फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Increased trouble with gas wells, food becoming wooden delicacies at weddings and hotels

Jalaun News: गैस की किल्लत से बढ़ी परेशानी, शादियों और होटलों में लकड़ी के सहारे बन रहा खाना

Sun, 15 Mar 2026 11:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:50 PM IST
विज्ञापन
Increased trouble with gas wells, food becoming wooden delicacies at weddings and hotels
उरई। क्षेत्र में घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की किल्लत से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि शादियों और अन्य कार्यक्रमों में भी गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। लोगों को लकड़ी और कंडों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं होटल संचालक भी महंगी लकड़ी खरीदकर किसी तरह अपना काम चला रहे हैं।
विज्ञापन

रामपुरा के व्यापारी दीपक कुमार द्विवेदी ने बताया कि उनके बेटे की शादी अप्रैल में होनी है लेकिन अभी से गैस सिलिंडर की चिंता सताने लगी है। सिलिंडर की व्यवस्था नहीं हो पा रही है, अब मेहमानों की संख्या कम करने और खाना बनाने के लिए लकड़ी की व्यवस्था करने की योजना बनानी पड़ रही है।
विज्ञापन

इसी तरह राजेश शिवहरे की बेटी की शादी शनिवार को थी। उन्होंने बताया कि काफी प्रयासों के बाद केवल पांच सिलिंडर ही मिल सके। इसके बाद खाना बनाने के लिए अलग से भट्ठियां बनवानी पड़ीं और लकड़ी की व्यवस्था करनी पड़ी, तब कहीं जाकर भोजन बन सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरावन क्षेत्र में भी गैस वितरण को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुबोध गैस एजेंसी माधौगढ़ और सिद्धार्थ गैस एजेंसी ऊमरी ग्रामीण जखा के सिलिंडर वितरण में बिचौलियों का बोलबाला है जिसके कारण आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
उधर, सिरसा कलार क्षेत्र के मिहोलिया इंडेन गैस एजेंसी जखा में करीब 15 दिनों से गैस नहीं पहुंची थी। रविवार सुबह गैस पहुंचते ही एजेंसी पर लोगों की भारी भीड़ लग गई और उपभोक्ताओं को लाइन लगाकर सिलिंडर दिए गए।
वहीं द्विवेदी भारत गैस एजेंसी सिरसा कलार के संचालक पुष्पेंद्र द्विवेदी ने बताया कि उनके यहां गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और सभी उपभोक्ताओं को सिलिंडर दिए जा रहे हैं, इसलिए यहां ज्यादा भीड़ नहीं है।
सिरसा कलार निवासी कोमल यादव ने बताया कि सोमवार को उनके बाबा की तेरहवीं है लेकिन सिलिंडर न मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में गांव के लोगों से खाली सिलिंडर उधार मांगकर व्यवस्था करनी पड़ी। लकड़ी का भी इंतजाम करना पड़ा है।
गैस की किल्लत का असर होटल कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। होटल संचालक गुड्डू ने बताया कि पहले लकड़ी करीब 400 से 450 रुपये प्रति क्विंटल मिलती थी लेकिन गैस की कमी के बाद इसकी कीमत बढ़कर 650 से 700 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। मजबूरी में महंगी लकड़ी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। समोसा और गुजिया पुराने दामों पर ही बेचना पड़ रहा है ताकि ग्राहक कम न हो जाएं।
स्थानीय लोगों राजू, मोहित और रोहित का कहना है कि पहले कई जगह दो समोसे 15 रुपये में मिल जाते थे, लेकिन अब वही दो समोसे 20 रुपये में मिल रहे हैं। उनका मानना है कि गैस की किल्लत के कारण खाने-पीने की चीजों के दाम भी धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं।

होटल संचालक शीलू चौरसिया ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर महंगे दामों पर भी नहीं मिल रहा है। गैस की कमी के कारण कारोबार पर काफी असर पड़ा है और दुकान बंद होने की नौबत आ गई है। लकड़ी बेचने वाले भी बढ़े हुए दामों पर ही लकड़ी दे रहे हैं, जिससे व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed