बर्बाद होने के कारण हुई है, तो जांच कर हर संभव मदद दी जाएगी।
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रैला गांव निवासी जयकरन ने बताया कि उनके भाई रामकरन के नाम पर 15 बीघा जमीन है। उन्होंने कुछ साल पहले साढ़े तीन लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था। कर्ज लेकर ट्रैक्टर लिया था। इसकी हर माह करीब दस हजार की किस्त वह भर रहे थे। पिछले दिनों आई बाढ़ से उसके खेतों में बोई गई करीब 11 बीघा तिल की फसल बर्बाद हो गई थी।
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इस वजह से किस्त और कर्ज की अदायगी को लेकर वह तनाव में रहते थे। जयकरन ने बताया कि तीन दिनों से भाई किसी से ज्यादा बात नहीं कर रहे थे। रात में वह गांव में ही एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहां से आकर आत्मघाती कदम उठा लिया। बताया कि भाई कारीगरी भी करते थे। उनके दो बेटे विक्रम व भागीरथ हैं।
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भाई जयकरन ने बताया कि भाई ने करीब 70 हजार रुपये लगाकर 11 बीघे में तिल की फसल बोई थी। फसल बर्बाद नहीं होती तो करीब तीन लाख रुपये की आय हो जाती। मार्च माह में फसल बीमा का नवीनीकरण कराया था। खराब फसल का अभी सर्वे किया जा रहा है।
थाना प्रभारी प्रभात कुमार सिंह का कहना है कि परिजन ने कुछ दिन से तनाव में होने की बात कही है। जांच की जा रही है। उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि अगर किसान की मौत फसल बर्बाद होने के कारण हुई है, तो जांच कर हर संभव मदद दी जाएगी।